Avadh University News: डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कौटिल्य प्रशासनिक भवन सभागार में कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आहूत की गई. यह बैठक ‘प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान’ ( पीएम ऊषा) के तहत विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों की आवश्यकता के अनुरूप अत्याधुनिक विज्ञान उपकरणों की खरीद एवं अन्य विभागीय मांगों की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी.
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बैठक में कुलपति ने विश्वविद्यालय की विभिन्न प्रयोगशालाओं में उपलब्ध उपकरणों की प्रासंगिकता और उनके वर्तमान उपयोग की विभागवार विस्तृत समीक्षा की. शैक्षणिक स्तर में गुणात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से कुलपति ने सभी विज्ञान प्रयोगशालाओं को नवीनतम उपकरणों से सुसज्जित करने और छात्र-छात्राओं को प्रायोगिक कार्यों में पूरी तरह दक्ष बनाने के निर्देश दिए.
कुलपति ने बैठक में शिक्षकों से बड़ी शोध परियोजनाओं पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया. इन्हीं परियोजनाओं से छात्रों को बड़ा एक्स्पोज़र मिल पाएगा और वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बन पाएंगे. पीएम-उषा योजना के अंतर्गत मिलने वाली धनराशि का सदुपयोग कर हम अपनी प्रयोगशालाओं को विश्वस्तरीय बनाएंगे. जब तक विद्यार्थी स्वयं अपने हाथों से प्रैक्टिकल नहीं करेंगे, तब तक विज्ञान की शिक्षा अधूरी है. नई शिक्षा नीति के अनुरूप तकनीकी और व्यावहारिक ज्ञान आज के समय की मांग है. इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन संसाधनों की कोई कमी नहीं होने देगा. उन्होंने कहा कि विभिन्न पाठ्यक्रमों में केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयोगात्मक पक्ष पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए.
बैठक के दौरान पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) प्रयोगशालाओं और शोध कार्यों को वैश्विक स्तर का बनाने के लिए कई उन्नत उपकरणों व सॉफ्टवेयरों की खरीद पर गहन विचार-विमर्श किया गया, मुख्य रूप से शामिल सॉफ्टवेयर एवं तकनीकी पाठ्यक्रम में ‘मेटलैब’ और डेटा एनालिसिस के लिए ‘एसपीएसएस’ सॉफ्टवेयर.
वैज्ञानिक एवं शोध उपकरण में एंजाइम एवं प्रोटीन प्यूरीफिकेशन उपकरण, पीसीआर, फोटोमाइक्रोग्राफ, टेक्सचर एनालाइजर, सेंट्रीफ्यूज, इलेक्ट्रो प्रोसेसिंग यूनिट, इनक्यूबेटर और शेकर एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पाठ्यक्रम के लिए उपयोगी सॉफ्टवेयर की उपयोगिता पर विमर्श हुआ. सटीक भौगोलिक सर्वेक्षण के लिए भूगोल और अभियंत्रण संबंधित विभागों के लिए उन्नत डीजीपीएस यंत्र की माँग पर सहमति बनी. विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, समन्वयक और पीएम-उषा समिति के सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने-अपने विभागों की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं को कुलपति के समक्ष प्रस्तुत किया.
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बैठक में वित्त अधिकारी पूर्णेन्दु शुक्ल, प्रो.एसएस मिश्र, प्रो. आशुतोष सिन्हा, प्रो. नीलम पाठक प्रो. सिद्धार्थ शुक्ल, प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा, प्रो. फर्रुख जमाल, प्रो. गंगाराम मिश्र, प्रो. एस के रायजादा, प्रो. तुहिना वर्मा, प्रो शैलेंद्र कुमार, डॉ. पी के द्विवेदी, डॉ. विनोद कुमार चौधरी, डॉ. नवीन पटेल, डॉ. दिनेश कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे.


