Ganga Expressway Update: उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR और राजस्थान से हरिद्वार-ऋषिकेश जाने वाले लोगों के लिए आने वाले समय में सफर आसान होने की उम्मीद है. कई एक्सप्रेसवे और हाईवे को आपस में जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है. इससे आगरा, मथुरा और आसपास के इलाकों से हरिद्वार पहुंचने के लिए नया रास्ता मिल सकता है. प्रस्तावित सड़क नेटवर्क के पूरा होने पर आगरा से हरिद्वार का सफर करीब 7-8 घंटे से घटकर लगभग 4 घंटे होने का अनुमान जताया जा रहा है. हालांकि, यह समय संबंधित परियोजनाओं के निर्माण, अंतिम रूट और यातायात की स्थिति पर निर्भर करेगा.
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तीन एक्सप्रेसवे जुड़ेंगे, हरिद्वार जाने के लिए मिलेगा नया रास्ता
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यात्रियों को किसी एक एक्सप्रेसवे पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. गंगा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाली सड़क परियोजनाओं के जरिए एक व्यापक नेटवर्क तैयार करने की योजना है.
इसमें गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से आगे हरिद्वार तक बढ़ाने का प्रस्ताव अहम माना जा रहा है. करीब 146 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित विस्तार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच सड़क संपर्क बेहतर हो सकता है.
अगर यह विस्तार और दूसरी लिंक सड़कें निर्धारित योजना के अनुसार तैयार होती हैं, तो हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को मौजूदा रास्तों के मुकाबले एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है.
जेवर एयरपोर्ट के पास बनेगा गंगा-यमुना लिंक एक्सप्रेसवे?
प्रस्तावित नेटवर्क की दूसरी अहम कड़ी करीब 74.5 किलोमीटर लंबा गंगा-यमुना लिंक एक्सप्रेसवे है. इसके जरिए यमुना एक्सप्रेसवे को बुलंदशहर के आसपास गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना बताई जा रही है. इस लिंक का फायदा आगरा और मथुरा की ओर से आने वाले यात्रियों को मिल सकता है. वे यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते प्रस्तावित लिंक तक पहुंचकर आगे गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए हरिद्वार की ओर जा सकेंगे.
हालांकि, यह परियोजना प्रस्तावित है. इसलिए इसके निर्माण, अंतिम रूट और चालू होने की समयसीमा की आधिकारिक पुष्टि होने तक इसे तैयार सड़क मार्ग नहीं माना जाना चाहिए.
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी मिलेगी कनेक्टिविटी
इस नेटवर्क की तीसरी कड़ी यमुना एक्सप्रेसवे को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली सड़क है. इससे राजस्थान की ओर से आने वाले वाहनों को भी एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए आगे बढ़ने का विकल्प मिल सकता है. जयपुर से हरिद्वार जाने वाले यात्रियों के लिए भी बेहतर सड़क संपर्क उपयोगी साबित हो सकता है. प्रस्तावित नेटवर्क पूरा होने पर जयपुर से हरिद्वार की यात्रा का समय करीब 10-11 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे होने का अनुमान है. हालांकि, वास्तविक समय चुने गए रूट और परियोजनाओं के पूरा होने पर निर्भर करेगा.
आगरा, मथुरा और लखनऊ के लोगों को क्या फायदा होगा?
आगरा और मथुरा: यमुना एक्सप्रेसवे से गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंचने का नया विकल्प मिल सकता है.
दिल्ली-NCR: हरिद्वार और ऋषिकेश जाने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और वैकल्पिक मार्ग मिलने की उम्मीद है.
जयपुर और राजस्थान: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तथा दूसरे लिंक मार्गों से यात्रा अधिक सुविधाजनक हो सकती है.
लखनऊ: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से आगरा पहुंचकर आगे यमुना एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित लिंक मार्गों का इस्तेमाल किया जा सकता है.
यहां ध्यान देने वाली बात है कि लखनऊ से हरिद्वार तक सीधे नया एक्सप्रेसवे बनाने के बजाय मौजूदा और प्रस्तावित सड़कों को जोड़कर यात्रा का विकल्प तैयार करने की योजना बताई जा रही है.
पर्यटन और कारोबार को भी मिलेगा बढ़ावा
हरिद्वार और ऋषिकेश देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल हैं. बेहतर सड़क संपर्क से गंगा स्नान, धार्मिक आयोजनों, छुट्टियों और वीकेंड ट्रिप पर जाने वाले लोगों को फायदा मिल सकता है. इसके अलावा, राज्यों के बीच सामान की आवाजाही आसान होने से परिवहन लागत और यात्रा के समय में कमी आने की संभावना है. एक्सप्रेसवे के आसपास होटल, ढाबे, पेट्रोल पंप, ट्रांसपोर्ट और अन्य कारोबार के अवसर भी बढ़ सकते हैं.
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