Lifestyle Tips: आजकल के माता-पिता अपने बच्चों को लेकर बहुत एक्टिव रहते हैं. ज्यादातर पैरेंट्स चाहते हैं कि उनका बच्चा बीमार न पड़े, हमेशा स्वस्थ और तंदरुस्त रहे. इन्हीं सारी वजहों के चलते वे अपने बच्चों को गंदगी, मिट्टी और धूल से दूर रखने की कोशिश करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि मिट्टी में खेलना बच्चों की इम्यूनिटी पावर बढ़ाने का एक नेचुरल और बेहद असरदार तरीका है.
दरअसल, इम्यूनिटी मतलब शरीर की वह क्षमता, जिससे हर कोई बीमारियों से लड़ता है. जब शरीर के अंदर बैक्टीरिया, वायरस या कोई हानिकारक तत्व घुसता है, तो इम्यून सिस्टम उसे पहचानकर नष्ट कर देता है. दूसरी तरफ जिन बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत होती है, वे बार-बार सर्दी, खांसी, बुखार जैसी बीमारियों का शिकार नहीं होते. वहीं, कमजोर इम्यूनिटी वाले बच्चे जल्दी बीमार पड़ जाते हैं.
अगर आप अपने बचपन को याद करें तो शायद आपने भी मिट्टी में खेला होगा. गड्ढे खोदना, किले बनाना, मिट्टी के बर्तन बनाना, यहां तक कि बरसात में कीचड़ में फिसलना… ये नज़ारे तो आजकल बहुत कम हो गए हैं क्योंकि माता-पिता बच्चों को मिट्टी से दूर रखते हैं. वहीं, पुराने समय के बच्चे ज्यादा मजबूत होते थे और कम बीमार पड़ते थे. इसका एक बड़ा कारण है कि वे नेचुरल माहौल में मिट्टी, धूल और पेड़-पौधों के बीच खेलते थे.
मिट्टी में छिपे होते हैं गुड बैक्टीरिया
एक्सपर्ट्स के अनुसार, मिट्टी में करोड़ों तरह के सूक्ष्म जीव यानीकी माइक्रोब्स होते हैं. इनमें से बहुत सारे गुड बैक्टीरिया होते हैं, जो हमारे शरीर के लिए हानिकारक नहीं बल्कि फायदेमंद हैं. जब बच्चा मिट्टी में खेलता है तो यह माइक्रोब्स उसके शरीर में पहुंचते हैं. शरीर का इम्यून सिस्टम इन्हें पहचानता है और उनसे लड़ना सीखता है. यही प्रैक्टिस बच्चों की इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में सहायत करती है.
एलर्जी और मिट्टी का कनेक्शन
आजकल बच्चों में एलर्जी, अस्थमा और स्किन प्रॉब्लम्स बहुत बढ़ रही हैं. इसकी एक बड़ी वजह है कि बच्चे बहुत क्लीन और सुरक्षित माहौल में पलते हैं.
इस थ्योरी को हाइजीन हाइपोथेसिस कहा जाता है. जो बच्चे ज्यादा साफ-सुथरे और स्टरलाइज़ माहौल में पलते हैं, उनमें एलर्जी ज्यादा होती है. जो बच्चे मिट्टी, पालतू जानवरों और बाहर खेलने वाली एक्टिविटीज़ से जुड़े रहते हैं, उनमें इम्यूनिटी बेहतर होती है.
मिट्टी में खेलने के और फायदे
मिट्टी में खेलना ज्यादातर बाहर धूप में होता है. धूप से बच्चों को विटामिन D मिलता है, जो हड्डियों और इम्यून सिस्टम दोनों के लिए जरूरी है.
मिट्टी में खेलते समय बच्चे दौड़ते-भागते हैं, खुदाई करते हैं, कूदते हैं. ये सारी एक्टिविटीज शरीर को मजबूत बनाती हैं और ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाती हैं.
मिट्टी से जुड़ाव बच्चों में क्रिएटिविटी लाता है. वे छोटे-छोटे घर, खिलौने और आकृतियां बनाते हैं. साथ ही मिट्टी में खेलने से बच्चों के हैप्पी हार्मोन बढ़ते हैं, जिससे वे तनाव से दूर रहते हैं.
Lifestyle News: बच्चों की इम्यूनिटी पावर मजबूत करने के लिए उन्हें कौन सी एक्टिविटीज करने दें?
नेचर से कनेक्शन
मिट्टी में खेलने वाले बच्चे प्रकृति को ज्यादा करीब से समझते हैं. वे पौधों, कीड़ों और पर्यावरण का महत्व समझते हैं.
इन बातों का ध्यान रखें पैरेंट्स
यह सच है कि हर मिट्टी साफ नहीं होती. कहीं-कहीं मिट्टी में हानिकारक कीटाणु या केमिकल भी हो सकते हैं. इसलिए बच्चों को ऐसी जगह मिट्टी में न खेलने दें, जहां कचरा, प्लास्टिक या केमिकल्स मिले हों. खेलने के बाद बच्चों के हाथ-पैर और नाखून अच्छी तरह साबुन से धुलवाएं. बहुत छोटे बच्चों को मिट्टी मुंह में डालने से रोकें. अगर बच्चे को पहले से कोई एलर्जी या स्किन इंफेक्शन है तो डॉक्टर की सलाह लें.
क्या कहती है मॉडर्न साइंस
कई Research यह साबित कर चुके हैं कि मिट्टी में खेलने वाले बच्चों की इम्यूनिटी उन बच्चों से ज्यादा अच्छी होती है, जो हमेशा इनडोर रहते हैं. गांवों के बच्चे शहरों के बच्चों की तुलना में कम एलर्जिक होते हैं, क्योंकि उनका जीवन मिट्टी और प्रकृति से जुड़ा होता है. डॉक्टर्स भी मानते हैं कि बच्चों को ज्यादा से ज्यादा नेचुरल वातावरण देना चाहिए.
माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों को पूरी तरह मिट्टी से न रोकें बल्कि उन्हें सेफ और क्लीन जगह पर मिट्टी से जुड़ने का मौका दें.
बगीचे में पौधों के साथ खेलना
मिट्टी के खिलौने बनाना
गमलों में पौधे लगाना
ये सब एक्टिविटीज़ बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें खुश और एक्टिव रखती हैं. मिट्टी में खेलना गंदगी नहीं, बल्कि बच्चों की सेहत और भविष्य की सुरक्षा है.