दिल्ली में मथुरा रोड से रोजाना सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए राहत की उम्मीद है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने आश्रम से बदरपुर बॉर्डर तक करीब 7.97 किलोमीटर लंबी सड़क के पुनर्निर्माण और विकास के लिए लगभग 379 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला है. इस परियोजना का उद्देश्य सड़क की खराब हालत सुधारना, यातायात को सुगम बनाना और मथुरा रोड को सिग्नल फ्री बनाने की योजना को आगे बढ़ाना है.
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में मथुरा रोड एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है. यह आश्रम से बदरपुर बॉर्डर होते हुए फरीदाबाद की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए अहम रास्ता है. रोजाना बड़ी संख्या में वाहन इस सड़क से गुजरते हैं. ऐसे में सड़क की चौड़ाई, जंक्शन और जल निकासी व्यवस्था में सुधार होने से वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वालों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.
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आश्रम से बदरपुर बॉर्डर तक बदलेगी सड़क की सूरत
प्रस्तावित परियोजना के तहत मथुरा रोड के करीब 7.97 किलोमीटर हिस्से का पुनर्निर्माण और अपग्रेडेशन किया जाएगा. इसके लिए लगभग 379 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला गया है. इस काम को मथुरा रोड को सिग्नल फ्री बनाने की योजना के पहले चरण के रूप में बताया गया है.
यह मार्ग दक्षिण-पूर्वी दिल्ली और फरीदाबाद के बीच आने-जाने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण है. सड़क की मौजूदा स्थिति और कुछ हिस्सों में सीमित चौड़ाई के कारण यातायात प्रभावित होता है. परियोजना का उद्देश्य सड़क की संरचना और उससे जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाना है.
सड़क की चौड़ाई और फुटपाथ होंगे बेहतर
मौजूदा सड़क के कुछ हिस्से चार लेन के मानकों को पूरा नहीं करते. इसके अलावा, कुछ जगहों पर सड़क की चौड़ाई कम है और सेंट्रल वर्ज तथा फुटपाथ की सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं हैं.
पुनर्विकास योजना में इन कमियों को दूर करने पर जोर दिया जाएगा. सड़क की संरचना और संबंधित सुविधाओं में सुधार होने से वाहनों की आवाजाही को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है. फुटपाथ की सुविधाएं बेहतर होने से पैदल चलने वालों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है.
जंक्शन, पुलियों और जल निकासी व्यवस्था में होगा सुधार
परियोजना में केवल सड़क की ऊपरी सतह को बदलने की योजना नहीं है. इसके तहत पुलियों और सड़क जंक्शनों को भी बेहतर बनाने का प्रस्ताव है. इंटरचेंज और जल निकासी व्यवस्था को दोबारा डिजाइन कर विकसित किया जाएगा.
जल निकासी में सुधार का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने की समस्या को कम करना है. जलभराव से सड़क की सतह को नुकसान पहुंच सकता है और वाहनों की रफ्तार भी प्रभावित हो सकती है. बेहतर निकासी व्यवस्था सड़क को लंबे समय तक उपयोगी बनाए रखने में मदद कर सकती है.
क्या मथुरा रोड पर जाम से मिलेगी राहत?
मथुरा रोड पर वाहनों का दबाव अधिक रहने के कारण कई बार लोगों को धीमी रफ्तार और जाम का सामना करना पड़ता है. सड़क के पुनर्निर्माण, जंक्शनों में सुधार और आगे चलकर सिग्नल फ्री व्यवस्था लागू होने से यातायात का प्रवाह बेहतर होने की उम्मीद है.
हालांकि, जाम से कितनी राहत मिलेगी, यह निर्माण कार्य पूरा होने, ट्रैफिक प्रबंधन और सिग्नल फ्री व्यवस्था लागू होने पर निर्भर करेगा. फिलहाल NHAI की टेंडर प्रक्रिया परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में अगला कदम है.
बारापुला फेज-3 पर भी ट्रैफिक की जानकारी होगी बेहतर
दिल्ली में यातायात से जुड़ी एक दूसरी राहत बारापुला फेज-3 कॉरिडोर पर देखने को मिल रही है. करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का रियल-टाइम ट्रैफिक डेटा अब गूगल मैप पर अपडेट होने लगा है.
पहले इस मार्ग पर वास्तविक यातायात की स्थिति सही ढंग से दिखाई नहीं देने के कारण कुछ वाहन चालक इसे जाम मुक्त समझकर पहुंच जाते थे और बाद में भीड़ में फंस जाते थे. ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, अब गूगल मैप पर यातायात की स्थिति अपडेट होने से वाहन चालक समय रहते वैकल्पिक रास्ता चुन पा रहे हैं.
पुलिस को उम्मीद है कि समय के साथ इस कॉरिडोर पर यातायात की समस्या कम करने में मदद मिलेगी. वहीं, मथुरा रोड के पुनर्विकास से दक्षिण-पूर्वी दिल्ली और फरीदाबाद के बीच सफर अधिक सुगम होने की उम्मीद है.
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