त्योहारों का मौसम शुरू होते ही ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर मेगा सेल, बंपर डिस्काउंट और आकर्षक ऑफर्स की भरमार हो जाती है. कपड़ों से लेकर ड्राई फ्रूट, पटाखों और दूसरे त्योहारों से जुड़े सामान तक पर भारी छूट के विज्ञापन दिखाई देने लगते हैं. लेकिन सस्ते सामान के लालच में की गई एक छोटी-सी गलती आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है. साइबर ठग नकली वेबसाइट, फर्जी सोशल मीडिया विज्ञापन, मिलते-जुलते URL और झूठे डिस्काउंट के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं.
ऑनलाइन शॉपिंग के अलावा होटल बुकिंग, ट्रेन और फ्लाइट टिकट तथा कार रेंटल जैसी सेवाओं के नाम पर भी धोखाधड़ी का खतरा बना हुआ है. ऐसे में किसी भी ऑफर पर भरोसा करने या भुगतान करने से पहले उसकी प्रामाणिकता जांचना जरूरी है.
यह भी पढ़ें- कैंसर की 137 दवाओं के ट्रेड मार्जिन पर लगाम, 9 नवंबर से लागू होंगी संशोधित कीमतें
फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया विज्ञापनों से रहें सावधान
साइबर ठगी का एक आम तरीका फिशिंग स्कैम है. इसमें ठग लोकप्रिय ई-कॉमर्स कंपनियों जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट तैयार करते हैं. इसके बाद फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आकर्षक विज्ञापन दिखाकर लोगों को इन वेबसाइटों तक पहुंचाया जाता है.
ग्राहक वेबसाइट पर सामान चुनकर भुगतान कर देते हैं, लेकिन उन्हें ऑर्डर नहीं मिलता. कुछ मामलों में उनकी निजी जानकारी भी चोरी हो सकती है.
साइबर अलर्ट की पड़ताल में फ्लिपकार्ट जैसी दिखने वाली एक वेबसाइट का उदाहरण सामने आया, जिसका URL big-deals-4.netify.app/sale/ था. इसी तरह मीशो के लोगो का इस्तेमाल करके बेहद कम कीमत पर कपड़ों के ऑफर दिखाने वाले विज्ञापनों के जरिए भी लोगों को आकर्षित किया जा रहा है.
कुछ विज्ञापनों में 149 रुपये में तीन सूट और 199 रुपये में तीन कुर्ता सेट देने का दावा किया गया. शिकायतों में लोगों ने बताया कि भुगतान मीशो के बजाय किसी दूसरे नाम या जनरल स्टोर के खाते में चला गया.
त्योहारों के दौरान ड्राई फ्रूट और पटाखों के नाम पर भी आकर्षक ऑफर दिए जा रहे हैं. एक उदाहरण में 239 रुपये में चार किलो ड्राई फ्रूट देने का ऑफर दिखाया गया. इन ऑफर्स की असलियत जांचे बिना भुगतान करना नुकसान का कारण बन सकता है.
इनपुट में एक विज्ञापन के संबंध में मेटा की ऐड लाइब्रेरी में लगभग 240 ऐसे विज्ञापनों का उल्लेख किया गया है, जिन्हें फर्जी बताया गया है. ऐसे मामलों में विज्ञापन की मौजूदगी या उसका आकर्षक दिखना उसकी विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है.
गूगल सर्च से होटल बुकिंग तक, यहां भी हो सकती है ठगी
ऑनलाइन धोखाधड़ी का खतरा केवल सोशल मीडिया विज्ञापनों तक सीमित नहीं है. गूगल पर होटल, धर्मशाला या यात्रा से जुड़ी जानकारी खोजते समय भी लोग नकली वेबसाइटों और फर्जी कस्टमर केयर नंबरों तक पहुंच सकते हैं.
पुरी के होटल सोनार बांग्ला के मिलते-जुलते नाम वाले एक संदिग्ध वेब पेज का उदाहरण दिया गया है. ऐसी नकली वेबसाइटों पर अग्रिम भुगतान करने के बाद यात्रियों को पता चल सकता है कि उनकी बुकिंग वास्तव में हुई ही नहीं.
