सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) को नया नेतृत्व मिल गया है. अनुपम मिश्रा ने बुधवार को कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (CMD) का पदभार संभाल लिया. केंद्रीय खान मंत्रालय ने उनकी नियुक्ति की जानकारी देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में कंपनी की विकास रणनीति और भारत की कॉपर सुरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
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33 वर्षों का प्रबंधन और कारोबार का अनुभव
अनुपम मिश्रा के पास विपणन, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, व्यवसाय विकास और रणनीतिक प्रबंधन के क्षेत्र में 33 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने खनिज, धातु, रसायन, इंजीनियरिंग उत्पाद और परियोजना कारोबार जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है.
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक (ऑनर्स) किया है. इसके बाद आईआईएम लखनऊ से पीजीडीएम की डिग्री हासिल की. उन्होंने आईआईएम अहमदाबाद और आईआईएम कोलकाता से एग्जीक्यूटिव मैनेजमेंट कार्यक्रम भी पूरे किए हैं.
FACT में भी निभाई अहम जिम्मेदारी
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड में आने से पहले अनुपम मिश्रा जुलाई 2020 से जून 2026 तक फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स ट्रावणकोर लिमिटेड (FACT) में निदेशक (मार्केटिंग) के पद पर कार्यरत थे.
इस दौरान उन्होंने कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला. बोर्ड स्तर पर उनके अनुभव को देखते हुए सरकार को उम्मीद है कि वह हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की कारोबारी और रणनीतिक योजनाओं को नई गति देंगे.
पदभार संभालते ही शुरू की समीक्षा
CMD का कार्यभार संभालने के बाद अनुपम मिश्रा ने कंपनी के कार्यकारी निदेशकों के साथ बैठक की और परिचालन तथा रणनीतिक प्राथमिकताओं की समीक्षा की.
उन्होंने कॉर्पोरेट कार्यालय के विभागाध्यक्षों और विभिन्न इकाइयों के प्रमुखों के साथ भी चर्चा की. बैठक में कंपनी की प्रमुख परियोजनाओं, संचालन से जुड़े मुद्दों और भविष्य की विकास योजना पर विचार-विमर्श किया गया.
कॉपर क्षेत्र में HCL की भूमिका
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड भारत सरकार के अधीन एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, जो देश में तांबे के खनन और उत्पादन से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य करता है. सरकार का मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन, इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा और आधुनिक बुनियादी ढांचे की बढ़ती जरूरतों के बीच तांबे की मांग लगातार बढ़ेगी.
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ऐसे में नए नेतृत्व के साथ कंपनी से उत्पादन क्षमता बढ़ाने, परियोजनाओं में तेजी लाने और देश की महत्वपूर्ण खनिज सुरक्षा को मजबूत करने की उम्मीद की जा रही है.
Source: Ministry of Mines


