Ganga Expressway Industrial Corridor: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने की तैयारी तेज हो गई है. गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे करीब 200 हेक्टेयर यानी लगभग 1,000 बीघा जमीन पर औद्योगिक गलियारा विकसित करने की योजना पर काम शुरू हुआ है. प्रस्तावित परियोजना को लेकर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की टीम ने राजस्व अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर सर्वे किया है. हालांकि, अभी परियोजना के अंतिम क्षेत्रफल और भूमि अधिग्रहण को लेकर अंतिम फैसला होना बाकी है.
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इन गांवों के आसपास प्रस्तावित है औद्योगिक गलियारा
प्रस्तावित औद्योगिक गलियारा निहस्था, जगतपुर रामगढ़ी और सुरजीपुर गुमानखेड़ा गांवों के आसपास विकसित करने की योजना है. सर्वे के दौरान जमीन की स्थिति, उपलब्धता और परियोजना से जुड़े दूसरे पहलुओं की जानकारी जुटाई गई.
तहसील प्रशासन के अनुसार, परियोजना के लिए किसानों की जमीन लेने की योजना पर विचार किया जा रहा है. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया और औद्योगिक गलियारे का अंतिम क्षेत्रफल यूपीडा के स्तर से तय किया जाएगा.
गंगा एक्सप्रेसवे और रेल लाइन से मिलेगी कनेक्टिविटी
प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को अहम माना जा रहा है. इसके आसपास गंगा एक्सप्रेसवे और उन्नाव हाईवे मौजूद हैं. वहीं, ऊंचाहार-उन्नाव रेल लाइन की नजदीकी से माल ढुलाई और आवागमन में मदद मिलने की संभावना है.
आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना भी आसपास स्थित है. ऐसे में औद्योगिक इकाइयों के लिए सड़क और रेल परिवहन की सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है. बेहतर कनेक्टिविटी से कंपनियों को कच्चा माल लाने और तैयार उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में सहूलियत मिल सकती है.
स्थानीय युवाओं को रोजगार की उम्मीद
औद्योगिक गलियारा विकसित होने की सूचना से आसपास के गांवों में लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं. स्थानीय युवाओं को उम्मीद है कि उद्योग स्थापित होने पर उन्हें रोजगार के लिए दूसरे शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा.
औद्योगिक इकाइयां शुरू होने पर प्रत्यक्ष रोजगार के साथ परिवहन, दुकान, होटल, ढाबे और अन्य सेवाओं से जुड़े अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं. हालांकि, रोजगार की वास्तविक संख्या उद्योगों की स्थापना और परियोजना के आकार पर निर्भर करेगी.
किसानों की नजर मुआवजे और भूमि अधिग्रहण पर
परियोजना को लेकर किसानों की निगाहें भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया, मुआवजे और आगे की कार्रवाई पर रहेंगी. अभी सर्वे के बाद की प्रक्रिया और जमीन से जुड़े फैसलों का इंतजार है. तहसीलदार शिवम राठौड़ ने बताया कि यूपीडा की टीम ने संबंधित क्षेत्र का सर्वे किया है. औद्योगिक गलियारा विकसित करने को लेकर अंतिम निर्णय यूपीडा के स्तर से लिया जाएगा. फिलहाल, परियोजना शुरुआती चरण में है और आगे की तस्वीर आधिकारिक फैसलों के बाद ही साफ होगी.
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