उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक “सेवा संकल्प अभियान” चलाया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक महीने तक चलने वाले इस अभियान के तहत पूरे प्रदेश में 12 प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. अभियान की तैयारियों को समय से पूरा करने के लिए मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों को जरूरी निर्देश जारी किए हैं.
इस अभियान का उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा पिछले वर्षों में हुए विकास कार्यों से लोगों के जीवन में आए बदलाव को जनता तक पहुंचाना है. इसके साथ ही लोगों को “विकसित भारत-2047” के संकल्प से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा.
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हर जिले में नियुक्त होंगे नोडल अधिकारी
अभियान के तहत प्रदेश के हर जिले में प्रत्येक कार्यक्रम के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे. सभी प्रशासनिक विभागों को अपने-अपने नोडल अधिकारी तय करने और अभियान की कार्ययोजना तथा समय-सारणी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.
जिलों में भी हर कार्यक्रम के लिए अलग नोडल अधिकारी बनाया जाएगा और जिला स्तर पर अभियान का कैलेंडर तैयार किया जाएगा.
विधानसभा से ग्राम पंचायत तक तैयार होगा डेटा
संबंधित विभागों को अपनी प्रमुख परियोजनाओं, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का विधानसभा क्षेत्र, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर तक विस्तृत ब्योरा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.
इसी आधार पर सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों का डेटाबेस भी तैयार किया जाएगा, ताकि अभियान के दौरान योजनाओं से जुड़े आंकड़ों और उपलब्धियों को प्रस्तुत किया जा सके.
विकास कार्यों के फोटो, वीडियो और ड्रोन फुटेज जुटाए जाएंगे
अभियान के दौरान विकास कार्यों का प्रभाव दिखाने के लिए उनके “पहले और बाद” के फोटो और वीडियो एकत्र किए जाएंगे.
इसके अलावा ड्रोन फुटेज और रील्स का भी एक डेटा बैंक तैयार किया जाएगा, जिससे विकास कार्यों की दृश्य सामग्री उपलब्ध रहे.
CMIS पोर्टल पर रोजाना अपलोड होगी जानकारी
अभियान के दौरान होने वाले सभी कार्यक्रमों और विकास कार्यों की प्रगति की निगरानी की जाएगी. कार्यक्रमों की जानकारी फोटो और वीडियो के साथ राज्य स्तरीय CMIS पोर्टल पर प्रतिदिन दर्ज करनी होगी.
अभियान शुरू होने से पहले विभागों और जिलों को कार्यक्रमों की समय-सारणी बनाने, लाभार्थियों का डेटाबेस तैयार करने और कार्यक्रम स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं.
इसके साथ ही यात्राओं के रूट, व्यवस्थापन टीम, नोडल अधिकारियों की तैनाती और जरूरी बजट की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने को कहा गया है.
प्रदेशभर में आयोजित होंगे 12 प्रमुख कार्यक्रम
सेवा संकल्प अभियान के तहत पूरे प्रदेश में 12 प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. प्रत्येक कार्यक्रम के उद्देश्य, गतिविधियां, क्रियान्वयन की प्रक्रिया और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी पहले से तय की गई है.
विभागों और जिला प्रशासन को निर्धारित समय-सारणी के अनुसार इन कार्यक्रमों का आयोजन करने के निर्देश दिए गए हैं.
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हर सप्ताह होगी अभियान की समीक्षा
अभियान की निगरानी के लिए अलग-अलग स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी.
विभागीय अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव अपने-अपने विभागों से जुड़े कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे. वहीं मंडलायुक्त अपने मंडल के सभी जिलों की और जिलाधिकारी अपने जिले में आयोजित कार्यक्रमों की हर सप्ताह समीक्षा करेंगे.
मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से जिलों में अभियान की गतिविधियों की रोजाना निगरानी भी की जाएगी.


