अमेरिका-लंदन की तरह हाईटेक होगी गुजरात की धोलेरा स्मार्ट सिटी, मिल सकता है तगड़ा रिटर्न!
dholera smart city

अमेरिका-लंदन की तरह हाईटेक होगी गुजरात की धोलेरा स्मार्ट सिटी, मिल सकता है तगड़ा रिटर्न!

Dholera Smart City: जरा सोचिए… एक ऐसा शहर, जहां हर सड़क चौड़ी और साफ-सुथरी हो, ट्रैफिक स्मार्ट सिग्नल से कंट्रोल हो रहा हो, बिजली के खंभे दिखाई न दें क्योंकि सारी लाइनें अंडरग्राउंड हों. इतना ही नहीं, हर घर में घंटे पानी-बिजली और हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध हों. ऐसा आपने अब तक विदेश की धरती पर बने घरों में देखा और सुना होगा लेकिन अब यह सपना कहीं और का नहीं बल्कि भारत की धरती पर साकार हो रहा है, वो भी धोलेरा स्मार्ट सिटी में.

कहां है आखिर इतनी हाईटेक जगह
गुजरात के अहमदाबाद से करीब 100 किलोमीटर दूर फैला हुआ धोलेरा आने वाले समय में सिर्फ एक शहर नहीं बल्कि भारत का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल और तकनीकी हब बनने जा रहा है. इसे ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी के तौर पर डिजाइन किया गया है यानी शुरुआत से ही एकदम मॉडर्न और योजनाबद्ध तरीके से इसका निर्माण हो रहा है.

तीन गुना दुबई से बड़ा
धोलेरा का मास्टर प्लान 920 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करता है. कहा जाता है कि यह क्षेत्रफल दुबई से करीब तीन गुना बड़ा है. आने वाले सालों में यहां 20 लाख से ज्यादा लोगों की आबादी बसेगी और यह एक हाई-टेक लाइफस्टाइल वाला शहर बनेगा.

दुनिया का ध्यान खींचने वाला एयरपोर्ट
धोलेरा में बनने वाला इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी इसकी सबसे बड़ी ताकत है. यह एयरपोर्ट अहमदाबाद एयरपोर्ट का बोझ कम करेगा और गुजरात को दुनिया से और मजबूती से जोड़ेगा. धोलेरा की सबसे बड़ी खासियत इसका स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर होगा.

धोलेरा स्मार्ट सिटी की मुख्य खासियतें
हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर
24×7 बिजली और पानी
स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम
अंडरग्राउंड बिजली, गैस और इंटरनेट नेटवर्क
हाई-स्पीड मेट्रो और एक्सप्रेसवे कनेक्शन
ग्रीन ट्रांसपोर्ट और सस्टेनेबल एनर्जी

साफ-सुथरा होगा यह खूबसूरत शहर
धोलेरा सिर्फ कंक्रीट का जंगल नहीं होगा. इसे पूरी तरह से इको-फ्रेंडली और पर्यावरण संतुलित शहर बनाया जा रहा है. यहाँ बन रहा है 5000 मेगावाट का सोलर पार्क, जो दुनिया के सबसे बड़े सोलर पार्कों में से एक है.

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निवेश और रोजगार का नया केंद्र
बता दें कि धोलेरा दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) का अहम हिस्सा है. यही वजह है कि यहां विदेशी और भारतीय कंपनियां बड़ी संख्या में निवेश कर रही हैं. लाखों लोगों को यहां नए रोजगार और बिज़नेस अवसर मिलने वाले हैं.

अमेरिका और लंदन के सहरों से हो रही तुलना
धोलेरा की तुलना आज अमेरिका के बोस्टन और लंदन जैसे शहरों से की जा रही है. अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चलता रहा, तो आने वाले 10–15 सालों में धोलेरा भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बनाएगा. कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि धोलेरा सिर्फ ईंट-पत्थरों से बना शहर नहीं होगा, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को गर्व दिलाने वाला भारत का भविष्य का सपना है.

बता दें कि गुजरात का धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (DSIR) आज देशभर में निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है. कभी जहां यहां जमीन महज 700 रुपये प्रति वर्ग गज में मिल जाती थी, वहीं आज यही दरें 7,000 से 10,000 रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच चुकी हैं. यह केवल आंकड़े नहीं, बल्कि धोलेरा की बढ़ती संभावनाओं और निवेशकों के विश्वास की कहानी बयां करते हैं. पिछले दस सालों में जमीन के दामों में यह दस गुना इजाफा इस बात का सबूत है कि धोलेरा सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि भारत का भविष्य का औद्योगिक और निवेश हब बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है.

धोलेरा अब भारत के सबसे संभावनाशील रियल एस्टेट डेस्टिनेशन के रूप में तेजी से उभर रहा है. धोलेरा एसआईआर (Special Investment Region) आज न सिर्फ निवेशकों की निगाहों में है, बल्कि यह देश का एक बड़ा निवेश केंद्र बनता जा रहा है. इसकी सबसे बड़ी झलक तब सामने आई, जब टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने 91,000 करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर परियोजना यहां लगाने का ऐलान किया. इतना ही नहीं, अब तक 100 से अधिक कंपनियां धोलेरा में निवेश कर चुकी हैं या करने की तैयारी में हैं, जो इसे भारत के भविष्य के इंडस्ट्रियल हब की ठोस पहचान दिलाता है.

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