हिंदुओं में शक्ति की पूजा के साल में चार पर्व नवरात्रि के रूप में मनाए जाते हैं. नवरात्रि के नौ दिनों में भक्तों द्वारा मां दुर्गा की उपासना, आराधना की जाती है. साथ ही उन्हें हर रोज अलग-अलग स्वरूप के तहत अलग-अलग तरह के पुष्प और नैवेद्य अर्पित किया जाता है.
ऐसे में आज हम आपको नवरात्रि की नौ देवियों के स्वरूप के बारें में बताते हैं कि नौ दिन में कौन-से पुष्प अर्पित करें? कौन सा भोग किस माता रानी को अर्पित करें, ताकि माता रानी की कृपा आप पर बरसे.

देवी शैलपुत्री का प्रिय पुष्प : गुड़हल,
देवी शैलपुत्री नैवेद्य : शुद्ध घी

देवी ब्रह्मचारिणी का प्रिय पुष्प : सेवंती/गुलदाउदी,
माता के लिए नैवेद्य – शक्कर, मिश्री.

देवी चंद्रघंटा का प्रिय पुष्प : कमल,
देवी चंद्रघंटा के लिए नैवेद्य – दूध, दूध की मिठाई.

देवी कूष्मांडा का प्रिय पुष्प : चमेली,
देवी कूष्मांडा के लिए नैवेद्य : मालपुआ.

देवी स्कंदमाता का प्रिय पुष्प : पीले फूल,
देवी स्कंदमाता का नैवेद्य : केला.

देवी कात्यायनी का प्रिय पुष्प : गेंदा,
देवी कात्यायनी का नैवेद्य : शहद.

देवी कालरात्रि का प्रिय पुष्प : कृष्ण-कमल,
देवी कालरात्रि का भोग- गुड़.

देवी महागौरी – प्रिय पुष्प : चमेली, बेला,
देवी महागौरी का नैवेद्य- नारियल.

देवी सिद्धिदात्री का देवी सिद्धिदात्री का प्रिय पुष्प : चंपा,
देवी सिद्धिदात्री का भोग : तिल

(Disclaimer: सभी जानकारियां मान्यताओं और आस्थाओं पर आधारित हैं. Readmeloud इनकी पुष्टि नहीं करता है.)

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