बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने विपक्ष पर देश को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि विपक्ष विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश की व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में नितिन नवीन ने कहा कि विपक्ष की ओर से ‘रेजीम चेंज’ यानी सत्ता व्यवस्था में बदलाव जैसे शब्दों का इस्तेमाल उसके एजेंडे को उजागर करता है.
नितिन नवीन के मुताबिक, विपक्ष की लड़ाई चुनाव सुधारों, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) या देश के युवाओं के भविष्य के लिए नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य देश में अराजकता फैलाना और किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करना है.
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‘लोकतंत्र में सत्ता का रास्ता जनता के जनादेश से होकर गुजरता है’
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने बयान में कहा कि लोकतंत्र में सत्ता हासिल करने का रास्ता जनता के जनादेश से होकर गुजरता है, न कि अराजकता के जरिए. उन्होंने यह भी कहा कि भारत के नागरिक और बीजेपी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देंगे.
उनकी यह प्रतिक्रिया विपक्ष की गतिविधियों और ‘रेजीम चेंज’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर सामने आई है. हालांकि, उपलब्ध जानकारी में विपक्ष की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है.
सुधांशु त्रिवेदी ने भी ‘रेजीम चेंज’ शब्द पर उठाए सवाल
इस बीच, बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि ‘रेजीम चेंज’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल भारत में अशांति की स्थिति पैदा करने की कोशिशों की ओर संकेत करता है.
त्रिवेदी ने यह भी दावा किया कि त्योहारों के मौजूदा मौसम में मध्य दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने का उद्देश्य देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना हो सकता है.
विरोध-प्रदर्शनों को लेकर बीजेपी का आरोप
नितिन नवीन और सुधांशु त्रिवेदी के बयानों में विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों और ‘रेजीम चेंज’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई गई है. बीजेपी नेताओं ने इन गतिविधियों को देश की स्थिरता और आर्थिक विकास से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं.
हालांकि, उपलब्ध स्रोत में इन आरोपों के समर्थन में कोई अतिरिक्त साक्ष्य नहीं दिया गया है और न ही विपक्ष का पक्ष शामिल है. इसलिए इन बयानों को बीजेपी नेताओं के आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए.
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