स्तन कैंसर के लक्षित उपचार की दिशा में वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. शोधकर्ताओं ने एक उन्नत प्रकाश-सक्रिय बहुक्रियाशील नैनोरोबोट विकसित किया है, जो कैंसर कोशिकाओं तक लक्षित तरीके से पहुंचकर उन्हें नष्ट करने में मदद कर सकता है. यह तकनीक निकट-अवरक्त (NIR) प्रकाश की सहायता से सक्रिय होती है और फोटोथर्मल तथा फोटोडायनामिक थेरेपी के संयुक्त प्रभाव का उपयोग करती है.
यह शोध विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के स्वायत्त संस्थान, मोहाली स्थित नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (INST) के वैज्ञानिकों ने किया है. अध्ययन के परिणाम प्रतिष्ठित वैज्ञानिक जर्नल ACS Applied Materials & Interfaces में प्रकाशित हुए हैं.
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पारंपरिक उपचार की सीमाओं को दूर करने की कोशिश
स्तन कैंसर दुनिया भर में महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में शामिल है.
पारंपरिक कीमोथेरेपी में गैर-विशिष्ट दवा वितरण, स्वस्थ ऊतकों को नुकसान, दवा प्रतिरोध और गंभीर दुष्प्रभाव जैसी कई चुनौतियां सामने आती हैं. इसके अलावा ट्यूमर के भीतर दवा की सीमित पहुंच भी उपचार की प्रभावशीलता को प्रभावित करती है.
इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिकों ने अधिक लक्षित और नियंत्रित उपचार तकनीक विकसित करने का प्रयास किया.
NIR प्रकाश से सक्रिय होता है नैनोरोबोट
वैज्ञानिकों ने ऐसा नैनोरोबोट विकसित किया है, जिसे निकट-अवरक्त (Near Infrared – NIR) प्रकाश के माध्यम से सक्रिय किया जा सकता है.
इस तकनीक में नैनोरोबोट NIR प्रकाश की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ता है. इसे फोटोटैक्सिस कहा जाता है. इससे उपचार को सीधे ट्यूमर वाले हिस्से तक पहुंचाने की संभावना बढ़ जाती है.
फोलिक एसिड की मदद से कैंसर कोशिकाओं की पहचान
नैनोरोबोट की सतह को फोलिक एसिड से क्रियाशील बनाया गया है.
इससे यह फोलेट रिसेप्टर्स की अधिकता वाली स्तन कैंसर कोशिकाओं की चयनात्मक पहचान कर सकता है. शोधकर्ताओं के अनुसार यह विशेषता ट्यूमर-विशिष्ट उपचार को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करती है.
फोटोथर्मल और फोटोडायनामिक थेरेपी का संयुक्त प्रभाव
नैनोरोबोट को फोटोसेंसिटाइजर से सक्रिय किया गया है. NIR प्रकाश के संपर्क में आने पर यह प्रतिक्रियाशील ऑक्सीजन प्रजातियां (ROS) उत्पन्न करता है.
साथ ही पॉलीडोपामीन स्थानीय ताप उत्पन्न करता है, जिससे फोटोथर्मल प्रभाव पैदा होता है.
वैज्ञानिकों के अनुसार इन दोनों प्रक्रियाओं के संयुक्त प्रभाव से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में बेहतर परिणाम मिले.
कोशिकाओं और चूहों पर सफल परीक्षण
शोधकर्ताओं ने इस तकनीक का परीक्षण कोशिकीय मॉडल और स्तन ट्यूमर वाले चूहों पर किया.
अध्ययन में नैनोरोबोट ने लक्षित उपचार की क्षमता प्रदर्शित की और स्थानीयकृत कैंसर फोटोथेरेपी के लिए एक संभावित मंच के रूप में अच्छे परिणाम दिखाए.
अभी मानवों पर परीक्षण बाकी
शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि यह अध्ययन अभी प्रीक्लिनिकल स्तर पर है.
हालांकि शुरुआती परिणाम उत्साहजनक हैं, लेकिन इस तकनीक को मानवों में नियमित उपचार के रूप में अपनाने से पहले विस्तृत शोध और नैदानिक परीक्षण आवश्यक होंगे.


