जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के IPO ने निवेशकों की दिलचस्पी के मामले में नया वैश्विक रिकॉर्ड बनाया है. शुक्रवार, 23 अक्टूबर को बोली प्रक्रिया समाप्त होने के करीब इस सार्वजनिक निर्गम के लिए 1 करोड़ से ज्यादा आवेदन मिले. एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, IPO कुल 7.83 गुना सब्सक्राइब हुआ. इसके साथ ही यह दुनिया का पहला ऐसा सार्वजनिक निर्गम बन गया, जिसमें आवेदन की संख्या 1 करोड़ के पार पहुंची.
इससे पहले आवेदन की संख्या का रिकॉर्ड Waaree Energies के IPO के नाम बताया गया था. उस इश्यू को करीब 97 लाख आवेदन मिले थे. जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO ने इस आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है.
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154 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए मिली बोलियां
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स IPO के लिए करीब 154.62 करोड़ शेयरों की बोलियां मिलीं. इसके मुकाबले कंपनी ने कुल 19.75 करोड़ शेयरों की पेशकश की थी. निवेशकों की प्रमुख श्रेणियों में मांग देखने को मिली, हालांकि सब्सक्रिप्शन का स्तर अलग-अलग रहा.
योग्य संस्थागत खरीदारों, गैर-संस्थागत निवेशकों, खुदरा निवेशकों, कर्मचारियों और शेयरधारकों के लिए निर्धारित श्रेणियों में आवेदन आए. इनमें संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में सबसे ज्यादा मांग दर्ज की गई.
QIB कैटेगरी 16.58 गुना सब्सक्राइब
योग्य संस्थागत खरीदारों यानी QIB कैटेगरी को निवेशकों से सबसे मजबूत प्रतिक्रिया मिली. यह श्रेणी 16.58 गुना सब्सक्राइब हुई. इसके तहत 4.90 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 81.28 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाई गईं.
गैर-संस्थागत निवेशकों यानी NII की श्रेणी में भी मजबूत मांग देखने को मिली. यह कैटेगरी 10.87 गुना सब्सक्राइब हुई. इसमें 3.64 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 39.63 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं.
NII श्रेणी के भीतर 10 लाख रुपये से अधिक की बोली वाली कैटेगरी 12.48 गुना सब्सक्राइब हुई. वहीं, 2 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक की बोली वाली श्रेणी में 7.66 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया.
रिटेल निवेशकों और कर्मचारियों की भी भागीदारी
खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों यानी RII की श्रेणी में 8.50 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 18.53 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं. इस आधार पर रिटेल कैटेगरी 2.18 गुना सब्सक्राइब हुई.
कर्मचारियों के लिए आरक्षित श्रेणी में 46.95 लाख शेयरों के मुकाबले करीब 1.22 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां आईं. यह श्रेणी 2.59 गुना सब्सक्राइब हुई.
शेयरधारकों के लिए आरक्षित कैटेगरी में भी मांग दर्ज की गई. इस श्रेणी में 2.23 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 13.96 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं. इसके साथ शेयरधारकों की श्रेणी 6.25 गुना सब्सक्राइब हुई.
IPO पहले दिन ही 100 मिनट में हुआ था पूरी तरह सब्सक्राइब
जियो प्लेटफॉर्म्स IPO को बोली प्रक्रिया की शुरुआत से ही अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी. 21 अक्टूबर को बोली शुरू होने के महज 100 मिनट के भीतर इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था. पहले दिन संस्थागत निवेशकों की मांग प्रमुख रही और उस समय तक करीब 13.56 लाख आवेदन मिल चुके थे.
कंपनी को एंकर निवेशकों के लिए निर्धारित आवंटन में भी मजबूत मांग मिली थी. कंपनी की पहले की घोषणा के अनुसार, एंकर निवेशकों के लिए 8,110 करोड़ रुपये का आवंटन रखा गया था. इस आवंटन के लिए कुल संस्थागत मांग 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही थी, जो उपलब्ध राशि के 30 गुना से भी ज्यादा थी.
क्या था जियो प्लेटफॉर्म्स IPO का प्राइस बैंड?
कंपनी ने IPO के लिए प्रति इक्विटी शेयर 1,065 रुपये से 1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया था. निवेशकों के लिए न्यूनतम बोली लॉट 12 शेयरों का रखा गया था.
एक करोड़ से ज्यादा आवेदन मिलने और कुल 7.83 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO आवेदन संख्या के लिहाज से वैश्विक स्तर पर एक नया रिकॉर्ड बनाने वाला सार्वजनिक निर्गम बन गया है. हालांकि, केवल सब्सक्रिप्शन के आंकड़े से शेयर के लिस्टिंग प्रदर्शन या भविष्य के रिटर्न का अनुमान नहीं लगाया जा सकता.
यह रिपोर्ट उपलब्ध एक्सचेंज आंकड़ों और कंपनी की ओर से बताई गई जानकारी पर आधारित है. IPO में आवेदन करना या अधिक सब्सक्रिप्शन मिलना शेयर बाजार में लाभ की गारंटी नहीं है.
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