लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपनी सरकार की नीति का बचाव करते हुए कई उपलब्धियां गिनाईं. उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में डबल इंजन सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति ने अपराधी तत्वों पर अंकुश लगाने, कानून का राज स्थापित करने और प्रदेश में भयमुक्त माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाई है. मुख्यमंत्री ने मां कालरात्रि का उल्लेख करते हुए कहा कि अन्याय, अत्याचार और आतंक का अंत ही न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण समाज की बुनियाद है.
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए संदेश में मां कालरात्रि के स्वरूप को बुरी शक्तियों के विनाश और धर्म की स्थापना का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि देवी का स्वरूप भक्तों को अभय प्रदान करने का संदेश देता है. इसी संदर्भ में उन्होंने अपराध के खिलाफ सरकार की नीति और महिलाओं की सुरक्षा व सशक्तीकरण के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र किया.
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2017 से पहले प्रदेश में था भय का माहौल: योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में माफिया, दंगाइयों और अपराधियों के कारण भय और अव्यवस्था का माहौल था. उनके मुताबिक, इसका असर महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा, शिक्षा तथा आत्मनिर्भरता पर भी पड़ता था.
उन्होंने दावा किया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर इन तत्वों पर अंकुश लगाया गया है. सरकार का कहना है कि इससे प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई और लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है.
मिशन शक्ति से सेफ सिटी तक, महिला सुरक्षा पर जोर
महिलाओं की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति, एकीकृत 1090 हेल्पलाइन, महिला-केंद्रित बीट पुलिसिंग और सेफ सिटी परियोजना जैसी पहलों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य घर, सड़क, शिक्षण संस्थानों और कार्यस्थलों पर महिलाओं व लड़कियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है.
मुख्यमंत्री ने पुलिस की प्रतिक्रिया के समय में कमी आने का भी दावा किया. उनके अनुसार, वर्ष 2016 में पुलिस की प्रतिक्रिया में जहां करीब 65 मिनट लगते थे, वहीं अब यह समय घटकर पांच मिनट रह गया है. उन्होंने इसे आपात परिस्थितियों में पुलिस की तत्परता और महिला सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया.
महिला रोजगार में 12% से बढ़कर 36% से ज्यादा भागीदारी का दावा
योगी आदित्यनाथ ने महिला सशक्तीकरण को आर्थिक विकास से जोड़ते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में महिला श्रमबल भागीदारी दर 12 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है. उनके मुताबिक, महिलाएं अब कृषि, उद्योग, सेवा क्षेत्र और उद्यमिता में अधिक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति दे रही है. उन्होंने उत्तर प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) और प्रति व्यक्ति आय में तीन गुना वृद्धि का भी जिक्र किया तथा इसमें महिलाओं के योगदान को महत्वपूर्ण बताया.
सुरक्षा से आत्मनिर्भरता तक, सरकार ने गिनाईं उपलब्धियां
मुख्यमंत्री के मुताबिक, महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार होने से उन्हें काम करने और आर्थिक गतिविधियों में हिस्सा लेने के अधिक अवसर मिले हैं. उन्होंने विशेष रूप से रात की पाली में काम करने वाली महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सुरक्षा का भरोसा उनके आत्मविश्वास और रोजगार में भागीदारी के लिए जरूरी है.
योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में अपराध पर नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और महिला सशक्तीकरण को एक-दूसरे से जुड़ा बताया. हालांकि, पुलिस प्रतिक्रिया समय और महिला श्रमबल भागीदारी से जुड़े आंकड़े मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत किए गए दावे हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित आधिकारिक आंकड़ों को देखना जरूरी होगा.
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