Weather Update 2 July 2026: आज 2 जुलाई से देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून और अधिक सक्रिय होने जा रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है. वहीं 3 जुलाई के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है. इसके प्रभाव से अगले 5 से 6 दिनों तक मध्य भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने के आसार हैं.
मौसम विभाग ने दक्षिण गुजरात, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. कई राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाएं और बिजली गिरने की भी संभावना बनी हुई है.
अगले 2 दिनों में मानसून करेगा और प्रगति
आईएमडी के अनुसार मौसम की परिस्थितियां दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल बनी हुई हैं. अगले दो दिनों के दौरान गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब तथा राजस्थान के कुछ और हिस्सों में मानसून आगे बढ़ सकता है. इससे इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ने की संभावना है.
3 जुलाई के आसपास बनेगा लो प्रेशर एरिया
मौसम विभाग के अनुसार 3 जुलाई 2026 के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इस सिस्टम के बनने के बाद मध्य भारत में मानसून अधिक सक्रिय रहेगा. इसका असर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश के रूप में देखने को मिल सकता है.
इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का बड़ा अलर्ट
आईएमडी ने अगले कुछ दिनों के लिए अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.
- दक्षिण गुजरात क्षेत्र और कोंकण में 1 से 5 जुलाई तक.
- तटीय कर्नाटक में 1 और 2 जुलाई.
- मध्य महाराष्ट्र में 2 से 5 जुलाई.
- दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश में 3 और 4 जुलाई.
इन इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर में वृद्धि और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका बनी हुई है.
उत्तर भारत का मौसम
उत्तर भारत में अगले कई दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है.
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 1 से 7 जुलाई तक व्यापक वर्षा का अनुमान है. हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 2 से 7 जुलाई तक अच्छी बारिश हो सकती है.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2 और 3 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 से 3 जुलाई तथा 6 और 7 जुलाई को भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है.
पूर्वी राजस्थान में 1 और 2 जुलाई तथा 5 से 7 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं 3 और 4 जुलाई को यहां कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा भी हो सकती है.
हिमाचल प्रदेश में 2, 3, 5 और 6 जुलाई को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है. उत्तराखंड में 1 से 3 जुलाई के दौरान भी बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है.
जम्मू-कश्मीर, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं.
पश्चिमी राजस्थान में 3 से 5 जुलाई के बीच धूल भरी आंधी चलने की भी संभावना है.
मध्य भारत में सबसे ज्यादा सक्रिय रहेगा मानसून
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने वाला है.
पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 1 से 7 जुलाई तक व्यापक वर्षा होने की संभावना है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 और 4 जुलाई को कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश तथा कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है.
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 2 और 5 जुलाई को भी बहुत भारी बारिश का अनुमान है. पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 से 5 जुलाई के दौरान कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा हो सकती है.
छत्तीसगढ़ में 3 से 7 जुलाई के बीच भारी बारिश तथा 1 और 2 जुलाई को कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा का अनुमान है.
विदर्भ में 1 से 3 जुलाई तक बहुत भारी बारिश और 4 तथा 7 जुलाई को भारी बारिश की संभावना बनी हुई है.
1 जुलाई को मध्य प्रदेश में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं. राज्य में मध्यम से तीव्र बिजली गिरने की गतिविधियां भी दर्ज होने की संभावना है.
पूर्वी भारत में बारिश और बिजली गिरने का खतरा
गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, अंडमान-निकोबार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में 1 से 7 जुलाई तक व्यापक वर्षा होने की संभावना है.
बिहार में 1 जुलाई को व्यापक बारिश और 2 से 7 जुलाई तक छिटपुट वर्षा का अनुमान है.
ओडिशा में 1 से 6 जुलाई तक कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा हो सकती है, जबकि 7 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
गंगीय पश्चिम बंगाल में 5 से 7 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना है.
झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल में 1 जुलाई को मध्यम से तीव्र बिजली गिरने की गतिविधियां हो सकती हैं. बिहार में 1 और 4 जुलाई को भी बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा.
पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश जारी
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा.
अरुणाचल प्रदेश में 1 जुलाई तथा असम और मेघालय में 1, 3, 4 और 5 जुलाई को भारी बारिश होने की संभावना है.
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 1 से 5 जुलाई के दौरान कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है.
पश्चिम भारत में भारी से अत्यंत भारी बारिश
गुजरात क्षेत्र, कोंकण और गोवा में 1 से 7 जुलाई तक व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना है.
1 से 5 जुलाई के दौरान गुजरात और कोंकण में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
मध्य महाराष्ट्र में 2 से 5 जुलाई के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है.
सौराष्ट्र और कच्छ में 1 से 5 जुलाई तक कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा तथा 6 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है.
इन क्षेत्रों में गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं.
दक्षिण भारत में भी बारिश का मजबूत दौर
तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में 1 से 7 जुलाई तक व्यापक वर्षा जारी रहेगी.
तटीय कर्नाटक में 1 और 2 जुलाई तथा 5 से 7 जुलाई के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है.
केरल और माहे में 2 से 7 जुलाई तक भारी बारिश तथा 1 जुलाई को कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा का अनुमान है.
उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी कई दिनों तक भारी वर्षा जारी रह सकती है.
तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है.
तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा
देश के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
मध्य प्रदेश में 1 जुलाई को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने तथा 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक झोंके आने की संभावना जताई गई है.
लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है.
तापमान में बड़े बदलाव के संकेत नहीं
आईएमडी के अनुसार 7 जुलाई 2026 तक देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है.
गर्म और उमस भरे मौसम का अलर्ट
बारिश के बावजूद पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है.
- अरुणाचल प्रदेश में 3 से 5 जुलाई.
- असम और मेघालय में 2 से 5 जुलाई.
- नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 और 3 जुलाई.
इन क्षेत्रों में लोगों को पर्याप्त पानी पीने और लंबे समय तक धूप में रहने से बचने की सलाह दी गई है.
लोगों के लिए जरूरी सलाह
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें. स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें. गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों में न रहें. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतें.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी बुलेटिन, जारी 2 जुलाई 2026 के लिए प्रभावी मौसम अपडेट.
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FAQs
Q1. क्या 3 जुलाई के बाद देश में बारिश और बढ़ जाएगी?
Ans. हां. IMD के अनुसार 3 जुलाई के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इसके प्रभाव से अगले 5 से 6 दिनों तक मध्य भारत में मानसून अधिक सक्रिय रह सकता है और कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है.
Q2. किन राज्यों में सबसे ज्यादा भारी बारिश का खतरा है?
Ans. दक्षिण गुजरात, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, तटीय कर्नाटक, केरल और कुछ अन्य राज्यों में अलग-अलग दिनों में भारी, बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है.
Q3. क्या दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी बारिश बढ़ेगी?
Ans. मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी. कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है.
Q4. खराब मौसम के दौरान लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
Ans. भारी बारिश और बिजली गिरने के दौरान खुले मैदानों से दूर रहें, जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचें, मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें और केवल जरूरी होने पर ही यात्रा करें.