इसलिए होटल या धर्मशाला की बुकिंग से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट और संपर्क विवरण की पुष्टि करें. ट्रेन टिकट बुक करने के लिए IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का इस्तेमाल करें. फ्लाइट टिकट और कार रेंटल के नाम पर अनजान लिंक से भुगतान करने से भी बचें.
ई-कॉमर्स नियमों में बदलाव से जुड़ी अहम जानकारी
इनपुट के अनुसार, Consumer Protection (E-Commerce) (Amendment) Rules, 2026 के प्रावधान 1 जनवरी 2027 से लागू होने के लिए बताए गए हैं. इन नियमों में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारियों और उपभोक्ताओं को दी जाने वाली जानकारी से जुड़े कई प्रावधान शामिल हैं.
इनमें छूट से पहले की कीमत, सर्च रिजल्ट और स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग में पारदर्शिता, विक्रेता की जानकारी, उत्पाद और आयातक का विवरण, डार्क पैटर्न, उपभोक्ता डेटा और शिकायत निवारण जैसे विषय शामिल हैं.
दी गई जानकारी के मुताबिक, शिकायत मिलने के 48 घंटे के भीतर उसकी प्राप्ति की पुष्टि करने और एक महीने के भीतर उसका निपटारा करने की आवश्यकता भी निर्धारित की गई है.
इनपुट में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया है कि वर्ष 2025 में कुल 17,71,622 शिकायतें मिलीं. इनमें 5,11,196 शिकायतें ई-कॉमर्स क्षेत्र से जुड़ी थीं, जो कुल शिकायतों का लगभग 29 प्रतिशत है.
ऑनलाइन शॉपिंग करते समय इन बातों का रखें ध्यान
त्योहारों की सेल में खरीदारी करते समय कुछ सावधानियां आपको आर्थिक नुकसान से बचाने में मदद कर सकती हैं.
- वेबसाइट का URL जांचें: भुगतान करने से पहले वेबसाइट के पते और डोमेन को ध्यान से देखें. किसी प्रसिद्ध ब्रांड के नाम से मिलता-जुलता URL होने पर तुरंत भरोसा न करें.
- आधिकारिक ऐप या वेबसाइट इस्तेमाल करें: सोशल मीडिया विज्ञापनों में दिए गए लिंक से सीधे खरीदारी करने के बजाय संबंधित कंपनी का आधिकारिक प्लेटफॉर्म खोलें.
- विक्रेता की जानकारी देखें: विक्रेता का नाम, ग्राहक सहायता का विवरण, रिटर्न पॉलिसी और खरीदारी के सत्यापित रिव्यू जांचें.
- अनजान ऐप डाउनलोड न करें: व्हाट्सऐप या किसी दूसरे अनजान माध्यम से मिली APK फाइल इंस्टॉल करने से बचें.
- भुगतान से पहले जांच करें: ऑफर की कीमत, भुगतान पाने वाले का नाम और वेबसाइट की विश्वसनीयता की पुष्टि करें.
- बैंक खाते पर नजर रखें: ऑनलाइन खरीदारी के बाद बैंक और क्रेडिट कार्ड के लेनदेन नियमित रूप से जांचते रहें.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए नकली वेबसाइट और डीपफेक तैयार करना आसान होने की आशंका के बीच सतर्क रहना और भी जरूरी हो गया है. त्योहारों की खरीदारी में आकर्षक छूट देखकर जल्दबाजी में भुगतान करने से बचें.
याद रखें, ऑनलाइन शॉपिंग में ‘BUY NOW’ दबाने से पहले ‘CHECK NOW’ करना आपके पैसे और निजी जानकारी की सुरक्षा के लिए जरूरी है.
यह भी पढ़ें- यूपी के 12 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को दिवाली से पहले बोनस की उम्मीद, DA-DR भी बढ़ने के आसार


