Digital India कार्यक्रम के 11 वर्ष पूरे होने के अवसर पर केंद्र सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल बदलाव की बड़ी उपलब्धियों की जानकारी साझा की है. सरकार के अनुसार Academic Bank of Credits (ABC), APAAR ID और National Academic Depository (NAD) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब 110.65 करोड़ से अधिक शैक्षणिक रिकॉर्ड सुरक्षित डिजिटल स्वरूप में उपलब्ध हैं.
सरकार का कहना है कि इन पहलों से स्कूल और उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच स्थानांतरण, प्रवेश प्रक्रिया, छात्रवृत्ति, रोजगार और दस्तावेज सत्यापन पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और पारदर्शी हो गया है.
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क्या है Academic Bank of Credits (ABC)?
Academic Bank of Credits (ABC) शिक्षा मंत्रालय की एक डिजिटल पहल है, जिसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) संचालित करता है.
यह प्लेटफॉर्म छात्रों द्वारा विभिन्न मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों से अर्जित शैक्षणिक क्रेडिट को सुरक्षित रूप से संग्रहित, स्थानांतरित और उपयोग करने की सुविधा देता है.
यह व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और Multiple Entry-Multiple Exit (MEME) प्रणाली को भी समर्थन देती है, जिससे छात्र अपनी पढ़ाई अधिक लचीले तरीके से पूरी कर सकते हैं.
APAAR ID से मिली आजीवन डिजिटल पहचान
ABC प्लेटफॉर्म APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) से जुड़ा हुआ है.
APAAR प्रत्येक विद्यार्थी को एक आजीवन डिजिटल शैक्षणिक पहचान (Lifelong Academic Identity) प्रदान करता है. इसके माध्यम से स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास और अन्य मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों से जुड़े रिकॉर्ड एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहते हैं.
सरकार के अनुसार अब तक.
- 26.29 करोड़ से अधिक APAAR ID बनाई जा चुकी हैं.
- 2,963 उच्च शिक्षण संस्थान ABC प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं.
- 110.65 करोड़ से अधिक शैक्षणिक रिकॉर्ड अपलोड किए जा चुके हैं.
National Academic Depository (NAD) क्या है?
National Academic Depository (NAD) एक डिजिटल भंडार (Repository) है, जहां विश्वविद्यालय और शिक्षण संस्थान डिग्री, डिप्लोमा, अंकपत्र और अन्य शैक्षणिक प्रमाणपत्र सुरक्षित डिजिटल रूप में जारी और संग्रहित करते हैं.
इससे छात्र किसी भी समय अपने प्रमाणपत्र ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं, जबकि विश्वविद्यालय, नियोक्ता और सरकारी संस्थान इन दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन आसानी से कर सकते हैं.
छात्रों को क्या होंगे फायदे?
सरकार के अनुसार ABC, APAAR और NAD के एकीकृत डिजिटल सिस्टम से छात्रों को कई लाभ मिलेंगे.
- स्कूल और कॉलेज बदलने की प्रक्रिया अधिक आसान होगी.
- शैक्षणिक रिकॉर्ड सुरक्षित डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेंगे.
- प्रमाणपत्र खोने या खराब होने का जोखिम कम होगा.
- प्रवेश, छात्रवृत्ति, इंटर्नशिप और नौकरी के लिए दस्तावेजों का सत्यापन तेजी से होगा.
- कागजी दस्तावेजों पर निर्भरता घटेगी.
- फर्जी प्रमाणपत्रों की संभावना कम होगी.
प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बढ़ेगी पारदर्शिता
सरकार का कहना है कि डिजिटल शैक्षणिक रिकॉर्ड के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन की जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बन रही है.
डिजिटल सत्यापन से मानव हस्तक्षेप कम होता है, जिससे त्रुटियों और फर्जी दस्तावेजों की संभावना भी घटती है.
DigiLocker से भी जुड़ा है सिस्टम
ABC, APAAR और NAD को DigiLocker सहित अन्य Digital India प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है.
इस एकीकृत व्यवस्था के माध्यम से शैक्षणिक रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से साझा किए जा सकते हैं. इससे शिक्षा संस्थानों, सरकारी एजेंसियों और नियोक्ताओं के बीच रिकॉर्ड का आदान-प्रदान अधिक तेज और विश्वसनीय बनता है.
Digital India के तहत मजबूत हो रहा शिक्षा तंत्र
केंद्र सरकार का कहना है कि पिछले 11 वर्षों में Digital India के तहत शिक्षा क्षेत्र में व्यापक डिजिटल बदलाव हुए हैं. सुरक्षित, पोर्टेबल और डिजिटल रूप से सत्यापित शैक्षणिक रिकॉर्ड की व्यवस्था छात्रों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बना रही है और कागजरहित (Paperless) शासन को बढ़ावा दे रही है.
Source: Ministry of Electronics & Information Technology (MeitY), Ministry of Education


