नई दिल्ली: चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी विवाद के बीच विपक्षी INDIA गठबंधन एक बार फिर अपनी रणनीति तैयार करने जा रहा है. गुरुवार शाम होने वाली वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे. सूत्रों के मुताबिक, बैठक में चुनाव आयोग के खिलाफ आगे के कदमों और विपक्ष के साझा अभियान पर चर्चा होगी.
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SIR को लेकर विपक्ष के आरोप, चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग
विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है. विपक्ष का दावा है कि इस प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं. इसी मुद्दे पर विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की है.
वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि वह निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत काम करता है और चुनाव कराने में अपनी भूमिका का बचाव करता रहा है. ऐसे में SIR और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच सियासी टकराव लगातार बढ़ रहा है.
‘सेव डेमोक्रेसी’ अभियान के तहत विरोध तेज करने की तैयारी
INDIA गठबंधन के नेताओं ने इससे पहले कथित अनियमितताओं के खिलाफ संयुक्त आंदोलन की रूपरेखा घोषित की थी. इसके तहत ‘सेव डेमोक्रेसी’ अभियान, चुनाव आयोग के मुख्यालय तक मार्च और 1 नवंबर को नई दिल्ली में रैली आयोजित करने की योजना शामिल है.
6 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने निर्वाचन सदन की ओर मार्च किया था. वे चुनाव आयुक्तों से मुलाकात कर अपनी मांगें रखना चाहते थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग के बीच मार्च रोक दिया. इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया था. बाद में सभी को रिहा कर दिया गया.
राष्ट्रपति मुर्मू को सौंपा था ज्ञापन
विरोध को आगे बढ़ाते हुए विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने 9 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी. प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि शामिल थे.
विपक्ष ने राष्ट्रपति को सौंपे ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR प्रक्रिया पर रोक, कथित तौर पर हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने और बैलेट पेपर से मतदान की व्यवस्था लौटाने जैसी मांगें रखी थीं. इसके अलावा, मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाले 2023 के कानून को वापस लेने की मांग भी की गई थी.
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला, अब आगे क्या?
13 अक्टूबर की बैठक में INDIA गठबंधन के नेताओं ने अपना आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया था. साथ ही, उन्होंने जंतर-मंतर को निर्धारित विरोध स्थल की सूची से हटाए जाने के फैसले को चुनौती देने की बात कही थी.
SIR प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया है. 15 अक्टूबर को शीर्ष अदालत ने संबंधित याचिकाओं पर चुनाव आयोग, ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को नोटिस जारी किए थे. अदालत ने जंतर-मंतर से जुड़े मामले की जांच करने पर भी सहमति जताई और विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित बल प्रयोग के आरोपों के बीच दिल्ली पुलिस को सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया.
अब गुरुवार शाम होने वाली वर्चुअल बैठक पर नजरें टिकी हैं. विपक्षी दल इस विवाद को लेकर अपने अगले कदम तय करेंगे. ऐसे में आने वाले दिनों में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का अभियान किस दिशा में आगे बढ़ता है, यह राजनीतिक रूप से अहम होगा.
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