Swiggy Delivery Agent Accident Video: आंध्र प्रदेश से सामने आई एक ताज़ा घटना ने गिग इकॉनमी में काम करने वाले डिलीवरी एजेंट्स की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है. यह मामला दिखाता है कि यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू की गई सेवाएं कभी-कभी फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों की जान पर भारी पड़ सकती हैं. स्विगी से जुड़े एक डिलीवरी एजेंट के साथ हुआ हादसा इसी कड़वी सच्चाई को उजागर करता है.
ट्रेन फूड डिलीवरी की सुविधा और इसके छिपे जोखिम
यह घटना अनंतपुर रेलवे स्टेशन की बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, प्रशांति एक्सप्रेस ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच में सफर कर रहे एक यात्री ने ट्रेन फूड डिलीवरी सेवा के जरिए खाना ऑर्डर किया था. स्विगी और जोमैटो जैसी कंपनियां PNR नंबर के माध्यम से यात्रियों को ट्रेन में खाना मंगवाने की सुविधा देती हैं. यह सुविधा यात्रियों के लिए बेहद आसान है, लेकिन कम स्टॉपेज और समय के दबाव में डिलीवरी एजेंट्स को जिन जोखिमों का सामना करना पड़ता है, वह इस घटना में साफ नजर आया.
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कम ठहराव, ज्यादा दबाव और बड़ा हादसा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनंतपुर स्टेशन पर प्रशांति एक्सप्रेस का ठहराव बहुत कम समय के लिए होता है. इसी सीमित समय में डिलीवरी एजेंट को प्लेटफॉर्म से फर्स्ट एसी कोच तक पहुंचकर खाना देना था. एजेंट ने किसी तरह यात्री तक खाना पहुंचा दिया, लेकिन जैसे ही वह ट्रेन से सुरक्षित उतरने की कोशिश कर रहा था, ट्रेन ने रफ्तार पकड़ ली. जल्दबाजी और दबाव में उतरते वक्त उसका संतुलन बिगड़ गया और वह चलती ट्रेन से प्लेटफॉर्म पर गिर पड़ा.
वायरल हुआ दिल दहला देने वाला वीडियो
इस पूरे हादसे का वीडियो स्टेशन पर मौजूद एक व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. वीडियो में साफ दिखाई देता है कि डिलीवरी एजेंट ट्रेन से उतरने की कोशिश करता है और अचानक प्लेटफॉर्म पर गिर जाता है. यह दृश्य देखने वालों के लिए बेहद डरावना था.
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कई यूजर्स ने रेलवे के कम ठहराव समय पर सवाल उठाए, तो कई ने गिग इकॉनमी में काम करने वाले डिलीवरी एजेंट्स की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई. लोगों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा के नाम पर गिग वर्कर्स रोज अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम नहीं किए जा रहे.
पूरे सिस्टम पर खड़े हुए सवाल
यह हादसा सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है. क्या ट्रेन फूड डिलीवरी जैसी सेवाओं के लिए स्पष्ट और सुरक्षित गाइडलाइंस मौजूद हैं? क्या रेलवे, प्लेटफॉर्म प्रशासन और डिलीवरी कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत नहीं है?
सबसे अहम सवाल यही है कि तेज सेवा और यात्रियों की सुविधा के चक्कर में कहीं गिग वर्कर्स की सुरक्षा को नजरअंदाज तो नहीं किया जा रहा.

