आकाशवाणी ने अपने 90वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में नई दिल्ली स्थित आकाशवाणी भवन में ‘स्वर प्रेरणा वीथिका’ नामक विशेष फोटो गैलरी की शुरुआत की है. इस गैलरी का उद्घाटन पद्म विभूषण पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने किया. इस पहल का उद्देश्य भारतीय संगीत की समृद्ध विरासत को संरक्षित करना और उन महान कलाकारों को सम्मान देना है, जिन्होंने दशकों तक आकाशवाणी के माध्यम से देश की सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान दिलाई.
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पहले चरण में 20 महान संगीत विभूतियों को दी गई जगह
‘स्वर प्रेरणा वीथिका’ के पहले चरण में भारतीय संगीत जगत की 20 प्रतिष्ठित हस्तियों के चित्र प्रदर्शित किए गए हैं. इनमें भारत रत्न से सम्मानित एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी, पंडित रविशंकर, लता मंगेशकर, उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, पंडित भीमसेन जोशी और डॉ. भूपेन हजारिका शामिल हैं.
इसके अलावा पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित हरिप्रसाद चौरसिया, उस्ताद अमजद अली खान और उस्ताद अलाउद्दीन खान सहित कई अन्य दिग्गज कलाकारों को भी इस गैलरी में स्थान दिया गया है.
भारतीय संगीत विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल
प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी ने कहा कि यह गैलरी उन कलाकारों के प्रति आकाशवाणी की कृतज्ञता का प्रतीक है, जिनके योगदान ने उसे देश की प्रमुख सांस्कृतिक संस्थाओं में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
उन्होंने बताया कि आने वाले चरणों में और अधिक प्रतिष्ठित कलाकारों के चित्र इस गैलरी में जोड़े जाएंगे. साथ ही देशभर के विभिन्न आकाशवाणी केंद्रों पर स्थानीय संगीत विभूतियों को समर्पित ऐसी ही गैलरियां विकसित करने की भी योजना है.
डिजिटल माध्यमों से भी शास्त्रीय संगीत का प्रसार
कार्यक्रम के दौरान गौरव द्विवेदी ने बताया कि आकाशवाणी आज भी भारतीय संगीत परंपरा के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि शास्त्रीय संगीत के लिए ‘रागम’ और भक्ति संगीत के लिए ‘आराधना’ नाम से समर्पित डिजिटल चैनल 24 घंटे उपलब्ध हैं. श्रोता इन्हें YouTube, News on AIR ऐप और WAVES OTT प्लेटफॉर्म पर सुन सकते हैं.
पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने साझा की यादें
उद्घाटन समारोह में पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने आकाशवाणी के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद करते हुए इसे अपने लिए “घर वापसी” जैसा अनुभव बताया. उन्होंने कहा कि उनके संगीत सफर की शुरुआत आकाशवाणी के बाल कार्यक्रमों से हुई थी और यह संस्था हमेशा कलाकारों के लिए परिवार की तरह रही है.
उन्होंने उम्मीद जताई कि आकाशवाणी भविष्य में भी भारतीय संगीत और कलाकारों को इसी तरह प्रोत्साहित करती रहेगी.
बांसुरी वादन ने बांधा समां
कार्यक्रम का समापन पंडित हरिप्रसाद चौरसिया के शिष्य और प्रसिद्ध बांसुरी वादक पंडित रूपक कुलकर्णी की प्रस्तुति के साथ हुआ. उनकी बांसुरी की मधुर प्रस्तुति को उपस्थित दर्शकों ने खूब सराहा.
आकाशवाणी का कहना है कि ‘स्वर प्रेरणा वीथिका’ भारतीय संगीत विरासत को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों तक महान कलाकारों के योगदान को पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.
Source: Ministry of Information & Broadcasting


