Varanasi News: वाराणसी और आसपास के इलाकों में आने-जाने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है. लंबे इंतजार के बाद सलोरी-हेतापट्टी सेतु का निर्माण कार्य सोमवार से शुरू हो गया. इस पुल के बनने से प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर आवागमन आसान होने की उम्मीद है. साथ ही, शास्त्री पुल पर यातायात का दबाव भी कम हो सकता है.
उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम की ओर से पहले दिन गंगा नदी तक पहुंचने के लिए रास्ता तैयार करने का काम शुरू किया गया. इसके लिए साइट पर रोलर का इस्तेमाल किया गया. निर्माण से जुड़ी अन्य सामग्री भी मौके पर पहुंचने लगी है. सेतु निगम पहले ही परियोजना के तहत मिट्टी की जांच यानी मृदा परीक्षण का काम पूरा कर चुका है.
यह भी पढ़ें- यूपी में उद्योग लगाने का बड़ा मौका! लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे मिलेंगे 100 से ज्यादा प्लॉट, 50 करोड़ से बनेंगी चौड़ी सड़कें
953 करोड़ रुपये से बनेगा 3.6 किलोमीटर लंबा पुल
सलोरी-हेतापट्टी सेतु की लंबाई 3.6 किलोमीटर से अधिक होगी. इस परियोजना पर कुल 952.93 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं. सरकार की ओर से 20 जनवरी 2026 को परियोजना के लिए पहली किस्त के रूप में 300 करोड़ रुपये जारी किए गए थे. इसके बाद निर्माण की तैयारियां तेज हुईं.
सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक रोहित मिश्रा के मुताबिक, गंगा का जलस्तर कम होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया है. पुल के निर्माण में कुल 62 पिलर बनाए जाने हैं.
शास्त्री पुल पर कम होगा ट्रैफिक का दबाव
सलोरी-हेतापट्टी सेतु का निर्माण पूरा होने के बाद शहर को राष्ट्रीय राजमार्ग-19 यानी प्रयागराज-वाराणसी मार्ग से सीधा संपर्क मिलेगा. इससे शास्त्री पुल पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
इस पुल से भदोही, वाराणसी, बिहार और पूर्वांचल की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को भी फायदा होगा. लोगों को वैकल्पिक मार्ग मिलने से यात्रा में लगने वाला समय और दूरी कम हो सकती है. खासकर रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए यह परियोजना काफी अहम मानी जा रही है.
कब तक पूरा होगा निर्माण?
परियोजना प्रबंधक रोहित मिश्रा के अनुसार, पुल का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है. पहले दिन गंगा नदी तक पहुंचने के लिए रास्ता बनाने का काम किया गया. निर्माण पूरा करने के लिए करीब तीन साल की समयसीमा बताई गई है.
- सलोरी-हेतापट्टी सेतु की प्रमुख बातें
- कुल लागत: 952.93 करोड़ रुपये
- लंबाई: 3.6 किलोमीटर से अधिक
- पिलर: कुल 62
- निर्माण एजेंसी: उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम
- शुरुआती किस्त: 300 करोड़ रुपये
- मुख्य फायदा: प्रयागराज-वाराणसी मार्ग से बेहतर संपर्क और शास्त्री पुल पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद
पुल का निर्माण पूरा होने के बाद वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
यह भी पढ़ें- आगरा मेट्रो ने पकड़ी 80 kmph की रफ्तार! बिजलीघर से ISBT तक सफल ट्रायल, जल्द इन स्टेशनों का होगा उद्घाटन


