Road safety in Winters: सर्दियों का मौसम जितना सुहावना होता है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है- खासतौर पर सड़क पर. ठंड के दिनों में कोहरा, फिसलन, कम विजिबिलिटी और शरीर की सुस्ती मिलकर एक्सीडेंट का खतरा कई गुना बढ़ा देते हैं. हर साल सर्दियों में सड़क दुर्घटनाओं के मामले अचानक बढ़ जाते हैं, जिनमें ज़्यादातर हादसे थोड़ी-सी लापरवाही के कारण होते हैं. ऐसे में अगर कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखा जाए, तो ठंड के मौसम में भी सफर सुरक्षित बनाया जा सकता है.
कोहरा: सबसे बड़ा खतरा
ठंड में सुबह और रात के समय घना कोहरा छा जाता है, जिससे आगे की सड़क दिखाई देना मुश्किल हो जाता है. ऐसे समय तेज़ रफ्तार जानलेवा साबित हो सकती है. वाहन चलाते समय स्पीड कम रखें और लो बीम हेडलाइट का इस्तेमाल करें. हाई बीम लाइट कोहरे में रोशनी लौटाकर आंखों को चकाचौंध कर देती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है. फॉग लाइट हों तो उनका उपयोग जरूर करें.
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दूरी और धैर्य है ज़रूरी
सर्दियों में ब्रेक लगाने पर गाड़ी फिसलने का खतरा अधिक होता है. इसलिए आगे चल रहे वाहन से सामान्य दिनों की तुलना में दोगुनी दूरी बनाए रखें. अचानक ब्रेक या तेज़ मोड़ लेने से बचें. याद रखें, ठंड में सड़क आपकी सोच से ज़्यादा फिसलन भरी हो सकती है.
शरीर की सुस्ती भी बनती है कारण
ठंड के कारण शरीर सुस्त हो जाता है और रिएक्शन टाइम धीमा पड़ जाता है. नींद या आलस्य की हालत में गाड़ी चलाना खतरनाक हो सकता है. लंबी यात्रा से पहले पर्याप्त नींद लें और अगर थकान महसूस हो, तो थोड़ी देर रुककर आराम जरूर करें.
वाहन की तैयारी न भूलें
सर्दियों से पहले वाहन की जांच बेहद ज़रूरी है. टायरों की ग्रिप, ब्रेक, बैटरी और वाइपर ठीक से काम कर रहे हों, यह सुनिश्चित करें. शीशों पर जमी धुंध या बर्फ को पूरी तरह साफ किए बिना गाड़ी न चलाएं. अंदर की फॉगिंग हटाने के लिए डी-फॉगर का सही इस्तेमाल करें.
दोपहिया और पैदल यात्रियों के लिए सलाह
दोपहिया वाहन चलाते समय गर्म कपड़ों के साथ हेलमेट ज़रूर पहनें. हाथों में दस्ताने और पैरों में सही जूते होने चाहिए ताकि वाहन पर नियंत्रण बना रहे. पैदल चलने वालों को गहरे या चमकीले रंग के कपड़े पहनने चाहिए, ताकि वे दूर से दिखाई दें.
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सही समय का चुनाव करें
अगर संभव हो, तो कोहरे के घने समय सुबह तड़के और देर रात यात्रा से बचें. मौसम की जानकारी लेकर ही घर से निकलें. कभी-कभी देर से पहुंचना, सुरक्षित पहुंचने से बेहतर नहीं होता.
ठंड में एक्सीडेंट से बचाव किसी एक नियम से नहीं, बल्कि कई छोटी-छोटी सावधानियों से संभव है. धीमी रफ्तार, सही दूरी, सतर्कता और वाहन की तैयारी, यही चार मंत्र आपको सुरक्षित रख सकते हैं. याद रखें, सड़क पर आपकी थोड़ी-सी समझदारी न सिर्फ आपकी, बल्कि दूसरों की जिंदगी भी बचा सकती है.

