Ram Mandir Donation Controversy: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में नवनिर्मित भव्य राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी के मामले ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है. इस हाई-प्रोफाइल चोरी के मुख्य आरोपी अनुकल्प मिश्र की गिरफ्तारी के बाद जो खुलासे हुए हैं, वे किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं हैं. पुलिस जांच में सामने आया है कि श्रद्धालुओं की आस्था के पैसे से आरोपी अपनी सुख-सुविधाओं और साम्राज्य खड़ा करने की साजिश रच रहा था.
20 बीघा जमीन और 2 करोड़ का सौदा
पुलिस की पूछताछ और शुरुआती तफ्तीश में जो बात सामने आई है, उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया. आरोपी अनुकल्प मिश्र मंदिर की दान पेटी से लगातार रकम पार कर रहा था और उसने एक बड़ी राशि इकट्ठा कर ली थी. आरोपी का इरादा इस काली कमाई से अपने गांव के पास एक विशाल संपत्ति बनाने का था. उसने गांव के निकट ही 20 बीघा जमीन खरीदने की पूरी योजना तैयार कर ली थी. जानकारी के अनुसार, इस जमीन का सौदा 2 करोड़ रुपये में तय भी हो चुका था और वह इसकी रजिस्ट्री कराने की फिराक में था.
CCTV और मिसमैच ने खोला राज, ऐसे दबोचा गया आरोपी
राम मंदिर जैसे अति-सुरक्षित स्थान पर इस चोरी को बेहद शातिराना अंदाज में अंजाम दिया जा रहा था. लेकिन पासा तब पलटा जब राम मंदिर प्रबंधन को दान पात्रों में आने वाली रकम और रिकॉर्ड के मिलान (कैलकुलेशन) में लगातार विसंगति (गड़बड़ी) महसूस हुई. बता दें कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस ने जब मंदिर परिसर के खुफिया और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया, तो अनुकल्प मिश्र की संदिग्ध हरकतें कैमरे में कैद हो गईं.
पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया और आरोपी को उस वक्त रंगे हाथों दबोच लिया, जब वह चोरी की रकम को कहीं ठिकाने लगाने या फिर जमीन के सौदे को फाइनल टच देने की तैयारी में था.
आस्था से खिलवाड़ पर भारी आक्रोश
श्रद्धालुओं द्वारा बेहद श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान राम के चरणों में अर्पित किए गए दान पर इस तरह डाका डाले जाने से आम जनता में भारी नाराजगी है. सोशल मीडिया से लेकर अयोध्या की गलियों तक इस घटना की निंदा हो रही है.
सुरक्षा व्यवस्था की होगी री-इंजीनियरिंग, रडार पर कई और नाम
इस संवेदनशील घटना के बाद राम मंदिर ट्रस्ट अब पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. मंदिर के दान पात्रों और सुरक्षा घेरे को और अधिक अभेद्य बनाने पर विचार किया जा रहा है. परिसर में आधुनिक सर्विलांस तकनीक और अतिरिक्त हाई-डेफिनिशन कैमरों की संख्या बढ़ाई जा रही है. दान पेटी और लॉकर के आसपास तैनात रहने वाले कर्मचारियों के ड्यूटी रोटेशन में बड़े बदलाव की तैयारी है.
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बड़ा सवाल- क्या पीछे कोई और है?
अयोध्या पुलिस अब इस बिंदु पर गहनता से जांच कर रही है कि क्या अनुकल्प मिश्र इस पूरे खेल में अकेला था या मंदिर के कुछ अन्य कर्मचारी और बाहरी लोग भी इस सिंडिकेट का हिस्सा हैं. पुलिस आरोपी के बैंक खातों और उसकी अब तक की पूरी कुंडली खंगाल रही है.


