Acid Reflux Diet: खाना खाने के बाद सीने में जलन, खट्टी डकार या मुंह तक एसिड आने की समस्या कई लोगों को परेशान करती है. कभी-कभार होने वाला एसिड रिफ्लक्स आम हो सकता है, लेकिन बार-बार होने पर यह GERD यानी गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज का संकेत हो सकता है. ऐसे में खान-पान और खाने के समय में बदलाव लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं.
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क्या है एसिड रिफ्लक्स और GERD?
एसिड रिफ्लक्स तब होता है जब पेट की सामग्री वापस भोजन नली में आने लगती है. इससे सीने में जलन और खट्टी डकार जैसी परेशानी हो सकती है. जब यह समस्या बार-बार या लंबे समय तक होती है और परेशानी पैदा करती है, तो इसे GERD कहा जाता है.
हर व्यक्ति में ट्रिगर फूड अलग हो सकते हैं. इसलिए यह पहचानना जरूरी है कि किन चीजों को खाने के बाद आपकी परेशानी बढ़ती है.
इन चीजों से बढ़ सकती है परेशानी
GERD या बार-बार होने वाले एसिड रिफ्लक्स में कुछ खाद्य पदार्थ और पेय लक्षणों को बढ़ा सकते हैं. इनमें बहुत मसालेदार खाना, ज्यादा फैट वाला भोजन, चॉकलेट, कॉफी और अन्य कैफीन वाले पेय, पुदीना, टमाटर और खट्टे फल शामिल हैं. शराब भी लक्षणों को बढ़ा सकती है.
इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को इन सभी चीजों से परेशानी होगी. बेहतर है कि अपनी डाइट में उन चीजों को पहचानें जिनके बाद आपको जलन या रिफ्लक्स ज्यादा महसूस होता है.
क्या खा सकते हैं?
एसिड रिफ्लक्स की समस्या में ऐसी डाइट चुनना बेहतर होता है जिसमें पौष्टिक और कम फैट वाले विकल्प शामिल हों. ओटमील और दूसरे साबुत अनाज, सब्जियां, केला जैसे कम अम्लीय फल, लो-फैट डेयरी और कम फैट वाले प्रोटीन स्रोत डाइट का हिस्सा बनाए जा सकते हैं.
खाने की मात्रा पर भी ध्यान देना जरूरी है. बहुत भारी भोजन करने के बजाय संतुलित मात्रा में खाना कई लोगों के लिए ज्यादा आरामदायक हो सकता है.
रात में खाने का समय रखें सही
अगर आपको रात में एसिडिटी या सीने में जलन होती है तो सोने से ठीक पहले खाना खाने से बचें. NIDDK के अनुसार, रात में GERD के लक्षण होने पर भोजन और लेटने या सोने के बीच कम से कम 3 घंटे का अंतर रखने से कुछ लोगों को फायदा हो सकता है. खाने के तुरंत बाद लेटने की आदत भी छोड़ना बेहतर है.
वजन और लाइफस्टाइल पर भी दें ध्यान
अगर किसी व्यक्ति का वजन ज्यादा है, तो डॉक्टर वजन कम करने की सलाह दे सकते हैं, क्योंकि वजन कम करने से GERD के लक्षणों में सुधार हो सकता है. इसके अलावा धूम्रपान से बचना और अपनी खाने की आदतों में जरूरी बदलाव करना भी मददगार हो सकता है.
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
अगर सीने में जलन बार-बार होती है या खान-पान और सामान्य उपायों से समस्या ठीक नहीं होती, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. निगलने में परेशानी, लगातार उल्टी, बिना वजह वजन कम होना, खून आना या काले रंग का मल जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए.
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याद रखें कि केवल डाइट बदलना हर व्यक्ति के लिए पर्याप्त नहीं होता. GERD का इलाज व्यक्ति की स्थिति के अनुसार किया जाता है और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर दवाएं भी दे सकते हैं.


