FASTag Annual Pass के नियमों में बदलाव के तहत स्थानीय वाहन चालकों के लिए रियायती सालाना पास की सुविधा शुरू करने की जानकारी दी गई है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के संशोधित प्रावधानों के अनुसार, टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय लोगों के लिए पास की सालाना फीस ₹1,500 या ₹3,000 तय की गई है. फीस इस बात पर निर्भर करेगी कि टोल प्लाजा नगरपालिका या स्थानीय नगर क्षेत्र की सीमा के भीतर है या बाहर.
इस सुविधा का उद्देश्य उन लोगों को राहत देना है, जो रोजाना या नियमित रूप से टोल प्लाजा से गुजरते हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पहले मासिक पास का खर्च सालभर में ₹4,320 तक पहुंच सकता था. ऐसे में पात्र वाहन चालकों को नए रियायती पास से बचत होने की संभावना है.
हालांकि, इस सुविधा का लाभ हर वाहन या हर टोल प्लाजा पर नहीं मिलेगा. वाहन का निजी इस्तेमाल के लिए पंजीकृत होना और उस पर एक्टिव FASTag लगा होना जरूरी बताया गया है. आवेदन करने से पहले लागू नियमों और पात्रता की पुष्टि करना भी जरूरी है.
₹1,500 और ₹3,000 वाले पास में क्या अंतर है?
नए प्रावधानों में सालाना फीस टोल प्लाजा की स्थिति के आधार पर तय की गई है.
- ₹1,500 सालाना: यदि टोल प्लाजा नगरपालिका या स्थानीय नगर क्षेत्र की सीमा से बाहर स्थित है, तो यह फीस लागू होगी.
- ₹3,000 सालाना: यदि टोल प्लाजा नगरपालिका या स्थानीय नगर क्षेत्र की सीमा के भीतर स्थित है, तो यह फीस लागू होगी.
इस तरह, पास की फीस संबंधित टोल प्लाजा की लोकेशन पर निर्भर करेगी. स्थानीय निवासियों को यह पता करना होगा कि उनके क्षेत्र के टोल प्लाजा पर कौन-सी दर लागू होती है.
किन लोगों को मिलेगा FASTag Annual Pass का फायदा?
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी. उपलब्ध जानकारी के अनुसार:
- वाहन निजी इस्तेमाल के लिए पंजीकृत होना चाहिए.
- वाहन पर एक्टिव FASTag लगा होना जरूरी है.
- संबंधित व्यक्ति टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाला स्थानीय निवासी होना चाहिए.
- पास के लिए संबंधित टोल प्लाजा और लागू नियमों के अनुसार पात्रता पूरी करनी होगी.
सिर्फ टोल प्लाजा के पास रहने से अपने आप रियायती पास मिलने की गारंटी नहीं है. वाहन की श्रेणी, स्थानीय पात्रता और संबंधित टोल प्लाजा के नियमों की पुष्टि करना जरूरी है.
क्या यह पास सभी नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर चलेगा?
नहीं. दिए गए विवरण के अनुसार, यह सुविधा उन नेशनल हाईवे या एक्सप्रेसवे पर लागू नहीं होगी, जहां टोल वसूली के लिए क्लोज्ड यूजर फी सिस्टम लागू है.
इसके अलावा, यदि स्थानीय निवासियों के लिए सर्विस रोड या वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध है, तो वे इस रियायत के पात्र नहीं हो सकते. यानी वैकल्पिक मार्ग का उपलब्ध न होना भी पात्रता से जुड़ी महत्वपूर्ण शर्त बताई गई है.
इसलिए पास बनवाने से पहले संबंधित टोल प्लाजा पर इसकी लागू होने की स्थिति स्पष्ट कर लेना चाहिए. यह भी ध्यान रखें कि पास हर टोल प्लाजा पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा.
पास सिर्फ उसी टोल प्लाजा पर होगा मान्य
नए रियायती सालाना पास की एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि इसका इस्तेमाल केवल उसी टोल प्लाजा पर किया जा सकेगा, जिसके लिए इसे जारी किया गया है.
उदाहरण के लिए, यदि किसी स्थानीय निवासी को एक खास टोल प्लाजा के लिए पास मिलता है, तो वह इसे दूसरे टोल प्लाजा पर अपने आप इस्तेमाल नहीं कर सकेगा. नियमित यात्रा करने वालों को पास लेने से पहले अपने रोजाना के यात्रा मार्ग और लागू टोल प्लाजा की जानकारी जांचनी चाहिए.
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हर साल 1 अप्रैल को संशोधित होंगी दरें
मंत्रालय के बताए गए प्रावधानों के अनुसार, FASTag Annual Pass की दरों में हर साल 1 अप्रैल को संशोधन किया जाएगा. इसका मतलब है कि भविष्य के वर्षों में सालाना फीस बदल सकती है.
जो लोग नियमित रूप से टोल प्लाजा से गुजरते हैं, उनके लिए यह सुविधा खर्च का आकलन करने में उपयोगी हो सकती है. लेकिन पास लेने से पहले पात्रता, फीस, वैकल्पिक रास्ते की उपलब्धता और पास के उपयोग की सीमा की पुष्टि करना जरूरी है.
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