Weather Update 14 September 2026: सितंबर के दूसरे पखवाड़े में मानसून की सक्रियता कई हिस्सों में बनी हुई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD केForecast Bulletin के अनुसार, सोमवार 14 सितंबर को देश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है. गुजरात में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश, ओडिशा, केरल और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है.
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14 सितंबर को कहां होगी भारी बारिश
IMD के 14 सितंबर यानी Day 2 के पूर्वानुमान के मुताबिक गुजरात में अलग-अलग स्थानों पर Heavy to Very Heavy Rainfall की संभावना है. इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, केरल और माहे, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, तमिलनाडु-पुडुचेरी और कराईकल तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
यानी 14 सितंबर को बारिश का असर केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा. पश्चिमी भारत से लेकर उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम बदल सकता है.
गुजरात में सबसे ज्यादा सतर्कता की जरूरत
14 सितंबर को गुजरात में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना सबसे प्रमुख चेतावनियों में शामिल है. IMD ने गुजरात राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया है. इसके साथ ही गुजरात में अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश की संभावना भी जताई गई है.
IMD के अनुसार 14 सितंबर तक गुजरात क्षेत्र में बहुत भारी बारिश का असर रह सकता है. वहीं सौराष्ट्र और कच्छ में 13-14 सितंबर के दौरान बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की स्थिति बन सकती है.
इन जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा
14 सितंबर को IMD ने गुजरात क्षेत्र के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में Low to Moderate Flash Flood Risk बताया है. जिला स्तर पर इसमें सूरत और भरूच शामिल हैं.
सौराष्ट्र और कच्छ में भावनगर, अमरेली, सुरेंद्रनगर, राजकोट, मोरबी, पोरबंदर, देवभूमि द्वारका, कच्छ, गिर सोमनाथ और जूनागढ़ जिले शामिल हैं. IMD के दस्तावेज में पोरबंदर का नाम दो बार दर्ज है. इन क्षेत्रों में पूरी तरह संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में सतही पानी जमा होने या स्थानीय जलभराव की स्थिति बन सकती है.
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भी 14 सितंबर को 17:30 IST तक कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम बताया गया है. यहां भी भारी बारिश की वजह से संतृप्त मिट्टी वाले क्षेत्रों और निचले इलाकों में पानी का बहाव बढ़ सकता है.
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में भी बारिश का दौर
दिल्ली-NCR और आसपास के इलाकों के लिए भी 14 सितंबर का मौसम पूरी तरह साफ रहने वाला नहीं है. IMD ने हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली तथा पंजाब में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है. इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं.
IMD के सात दिन के बारिश पूर्वानुमान में भी हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली और पंजाब के लिए 16-17 सितंबर को fairly widespread rainfall का संकेत दिया गया है. इसका मतलब है कि अगले कुछ दिनों में भी मौसम की गतिविधि बनी रह सकती है.
मध्य और पूर्वी भारत का क्या हाल रहेगा
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 14 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है. मध्य महाराष्ट्र में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. IMD के अनुसार पश्चिमी मध्य प्रदेश में 13-14 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रह सकती है.
ओडिशा में भी 14 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है. बिहार में 14 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ मौसम सक्रिय रह सकता है. अगले दिनों में बिहार में 15-17 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना भी दी गई है.
दक्षिण भारत में भी गरज-चमक और तेज हवाएं
दक्षिण भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 14 सितंबर को 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ गरज और बिजली की संभावना है. आंध्र प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी ऐसी स्थिति बन सकती है. केरल और माहे में भारी बारिश के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की संभावना है.
IMD के सात दिन के पूर्वानुमान के मुताबिक केरल में 14-15 सितंबर को fairly widespread बारिश हो सकती है, जबकि तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल में 13-16 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
15 से 17 सितंबर तक भी सक्रिय रहेगा मौसम
14 सितंबर के बाद भी कई क्षेत्रों में बारिश जारी रहने की संभावना है. 15 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, केरल, ओडिशा, पंजाब, सौराष्ट्र और कच्छ तथा तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
16 सितंबर को अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, केरल, ओडिशा, पंजाब और तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल में भारी बारिश की संभावना है. 17 सितंबर को भी अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, ओडिशा और पंजाब में भारी बारिश हो सकती है.
