UP Industrial Development: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने और निवेश के नए अवसर तैयार करने की दिशा में गोरखपुर और बांदा के लिए अहम कदम उठाया गया है. दोनों जिलों में नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की तैयारी है. इससे प्रदेश में उद्योगों के विस्तार के साथ-साथ रोजगार और कारोबार की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय समिति ने दोनों परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी दे दी है.
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गोरखपुर में 120 एकड़ में विकसित होगा औद्योगिक क्षेत्र
गोरखपुर के धुरियापार क्षेत्र में 102.35 करोड़ रुपये की लागत से 120 एकड़ जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा. यहां उद्योगों को स्थापित करने के लिए औद्योगिक भूखंडों के साथ फ्लैटेड फैक्ट्री, वेयरहाउसिंग और कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी.
इन सुविधाओं से उद्योगों को जरूरी बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने और कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद मिल सकती है. क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है.
बांदा में 310 एकड़ में बनेगा मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर
बांदा में भी औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाने की योजना तैयार की गई है. यहां 378.82 करोड़ रुपये की लागत से 310.27 एकड़ क्षेत्र में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर (IMLC) के दूसरे चरण का विकास किया जाएगा. इस परियोजना में औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के साथ वाणिज्यिक, आवासीय और सामाजिक बुनियादी ढांचे के विकास का भी प्रावधान है. इससे उद्योगों के संचालन, माल के भंडारण और परिवहन से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी.
अभी केंद्र की मंजूरी का इंतजार
दोनों परियोजनाओं को भारत औद्योगिक विकास योजना के तहत विकसित किया जाएगा. उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने इनसे जुड़े प्रस्ताव राज्य स्तरीय समिति के समक्ष रखे थे. समिति से मंजूरी मिलने के बाद अब दोनों परियोजनाओं की डीपीआर राष्ट्रीय संचालन समिति की स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजी जाएगी. बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार, सचिव विजय किरन आनंद, यूपीडा के एसीईओ शैलेन्द्र भाटिया और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
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