Rajasthan Weather Update: राजस्थान में नए साल 2026 की शुरुआत मौसम के बदले मिजाज के साथ हुई. शुक्रवार सुबह से ही प्रदेश के कई जिलों में अचानक मौसम ने करवट ली. टोंक, भीलवाड़ा, सीकर और झालावाड़ में अलसुबह हल्की मावठ दर्ज की गई, जिससे ठंड का असर और तेज हो गया. मावठ के बाद कई इलाकों में घना कोहरा छा गया, जिसने आम जनजीवन को प्रभावित किया.
सुबह के समय कई जगहों पर विजिबिलिटी 10 मीटर से भी कम दर्ज की गई. हालात ऐसे रहे कि वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा. कोहरे और तापमान में आई गिरावट के कारण लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा.
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में तापमान में भी स्पष्ट गिरावट दर्ज की गई है. अधिकतम तापमान जैसलमेर में 25.5 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान सीकर में 4.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. झालावाड़ जिले में मौसम का बदला हुआ रूप साफ नजर आया. राज्य के कई क्षेत्रों में रिमझिम बारिश हुई, जिससे ठंडी हवाओं के साथ सर्दी और बढ़ गई.
ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा
सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए. ग्रामीण और शहरी इलाकों में ठंड से बचाव के लिए कई स्थानों पर अलाव जलाए गए. पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जालौर जिले के भीनमाल क्षेत्र में भी मावठ के बाद घना कोहरा छा गया. तापमान में गिरावट के साथ ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है.
बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी
मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि अगले 2 से 3 दिनों तक प्रदेश में कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है. इस दौरान कई स्थानों पर विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम रहने की आशंका है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है. वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. किसानों के लिए यह मावठ फसलों के लिहाज से लाभकारी मानी जा रही है. बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी, जिससे रबी की फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है.
पश्चिमी राजस्थान में हल्की बूंदाबांदी
पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की बूंदा-बांदी भी देखने को मिली. वहीं जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में भी हल्की मावठ दर्ज की गई, जबकि प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहा.
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में दिन के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है. विभाग की डेली डेटा रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को राज्य में कहीं-कहीं हल्का कोहरा दर्ज किया गया, जबकि पश्चिमी राजस्थान में एक-दो स्थानों पर हल्की बूंदा-बांदी हुई. प्रदेश में आर्द्रता का स्तर 67 से 100 प्रतिशत के बीच दर्ज किया गया, जो कोहरे के घने होने का प्रमुख कारण बना.
नए साल की शुरुआत में राजस्थान में ठंड, कोहरा और मावठ का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है और अगले कुछ दिन सर्दी से राहत मिलने के आसार कम हैं.

