Avadh University Exam Pattern Update: अयोध्या स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है. कौटिल्य प्रशासनिक भवन सभागार में कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में विज्ञान सहित अन्य विषयों के आवासीय परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों के विभागाध्यक्षों और संयोजकों के साथ बैठक हुई. इसमें परीक्षा प्रणाली में सुधार, नकलविहीन एवं पारदर्शी परीक्षा और उच्च स्तरीय पाठ्यक्रम निर्धारण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई.
शैक्षणिक गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता और परीक्षा की शुचिता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि वर्तमान शैक्षणिक परिदृश्य को देखते हुए परीक्षा प्रणाली में आमूलचूल बदलाव समय की मांग है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के प्रश्नपत्रों का ढांचा अब सीधे तौर पर UGC-NET, JRF और अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए. इससे विद्यार्थी डिग्री की पढ़ाई के साथ भविष्य की प्रतियोगी चुनौतियों के लिए भी बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे.
तीन सेक्शन में होंगे प्रश्नपत्र
बैठक में कुलपति ने आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र निर्माण के प्रारूप की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अब प्रश्नपत्रों को तीन खंडों सेक्शन ‘A’, ‘B’ और ‘C’ में विभाजित किया जाएगा. सभी विषय संयोजकों को निर्देश दिया गया कि अगली बैठक में इसी प्रारूप के आधार पर प्रश्नपत्रों का ढांचा प्रस्तुत किया जाए. विश्वविद्यालय का उद्देश्य प्रश्नपत्रों को अधिक व्यवस्थित और विद्यार्थी की वास्तविक शैक्षणिक क्षमता का आकलन करने वाला बनाना है.
राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तर्ज पर बनेगा क्वेश्चन बैंक
कुलपति ने बताया कि प्रत्येक विषय के लिए उच्च स्तरीय वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का व्यापक क्वेश्चन बैंक तैयार किया जाएगा. इसका स्तर राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं के समकक्ष रखा जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी लाभ मिल सके. उन्होंने कहा कि निर्धारित मानकों के अनुरूप सर्वश्रेष्ठ क्वेश्चन बैंक तैयार करने वाले विषय संयोजकों और शिक्षकों को विश्वविद्यालय स्तर पर सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा.
पाठ्यक्रम को लगातार प्रासंगिक बनाने पर जोर
बैठक में पाठ्यक्रम की नियमित समीक्षा और उसे समय के अनुरूप अपडेट करने पर भी जोर दिया गया. कुलपति ने कहा कि पारदर्शिता और नियमित समीक्षा के लिए बोर्ड ऑफ स्टडीज की नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी. इसका उद्देश्य पाठ्यक्रम को लगातार प्रासंगिक बनाए रखना और विद्यार्थियों को बदलती शैक्षणिक एवं प्रतियोगी जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है. बैठक में कुलसचिव विनय कुमार सिंह, प्रो. एस.एस. मिश्र, प्रो. चयन कुमार मिश्र, प्रो. फर्रुख जमाल, प्रो. नीलम पाठक, प्रो. तुहिना वर्मा, प्रो. एस.के. रायजादा सहित आवासीय परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों के संयोजक मौजूद रहे.


