Noida-Greater Noida Electricity Supply: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों के लिए बिजली आपूर्ति को लेकर राहत भरी खबर है. गौतमबुद्धनगर जिले में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 250 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे. केंद्र और राज्य सरकार की रिवैम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत होने वाले इस काम का लक्ष्य मार्च 2027 तक पूरा करना है. विद्युत निगम को उम्मीद है कि नए ट्रांसफार्मर लगने से मौजूदा व्यवस्था पर लोड कम होगा और गर्मियों में ट्रांसफार्मर फुंकने की घटनाओं में कमी आएगी.
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गर्मियों में बिजली सप्लाई को लेकर तैयारी तेज
गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने से ट्रांसफार्मरों पर दबाव बढ़ जाता है. ओवरलोडिंग और अधिक तापमान के कारण ट्रांसफार्मर खराब होने का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसी स्थिति में कई बार बिजली आपूर्ति बाधित होती है और उपभोक्ताओं को अघोषित कटौती का सामना करना पड़ता है.
इसी समस्या से निपटने के लिए विद्युत निगम ने गर्मियों से पहले ही नए ट्रांसफार्मर लगाने की तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए सर्वे किया जा रहा है और जिन स्थानों पर लोड अधिक है, वहां अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे.
जिले में पहले से लगे हैं 24 हजार से ज्यादा ट्रांसफार्मर
गौतमबुद्धनगर जिले में फिलहाल 10 केवीए से लेकर 650 केवीए तक की क्षमता वाले 24 हजार से अधिक छोटे-बड़े ट्रांसफार्मर लगे हैं. इनमें नलकूप कनेक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाले 25 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मरों की संख्या सबसे अधिक बताई गई है.
अब 250 केवी और 400 केवीए क्षमता वाले 250 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाने की योजना है. इससे बिजली का लोड अलग-अलग ट्रांसफार्मरों पर बंट सकेगा और ओवरलोडिंग की समस्या कम करने में मदद मिलेगी.
क्यों फुंक जाते हैं ट्रांसफार्मर?
विद्युत निगम के अधिकारियों के मुताबिक, गर्मियों में बिजली की खपत बढ़ने के साथ ट्रांसफार्मरों का तापमान भी बढ़ जाता है. इससे तेल का रिसाव, ट्रांसफार्मर खराब होने और कुछ परिस्थितियों में ब्लास्ट होने का खतरा पैदा हो सकता है. ऐसे में बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए कभी-कभी कटौती भी करनी पड़ती है.
नए ट्रांसफार्मर लगने से ओवरलोड वाले क्षेत्रों में लोड का बेहतर बंटवारा किया जा सकेगा. इससे ट्रांसफार्मरों पर दबाव कम करने और बिजली आपूर्ति को अधिक भरोसेमंद बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
रंगों से होगी ट्रांसफार्मर की पहचान
विद्युत निगम ट्रांसफार्मरों की स्थिति पहचानने के लिए कलर कोडिंग का भी इस्तेमाल कर रहा है. इसके तहत नए ट्रांसफार्मर को नीले और हरे रंग से चिह्नित किया जाता है. पहली बार खराब होने पर उसे पीले, दूसरी बार खराब होने पर नारंगी और तीसरी बार खराब होने पर लाल रंग से चिह्नित किया जाता है.
मार्च 2027 तक पूरा होगा काम
विद्युत निगम का लक्ष्य मार्च 2027 तक जिले में 250 नए ट्रांसफार्मर लगाने का है. अधीक्षण अभियंता विवेक कुमार पटेल के मुताबिक, उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए बिजली के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है. नए ट्रांसफार्मरों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे.
इस योजना से नोएडा और ग्रेटर नोएडा में गर्मियों के दौरान बिजली आपूर्ति बेहतर होने की उम्मीद है. हालांकि, निर्बाध सप्लाई की गारंटी के बजाय इसका वास्तविक असर ट्रांसफार्मरों की स्थापना, रखरखाव और स्थानीय बिजली नेटवर्क की स्थिति पर निर्भर करेगा.
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