Mirzapur-Prayagraj Highway: उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर से प्रयागराज के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है. राष्ट्रीय राजमार्ग-35 (NH-35) के करीब 45 किलोमीटर लंबे हिस्से को दो लेन से चार लेन में बदलने की मंजूरी मिल गई है. इस परियोजना पर करीब 1,200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. सड़क चौड़ी होने से दोनों जिलों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने और जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है.
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45 किलोमीटर सड़क होगी फोर लेन
मिर्जापुर और प्रयागराज को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-35 के करीब 45 किलोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण किया जाएगा. लंबे समय से इस मार्ग को चार लेन बनाने की मांग उठ रही थी. सड़क के कुछ हिस्सों में जाम लगने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.
परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद अब निर्माण कार्य शुरू होने की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है. सड़क चौड़ी होने से यात्री वाहनों के साथ मालवाहक गाड़ियों की आवाजाही भी आसान हो सकती है. इससे दोनों जिलों के बीच यात्रा के समय में कमी आने की संभावना है.
1200 करोड़ की परियोजना, अब फंड का इंतजार
NH-35 के चौड़ीकरण पर करीब 1,200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, परियोजना का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है. अब धनराशि जारी होने और ठेकेदार के चयन के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. हालांकि, अभी निर्माण शुरू होने की तारीख और परियोजना पूरी होने की समयसीमा स्पष्ट नहीं है. ऐसे में लोगों को सड़क चौड़ीकरण का वास्तविक लाभ मिलने के लिए निर्माण कार्य शुरू होने और पूरा होने का इंतजार करना होगा.
हाईवे के साथ शहर की सड़कों पर भी ध्यान देने की मांग
हाईवे के चौड़ीकरण की मंजूरी से लोगों को राहत की उम्मीद है, लेकिन स्थानीय स्तर पर शहर की सड़कों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय निवासी अभिषेक दुबे का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग को चौड़ा करना अच्छी पहल है, लेकिन शहर की जर्जर और संकरी सड़कों पर भी ध्यान देने की जरूरत है. उनके मुताबिक, शहर के भीतर खराब सड़कों और संकरे रास्तों के कारण भी लोगों को जाम से जूझना पड़ता है. ऐसे में हाईवे के साथ शहर की सड़कों की मरम्मत और चौड़ीकरण पर भी काम होना चाहिए, ताकि लोगों को रोजाना की आवाजाही में राहत मिल सके.
अब नजर निर्माण कार्य शुरू होने पर है. यदि परियोजना तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ती है, तो मिर्जापुर और प्रयागराज के बीच सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों को इसका फायदा मिल सकता है. साथ ही, शहर की सड़कों की समस्याओं का समाधान भी स्थानीय लोगों की बड़ी मांग बनी हुई है.
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