Vastu Tips: वास्तु का हमारे जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ता है. वास्तुशास्त्र में हर काम करने के लिए शुभ और अशुभ दिशाओं और नियमों का वर्णन है. वास्तु में कुछ दिशाओं को शुभ माना जाता है तो कुछ कामों के लिए कुछ दिशाएं अशुभ मानी गई हैं.

वास्तुशास्त्र में दिए गए नियमों का पालन करके आप सफलता और सुख प्राप्त कर सकते हैं. तो वहीं वास्तु शास्त्र में भोजन करने से जुड़े भी कई नियम बताए गए हैं. क्या आपको पता है कि भोजन परोसने और उसे खाने के भी खास नियम होते हैं. आज हम आपको भोजन से जुड़े ऐसे ही कई वास्तु नियमों के बारे में बताएंगे, जिन्हें जानकर आप भी अपनी जिंदगी बेहतर बना सकते हैं-

जूठी थाली में नहीं खाएं भोजन
आप भोजन करते हुए किसी दूसरे के साथ तो एक ही थाली में खाना खा सकते हैं लेकिन अगर कोई पहले ही भोजन कर चुका तो जूठी थाली में कभी भोजन न करें. ऐसा करने से मां अन्नपूर्णा नाराज हो जाती हैं, जिसका दुष्प्रभाव को आर्थिक तंगी के रूप में भुगतना पड़ता है.

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दाहिनी ओर रखें पानी से भरा गिलास
भोजन शुरू करते वक्त पानी से भरे गिलास को थाली के दाहिनी ओर रखें. कई लोग दाहिने हाथ से काम करना पसंद करते हैं, इससे सौभाग्य की प्राप्ति होती है.

इस दिशा में मुख करके नहीं करें भोजन
भोजन करते समय आपका मुख भूलकर भी दक्षिण दिशा की ओर नहीं होना चाहिए. यह दिशा मृत्यु के देवता यमराज और मृतकों की मानी जाती है. आप पूर्व या उत्तर दिशा में मुख करके भोजन करें, आपको सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी.

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भूल से भी जूठी थाली में नहीं धोएं हाथ
भोजन कर लेने के बाद कभी भी थाली में हाथ नहीं धोने चाहिए. ऐसा करना वास्तु नियमों में अशुभ माना जाता है. घर की सुख-समृद्धि जाती है और परिवार एक-एक पैसे के लिए कंगाल हो जाता है.

(Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारियां धार्मिक मान्यताओं-परंपराओं के अनुसार हैं. Readmeloud इनकी पुष्टि नहीं करता है.)

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