Akhilesh Yadav Azam khan Meeting: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को रामपुर जिला जेल में पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने आजम खान और उनकी शैक्षणिक पहल को जानबूझकर निशाना बनाया है. अखिलेश ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को हुए नुकसान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाजपा को शिक्षा से कोई सरोकार नहीं है.
अखिलेश यादव ने कहा कि आजम खान और उनके परिवार के साथ अन्याय हुआ है और उन्हें कथित तौर पर झूठे मुकदमों में फंसाया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि जौहर यूनिवर्सिटी को नुकसान पहुंचाने के लिए साजिश रची गई. सपा प्रमुख के मुताबिक, आजम खान का सपना शिक्षा के माध्यम से युवाओं का भविष्य संवारने का है और उनकी पार्टी इस सपने को पूरा करने के लिए काम करती रहेगी.
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झूठे मुकदमे सच को कैद नहीं रख सकते
अखिलेश यादव ने कहा कि आजम खान और समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय की व्यवस्था स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों का इस्तेमाल कथित तौर पर झूठे मुकदमे दर्ज कराने के लिए किया गया. साथ ही दावा किया कि अब ऐसे अधिकारी भी धीरे-धीरे अपनी भूमिका से दूरी बना रहे हैं.
आजम खान की रिहाई को लेकर भरोसा जताते हुए अखिलेश ने कहा कि झूठे आरोप किसी व्यक्ति को हमेशा जेल में नहीं रख सकते. इसमें समय लग सकता है, लेकिन सच को लंबे समय तक दबाकर नहीं रखा जा सकता.
जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर सरकार पर लगाए आरोप
सपा प्रमुख ने कहा कि आजम खान ने जिस विश्वविद्यालय की कल्पना शिक्षा और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखकर की थी, उसे पूरा करने के लिए समाजवादी पार्टी प्रयास जारी रखेगी. उन्होंने भाजपा सरकार पर जौहर यूनिवर्सिटी को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह की कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है.
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुलाकात के सियासी मायने
अखिलेश यादव और आजम खान की यह मुलाकात उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हुई है. रामपुर सदर से 10 बार विधायक रह चुके आजम खान सपा के प्रमुख मुस्लिम नेताओं में गिने जाते हैं. वह पूर्व में उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं.
आजम खान पिछले साल नवंबर से रामपुर जिला जेल में बंद हैं. उन्हें जालसाजी से जुड़े एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल में रखा गया है. इसके अलावा, 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में उन्हें दो साल की सजा भी सुनाई गई है.
ED भी कर चुकी है पूछताछ
13 अक्टूबर को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रामपुर जेल में आजम खान से पूछताछ की थी. यह जांच मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चल रही है.
जांच में सरकारी ठेकों की धनराशि को निजी ठेकेदारों के जरिए कथित तौर पर दूसरी जगह इस्तेमाल किए जाने और ट्रस्ट व यूनिवर्सिटी से जुड़ी संपत्तियों के निर्माण में उसके इस्तेमाल के आरोपों की पड़ताल की जा रही है. इससे पहले ED इस मामले में उत्तर प्रदेश और दिल्ली में आजम खान से जुड़े परिसरों पर तलाशी भी ले चुकी है.
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