उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे का नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है. गंगा एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे के बाद अब गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे को लेकर निर्माण प्रक्रिया में भी आगे की प्रगति सामने आई है. करीब 740 किलोमीटर लंबाई वाला यह प्रस्तावित एक्सप्रेसवे पूरा होने के बाद उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे होगा.
गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के बनने के बाद शामली से गोरखपुर का सफर करीब साढ़े 7 घंटे में पूरा होने की बात कही गई है. वहीं दिल्ली-NCR से गोरखपुर पहुंचने में लगभग 8 घंटे लगने का अनुमान है. यह कॉरिडोर पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़ने के साथ पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल तक कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा.
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गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे को लेकर क्या है नया अपडेट?
गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को लेकर निर्माण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है. NHAI ने पैकेज 9, 10, 11 और 12 के लिए निर्माण बिड आमंत्रित की हैं. इन पैकेजों की तकनीकी और वित्तीय बोलियां 6 नवंबर 2026 को खोली जाएंगी.
इससे पहले पैकेज 5, 6, 7 और 8 के लिए भी निर्माण बिड जारी की जा चुकी हैं. इसके साथ ही एक्सप्रेसवे के कुल 532.9 किलोमीटर हिस्से से जुड़े 8 पैकेज निर्माण प्रक्रिया में पहुंच चुके हैं.
दो चरणों में तैयार होगा एक्सप्रेसवे
गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे का निर्माण दो चरणों में प्रस्तावित है.
फेज-1: शामली से शाहजहांपुर के पुवायां तक करीब 348.184 किलोमीटर का हिस्सा होगा. शामली में इसका जंक्शन दिल्ली-देहरादून और अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे से जुड़ने की बात कही गई है.
फेज-2: पुवायां से गोरखपुर तक करीब 391.77 किलोमीटर का हिस्सा प्रस्तावित है.
दोनों चरणों की लंबाई को मिलाकर यह एक लंबा एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर तैयार करेगा, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वी उत्तर प्रदेश तक सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की योजना का हिस्सा है.
गंगा एक्सप्रेसवे से भी लंबा होगा कॉरिडोर
फिलहाल उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे बताया गया है, जिसकी लंबाई 594 किलोमीटर है. इसके मुकाबले गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे की प्रस्तावित लंबाई करीब 740 किलोमीटर है.
निर्माण पूरा होने के बाद यह उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे होगा. इससे राज्य के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों को हाई-स्पीड कॉरिडोर से जोड़ने की योजना है. इसके साथ ही इसे पंजाब के अंबाला तक विस्तार देने की भी योजना बताई गई है.
दिल्ली से गोरखपुर का सफर करीब 8 घंटे में
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होने के कारण इसे किसी मौजूदा रास्ते पर नहीं, बल्कि नए रूट पर बनाने की योजना है. इसके साथ ही यह शहरों के ट्रैफिक से अलग एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर के रूप में कनेक्टिविटी देने की बात कही गई है.
दिए गए अनुमान के अनुसार, एक्सप्रेसवे बनने के बाद शामली से गोरखपुर का सफर 12 घंटे से घटकर करीब 7.5 घंटे हो सकता है. दिल्ली से गोरखपुर का सफर 14-15 घंटे से घटकर लगभग 8 घंटे होने की बात कही गई है.
इसी तरह शामली से लखनऊ की यात्रा 12 घंटे से घटकर 5-6 घंटे और गोरखपुर से सिलीगुड़ी का सफर 15 घंटे से घटकर करीब 8 घंटे होने का अनुमान दिया गया है.
यूपी के 22 जिलों को मिलेगा कनेक्टिविटी का लाभ
यह कॉरिडोर पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वी उत्तर प्रदेश तक तराई क्षेत्र के 22 जिलों को जोड़ने की योजना का हिस्सा है. इससे बेहतर सड़क संपर्क और निवेश के नए अवसर बनने की उम्मीद जताई गई है.
इसके अलावा इस कॉरिडोर से नेपाल तक की कनेक्टिविटी आसान होने की बात कही गई है. बहराइच, बलरामपुर और सिद्धार्थनगर जैसे सीमावर्ती जिलों को भी इससे सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है.
चार प्रमुख एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा कॉरिडोर
गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे को दूसरे प्रमुख एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना भी है.
अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे
गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे को अंबाला तक विस्तार देने की योजना है. इससे पंजाब और हरियाणा की ओर से आने वाला ट्रैफिक शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे से जुड़ सकेगा.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे
शामली के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से कनेक्शन की योजना है. इससे देहरादून की तरफ से आने वाले लोगों को भी इस कॉरिडोर से जुड़ने की सुविधा मिलने की बात कही गई है.
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे
गोरखपुर के पास गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से इसे जोड़ने की योजना है. इससे दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश से बिहार और पश्चिम बंगाल तक एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर तैयार होने की बात कही गई है.
गंगा एक्सप्रेसवे
शाहजहांपुर के पास गंगा एक्सप्रेसवे से भी कनेक्ट करने की योजना है. इसके लिए सीधे लिंक के बजाय एक लिंक रोड बनाए जाने की बात कही गई है.
6 राज्यों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी
गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे का अधिकांश हिस्सा उत्तर प्रदेश में होगा, लेकिन दूसरे एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ने के बाद इससे 6 राज्यों के बीच तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध होने की योजना है.
पंजाब और हरियाणा अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे के जरिए जुड़ेंगे. दिल्ली का कनेक्शन दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लिंक से होगा. वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के जरिए इस नेटवर्क से जोड़ने की योजना है.
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इस तरह गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे सिर्फ पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला कॉरिडोर नहीं होगा, बल्कि प्रस्तावित एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए कई राज्यों के बीच सड़क कनेक्टिविटी को जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की योजना है.


