उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्यभर में Digi Rover-GNSS विशेष भूमि माप अभियान की शुरुआत कर दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर से इस अभियान का शुभारंभ किया. यह विशेष अभियान 15 अगस्त तक चलेगा, जिसके दौरान सभी तहसीलों में लंबित भूमि सीमांकन और पैमाइश से जुड़े मामलों का तेजी से निस्तारण किया जाएगा.
सरकार का कहना है कि अभियान का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से भूमि विवादों को कम करना और राजस्व सेवाओं को अधिक पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाना है.
Digi Rover-GNSS तकनीक से होगी जमीन की पैमाइश
इस अभियान में पारंपरिक तरीकों की जगह Digi Rover-GNSS (Global Navigation Satellite System) तकनीक का उपयोग किया जाएगा.
यह आधुनिक सैटेलाइट आधारित सर्वे तकनीक जमीन की अधिक सटीक पैमाइश करने में सक्षम है. इससे सीमांकन में त्रुटियों की संभावना कम होगी और भूमि रिकॉर्ड को अधिक सटीक बनाने में मदद मिलेगी.
लंबित मामलों के निस्तारण पर रहेगा फोकस
राज्य सरकार के अनुसार अभियान के दौरान प्रत्येक तहसील में भूमि सीमांकन और पैमाइश से जुड़े सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा.
इससे जमीन से जुड़े विवादों के समाधान में तेजी आने और आम नागरिकों को समय पर राजस्व सेवाएं मिलने की उम्मीद है.
अधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और राजस्व विभाग के अधिकारियों को अभियान को मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश दिए हैं.
उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया गंभीरता, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ पूरी की जाए ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक को इसका लाभ समय पर मिल सके.
भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण की दिशा में अहम कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि GNSS आधारित डिजिटल सर्वे तकनीक अपनाने से भूमि अभिलेखों की गुणवत्ता में सुधार होगा और भविष्य में भूमि विवादों को कम करने में मदद मिलेगी.
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उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से राजस्व प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना और नागरिकों को तेज, सटीक तथा पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है.
Source: Government of Uttar Pradesh


