Gorakhpur Industrial Corridor: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) बड़ी तैयारी कर रहा है. लिंक एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ विकसित हो रहे औद्योगिक कॉरिडोर में 100 से अधिक औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराने की योजना है. इससे बड़े निवेशकों के साथ छोटे और मध्यम उद्यमियों को भी अपनी औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने का मौका मिल सकता है.
धुरियापार औद्योगिक क्षेत्र में छोटे उद्योगों के लिए भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित गीडा बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा. बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद भूखंडों के आवंटन के लिए विज्ञापन जारी किए जाने की उम्मीद है.
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छोटे उद्यमियों को भी मिलेगा उद्योग लगाने का मौका
गीडा की योजना का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्र में बड़े निवेश के साथ लघु और मध्यम श्रेणी के उद्योगों को भी बढ़ावा देना है. नए भूखंड उपलब्ध होने से उन उद्यमियों को अवसर मिल सकता है, जो अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए जमीन की तलाश कर रहे हैं.
धुरियापार औद्योगिक क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए पहले से काम चल रहा है. यहां केयान डिस्टलरी से लेकर अदाणी ग्रुप तक को भूमि आवंटित की जा चुकी है. अब छोटे उद्योगों के लिए भी भूखंड उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है.
50 करोड़ रुपये से चौड़ी होंगी सड़कें
औद्योगिक क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिए केवल जमीन ही नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा रहा है. टाउनशिप के अलग-अलग सेक्टरों में करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से सड़कें चौड़ी करने और जल निकासी व्यवस्था विकसित करने का काम किया जा रहा है. इसके तहत आंतरिक संपर्क मार्गों और ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनाया जाएगा. इससे औद्योगिक इकाइयों तक पहुंच आसान होने और उनके संचालन के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित होने की उम्मीद है.
लिंक एक्सप्रेसवे से बेहतर होगी कनेक्टिविटी
उद्योगों की स्थापना के लिए जमीन के साथ बेहतर सड़क संपर्क भी अहम माना जाता है. लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक कॉरिडोर विकसित होने से धुरियापार क्षेत्र की कनेक्टिविटी और औद्योगिक उपयोगिता बढ़ने की संभावना है.
चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आरएन सिंह के मुताबिक, किसी भी उद्योग की स्थापना के लिए पर्याप्त भूमि और बेहतर कनेक्टिविटी सबसे जरूरी है. धुरियापार में इन सुविधाओं का विकास होने से यह क्षेत्र उद्यमियों के लिए आकर्षक बन सकता है. छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए भूखंड उपलब्ध होने से निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी.
बोर्ड की मंजूरी के बाद शुरू होगी आवंटन प्रक्रिया
गीडा के एसीईओ राम प्रकाश ने बताया कि धुरियापार औद्योगिक क्षेत्र में छोटे उद्योगों के लिए भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा. मंजूरी मिलने के बाद भूखंड आवंटन के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा.
इस योजना से बड़े निवेशकों के साथ छोटे उद्यमियों को भी औद्योगिक क्षेत्र में अपनी इकाई स्थापित करने का अवसर मिल सकता है. हालांकि, भूखंडों की कीमत, आकार, पात्रता और आवेदन की अंतिम तारीख जैसी जानकारियां आवंटन संबंधी आधिकारिक विज्ञापन जारी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी.
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