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Business Idea: 5 साल तक तिजोरी भरेगी नेपियर घास! एक बार खेती कर कमाएं तगड़ा पैसा

Business Idea: आजकल हर कोई चाहता है कि वह कोई ऐसा बिजनेस शुरू करें, जिसमें कम पैसा लगे और तगड़ी कमाई हो. कम पैसे को इन्वेस्ट करके शानदार कमाई का आईडिया हर किसी के दिमाग में चलता रहता है लेकिन अगर आप इसे वाकई में साकार करना चाहते हैं तो आज आपको Readmeloud.com के बिजनेस आईडिया क्षेत्र में एक बेहतरीन आईडिया बताने जा रहे हैं. इस बिजनेस में आप कम समय में लाखों रुपये की कमाई कर सकते हैं. यह बिजनेस है नेपियर घास की खेती का. दरअसल नेपियर घास पशुओं के लिए बेहद लाभदायक मानी जाती है. जो दुधारू पशु इस घास का सेवन करते हैं, उससे बढ़ता है.

खास बात तो यह है कि अगर नेपियर घास की खेती की जाती है तो एक बार बुवाई करने के बाद लगभग 5 साल तक इस आराम से काटा जा सकता है. आजकल तो सीएनजी और कोयला बनाने की तकनीक पर नेपियर घास का काम तेजी से चल रहा है. किसान कम खर्चे में शानदार कमाई कर रहे हैं. आपको बता दें कि नेपियर घास को हाथी घास भी कहा जाता है.

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कैसे लगती है नेपियर घास
अगर आप पैसे कमाने की चाह रखते हैं तो आपको नेपियर घास की खेती जरूर करनी चाहिए. नेपियर घास की खेती किसी भी मौसम में की जा सकती है. इसे सर्दी, गर्मी या बारिश किसी भी मौसम में शुरू किया जा सकता है. दरअसल जब बाकी हरा चारा नहीं होता है तो उस समय नेपियर घास की अहमियत काफी बढ़ जाती है. नेपियर घास यानी कि हाथी घास को बोने के लिए डंठल का प्रयोग किया जाता है. इसे नेपियर स्टिक कहते हैं. इन स्टिक्स को खेत में डेढ़ से 2 फीट की दूरी पर रोपते हैं. करीब एक बीघा जमीन में 4000 डेंटल की आवश्यकता पड़ती है. नेपियर घास के डंठल को आप जुलाई से अक्टूबर, फरवरी मार्च में बो सकते हैं. इसके बीज नहीं होते हैं.

नेपियर घास से होने वाली कमाई
अगर आप कम लागत में शानदार कमाई करना चाहते हैं तो नेपियर घास लगाकर और फिर उससे मिलने वाले डेंटल को बेचकर भी तगड़ी कमाई कर सकते हैं. अगर इसकी खेती की जाती है तो पूरे साल भर चारे की कमी नहीं होती है. ऐसे में किसानों के लिए यह बहुत ही फायदेमंद है. इस घास की खेती के लिए कई राज्यों में तो सब्सिडी भी उपलब्ध करवाई जाती है. उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, असम, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, हरियाणा, मध्य प्रदेश और केरल में भी इसकी खेती की जाती है.

थाईलैंड से नेपियर घास का कनेक्शन
नेपियर घास गन्ने की तरह दिखती है और यह मूल रूप से थाईलैंड में उगने वाली घास कही जाती है. इसका आकार बहुत बड़ा होता है. इसकी वजह से इसे हाथी घास भी कहते हैं. यह किसान और पशुपालकों के लिए आर्थिक रूप से काफी लाभदायक है. इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व दुधारू पशुओं को स्वस्थ रखती है और इससे उनमें दूध का उत्पादन बढ़ता है.

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क्या है नेपियर घास
सभी जानते हैं कि हर मौसम में हरा चारा उपलब्ध नहीं होता है. ऐसे में पशुपालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. मक्का, बरसीम, ज्वार जैसी फसलों से केवल तीन से चार महीना तक ही जानवरों को हरा चारा मिलता है. वहीं, अगर नेपियर घास की खेती की जाए तो हरे चारे की समस्या 5 से 10 साल के लिए लगभग खत्म ही हो जाती है. जानकारी के अनुसार, नेपियर घास बाजार के हाइब्रिड वैरायटी है. यह बंजर जमीन पर भी उग सकती है. इतना ही नहीं, इसे मेड़ों पर भी उगाया जा सकता है और इस खास में केवल पानी दिया जाता है. नेपियर घास 20 से 25 दिन में बनकर तैयार हो जाती है और इसका उत्पादन प्रति एकड़ लगभग 300 से 400 क्विंटल होता है. एक बार जब उसकी कटाई कर दी जाती है तो उसकी शाखाएं और ज्यादा फैलने लगती हैं.

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