अगर आपका पुराना लैपटॉप बार-बार हैंग हो रहा है या प्रोग्राम खुलने में ज्यादा समय ले रहे हैं, तो सबसे पहले गैर-जरूरी फाइलों और ऐप्स को हटाएं.
लैपटॉप की स्टोरेज में ज्यादा जगह भर जाने से भी उसकी परफॉर्मेंस प्रभावित हो सकती है, इसलिए अनावश्यक वीडियो, डाउनलोड और फाइलों को डिलीट करें.
अगर लैपटॉप में HDD लगी है, तो उसे SSD से अपग्रेड करना सबसे असरदार तरीकों में से एक हो सकता है, जिससे बूटिंग और ऐप्स खुलने की स्पीड काफी बेहतर हो सकती है.
लैपटॉप के स्टार्ट होते ही अपने आप खुलने वाले गैर-जरूरी ऐप्स को बंद करें क्योंकि ये बैकग्राउंड में सिस्टम के संसाधनों का इस्तेमाल करते रहते हैं.
लंबे समय से इस्तेमाल किए जा रहे लैपटॉप में धूल जमा होने से हीटिंग बढ़ सकती है, इसलिए वेंट और कूलिंग सिस्टम की सफाई करवाना भी जरूरी है.
साथ ही ऑपरेटिंग सिस्टम और जरूरी ड्राइवरों को अपडेट रखें क्योंकि पुराने सॉफ्टवेयर में परफॉर्मेंस और सिक्योरिटी से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं.
अगर RAM बहुत कम है और लैपटॉप का हार्डवेयर अपग्रेड सपोर्ट करता है, तो RAM बढ़ाने से मल्टीटास्किंग बेहतर हो सकती है.
इन आसान उपायों को अपनाने के बाद भी लैपटॉप बहुत धीमा है, तो बैटरी, स्टोरेज ड्राइव या दूसरे हार्डवेयर की जांच करवाना बेहतर रहेगा.
ध्यान रखें कि हर पुराने लैपटॉप में RAM या SSD अपग्रेड संभव नहीं होता, इसलिए खरीदने या अपग्रेड कराने से पहले अपने मॉडल की क्षमता जरूर जांचें.
यानी नया लैपटॉप खरीदने से पहले इन 5 तरीकों को आजमाकर देखें, संभव है कि आपका पुराना लैपटॉप ही पहले से काफी तेज हो जाए.