पिछले कुछ सालों में तांबे के बर्तनों और बोतलों (Copper Bottles) का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ा है. आज के समय में लोग सेहतमंद रहने के लिए सुबह खाली पेट तांबे के बर्तन में रखा पानी पीते हैं.
आयुर्वेद और विज्ञान दोनों में ही तांबे के बर्तन में पानी पीना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि तांबे की बोतल का फायदा आपको तभी मिलेगा जब आप इसका सही इस्तेमाल करेंगे?
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अक्सर लोग अनजाने में साधारण पानी के अलावा कई तरह के अन्य पेय पदार्थ (Drinks) भी तांबे की बोतल में भर लेते हैं, जो शरीर के लिए धीमे जहर का काम कर सकते हैं.
तांबा एक अत्यधिक प्रतिक्रियाशील (Reactive) धातु है. जब कुछ खास चीजें इसके संपर्क में आती हैं, तो वे कॉपर के साथ मिलकर केमिकल रिएक्शन करती हैं, जिससे पेट में जलन, मिचली और फूड पॉइजनिंग जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं.
आइए जानते हैं कि तांबे की बोतल में किन 5 चीजों को रखने से सख्त परहेज करना चाहिए
1. नींबू पानी (Lemon Water)
वजन घटाने और डिटॉक्स के लिए लोग सुबह नींबू पानी पीते हैं, लेकिन इसे तांबे की बोतल में रखना सेहत पर भारी पड़ सकता है.
नींबू में सिट्रिक एसिड (प्राकृतिक खट्टापन) होता है, जो तांबे के साथ तुरंत प्रतिक्रिया करता है. इससे न सिर्फ पानी का स्वाद कड़वा या अजीब हो जाता है, बल्कि इसे पीने से पेट में तेज जलन, उल्टी और मिचली (Nausea) की शिकायत हो सकती है.
नींबू पानी के लिए कांच या स्टील के बर्तनों का ही इस्तेमाल करें.
2. छाछ, दही या दूध से बने पेय
सफर पर जाते समय या गर्मियों में लोग अक्सर तांबे की बोतल में छाछ (Buttermilk), लस्सी या दूध भर लेते हैं.
डेयरी प्रोडक्ट्स में लैक्टिक एसिड पाया जाता है. जब दूध या दही से बनी चीजें तांबे के संपर्क में आती हैं, तो वे जहरीली (Toxic) हो सकती हैं.
इससे इन चीजों का स्वाद तो बिगड़ता ही है, साथ ही पेट खराब होना, डायरिया और इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है.
3. जीरा पानी (Jeera Water)
आजकल पाचन सुधारने और वजन नियंत्रित करने के लिए जीरा पानी काफी लोकप्रिय है, लेकिन इसे भूलकर भी तांबे की बोतल में स्टोर न करें.
जीरे में मौजूद तत्व लंबे समय तक तांबे के संपर्क में रहने पर निगेटिव रिएक्शन करते हैं. इससे जीरा पानी की क्वालिटी और उसके औषधीय गुण खत्म हो जाते हैं.
जीरा पानी हमेशा सामान्य या स्टील के बर्तन में ही रखें.
4. सिरका (Vinegar)
सिरका (एप्पल साइडर विनेगर या सफेद सिरका) स्वभाव से बेहद अम्लीय (Acidic) होता है.
तांबे की बोतल में सिरका या उससे बनी ड्रिंक्स रखने से बोतल की अंदरूनी सतह कटने लगती है और केमिकल रिएक्शन तेजी से होता है.
यह ड्रिंक की क्वालिटी को पूरी तरह खराब कर देता है और शरीर के अंदरूनी अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है.
5. गर्म चीजें (चाय, कॉफी या उबला पानी)
तांबे की बोतल में बहुत अधिक गर्म पानी, चाय या कॉफी रखने से बचना चाहिए.
उच्च तापमान (High Temperature) के कारण कॉपर की रिएक्शन करने की क्षमता और बढ़ जाती है. इससे पेय पदार्थों का स्वाद तो बदलता ही है, साथ ही एसिडिटी और पेट से जुड़ी अन्य परेशानियां भी शुरू हो सकती हैं.
तांबे की बोतल का कैसे करें सही इस्तेमाल?
क्या रखें?
तांबे की बोतल का सबसे सुरक्षित और सही उपयोग सिर्फ और सिर्फ साधारण पानी (Normal Water) रखने के लिए है.
कितनी देर रखें?
रातभर (लगभग 8-12 घंटे) तांबे की बोतल में रखा गया पानी सुबह खाली पेट पीना सेहत के लिए पर्याप्त और सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है.
इसमें किसी भी तरह का खट्टा, मसालेदार या गर्म पेय मिलाने की गलती बिल्कुल न करें.


