लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्यभर में अवैध कोचिंग संस्थानों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू कर दिया है. सरकार का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई होगी.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि पूरे प्रदेश में मिशन मोड में फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए. साथ ही जिस भवन को जिस उद्देश्य के लिए स्वीकृति मिली है, उसका उपयोग उसी कार्य के लिए हो. बेसमेंट में कोचिंग सेंटर, नर्सिंग होम या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा.
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सभी जिलाधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश
राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में संचालित कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वे कराने का निर्देश दिया है. इसके तहत प्रत्येक संस्थान की सूची तैयार की जाएगी और यह जांचा जाएगा कि वह निर्धारित नियमों का पालन कर रहा है या नहीं.
जांच के दौरान निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है:
| जांच का क्षेत्र | क्या देखा जाएगा |
|---|---|
| भवन सुरक्षा | भवन की स्वीकृति और संरचना |
| फायर सेफ्टी | अग्निशमन उपकरण और NOC |
| विद्युत सुरक्षा | वायरिंग और सुरक्षा व्यवस्था |
| छात्र सुविधाएं | आपात निकास और मूलभूत सुविधाएं |
| प्रशासनिक व्यवस्था | पंजीकरण और दस्तावेज |
लखनऊ हादसे ने बढ़ाई चिंता
यह अभियान उस भीषण आग की घटना के बाद शुरू किया गया है जिसमें लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित एक कोचिंग एवं प्रशिक्षण केंद्र में आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई थी. अधिकांश मृतक छात्र थे. हादसे के बाद सुरक्षा मानकों और अवैध निर्माण को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं.
घटना के बाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया, चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और विभिन्न विभागों के चार अधिकारियों को निलंबित किया गया. सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) भी गठित किया है.
कई जिलों में शुरू हुई कार्रवाई
सरकारी अभियान के तहत विभिन्न जिलों में निरीक्षण और सीलिंग की कार्रवाई शुरू हो चुकी है.
कुछ प्रमुख कार्रवाई:
| जिला | कार्रवाई |
| कानपुर | कई कोचिंग संस्थान सील |
| नोएडा | बिना NOC वाले संस्थान बंद |
| प्रयागराज | सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई |
| वाराणसी | भवन मानकों की जांच |
| हापुड़ और अन्य जिले | विशेष निरीक्षण अभियान |
राज्यभर में दर्जनों कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई की जा चुकी है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा.
सरकार का फोकस छात्रों की सुरक्षा पर
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि बिना पंजीकरण चल रहे संस्थानों के खिलाफ उत्तर प्रदेश कोचिंग रेगुलेशन एक्ट, 2002 के तहत कार्रवाई की जाएगी. साथ ही पंजीकृत संस्थानों की भी नियमित जांच की जाएगी ताकि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके.
छात्रों और अभिभावकों के लिए क्या संदेश?
विशेषज्ञों का कहना है कि अभिभावकों को किसी भी कोचिंग संस्थान में प्रवेश दिलाने से पहले उसकी सुरक्षा व्यवस्था, फायर NOC और वैध पंजीकरण की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए.
हाल की घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि केवल शैक्षणिक गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि सुरक्षा मानक भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं.
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आगे क्या होगा?
राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि यह केवल एक औपचारिक अभियान नहीं होगा. सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी जा रही है और नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. सरकार का लक्ष्य छात्रों के लिए सुरक्षित और पारदर्शी शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है.
Source: News On AIR, Uttar Pradesh Government Updates