18 और 19 सितंबर को भारी बारिश का प्रमुख क्षेत्र अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह रह सकता है. दोनों दिनों में वहां गरज-चमक और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं की संभावना भी दी गई है.
बारिश के पीछे क्या है मौसम सिस्टम
IMD के विश्लेषण के मुताबिक 13 सितंबर की शाम तक दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ था. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला था और अगले 24 घंटे में इसके दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और आसपास के उत्तर गुजरात की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना थी. मानसून ट्रफ भी गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़ और झारखंड से होकर गुजर रही थी.
भारी बारिश का आम लोगों पर क्या असर हो सकता है
बहुत भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ की स्थिति बन सकती है. सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है. तेज हवा से पेड़ों की शाखाएं टूटने, छोटे पेड़ों के उखड़ने और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है. भारी बारिश के दौरान दृश्यता भी घट सकती है. पहाड़ी इलाकों में स्थानीय भूस्खलन, मलबा खिसकने और सड़क पर पानी आने जैसी स्थिति बन सकती है.
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए
बारिश और गरज-चमक के दौरान मौसम अपडेट पर नजर रखना जरूरी है. बिजली चमकने की स्थिति में खुले मैदान, पेड़, जलाशय और बिजली के खंभों जैसी जगहों से दूर रहें. IMD ने सुरक्षित स्थान पर रहने और पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने की सलाह दी है. बिजली गिरने की आशंका में इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को unplug करने तथा पानी के संपर्क से दूर रहने की सलाह भी दी गई है.
किसानों के लिए भी बारिश को देखते हुए खेतों में जल निकासी बनाए रखना जरूरी है. गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, सौराष्ट्र-कच्छ, ओडिशा और दूसरे प्रभावित क्षेत्रों के लिए IMD ने अलग-अलग फसलों से अतिरिक्त पानी निकालने और गीली मिट्टी में सिंचाई, खाद तथा कुछ कृषि गतिविधियों को टालने की सलाह दी है.
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14 सितंबर 2026 मौसम: एक नजर में
| क्षेत्र | 14 सितंबर की प्रमुख स्थिति |
|---|---|
| गुजरात | भारी से बहुत भारी बारिश |
| पूर्वी राजस्थान | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और गरज-चमक |
| हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली | भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं |
| पंजाब | भारी बारिश और गरज-चमक |
| पश्चिमी मध्य प्रदेश | भारी बारिश |
| मध्य महाराष्ट्र | भारी बारिश |
| ओडिशा | भारी बारिश |
| बिहार | गरज-चमक और तेज हवाएं |
| केरल और माहे | भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं |
| तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल | भारी बारिश, बिजली और 40-50 kmph तक तेज हवाएं |
| अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय | भारी बारिश और गरज-चमक |
FAQ
1. 14 सितंबर 2026 को किस राज्य में सबसे ज्यादा बारिश का अलर्ट है?
गुजरात में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. सौराष्ट्र और कच्छ में भी भारी बारिश का खतरा बना हुआ है.
2. क्या दिल्ली में 14 सितंबर को बारिश होगी?
IMD ने 14 सितंबर को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है. गरज-चमक के साथ 30-40 kmph की तेज हवाएं भी चल सकती हैं.
3. किन जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा बताया गया है?
गुजरात में सूरत, भरूच, भावनगर, अमरेली, सुरेंद्रनगर, राजकोट, मोरबी, पोरबंदर, देवभूमि द्वारका, कच्छ, गिर सोमनाथ और जूनागढ़ शामिल हैं. उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में Low to Moderate flash flood risk बताया गया है.
4. क्या 14 सितंबर के बाद बारिश खत्म हो जाएगी?
नहीं. IMD के पूर्वानुमान में 15-17 सितंबर तक कई राज्यों में बारिश जारी रहने की संभावना है. 18-19 सितंबर को अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है.
5. बिजली चमकने के दौरान सबसे जरूरी सावधानी क्या है?
पेड़ के नीचे खड़े होने से बचें और सुरक्षित स्थान पर रहें. पानी के स्रोतों से बाहर निकलें, बिजली के उपकरणों को unplug करें और ऐसी वस्तुओं से दूर रहें जो बिजली का संचालन करती हैं.


