बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भगवान श्रीकृष्ण पर की गई एक टिप्पणी को लेकर विवादों में घिर गए हैं. उनकी टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कई श्रद्धालुओं, संतों और यादव समाज के लोगों ने नाराजगी जताई है. इस मामले में बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने भी कड़ी आपत्ति जताई है. वह 3 नवंबर को दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस थाने पहुंचे और धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की. उन्होंने ₹100 करोड़ का मानहानि मुकदमा करने की बात भी कही है.
इस विवाद के बीच धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी टिप्पणी पर सफाई देते हुए माफी भी मांगी है. उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण का अपमान करना नहीं था.
क्या है धीरेंद्र शास्त्री का पूरा विवाद?
यह मामला मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा में आयोजित श्रीराम कथा से जुड़ा है. यहां कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए श्रीकृष्ण की मुद्रा और बांसुरी बजाने को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिसे लेकर विवाद शुरू हो गया.
इस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. इसके बाद कई श्रद्धालुओं और धार्मिक संगठनों ने आपत्ति जताई. यादव समाज के लोगों ने भी इसे भगवान श्रीकृष्ण की धार्मिक भावनाओं का अपमान बताते हुए विरोध शुरू कर दिया.
विवाद बढ़ने के बाद मध्य प्रदेश के भिंड और शिवपुरी में भी प्रदर्शन हुए. यादव समाज के संगठनों ने पुलिस और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
पप्पू यादव ने FIR और ₹100 करोड़ के मानहानि केस की बात क्यों कही?
बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी पर नाराजगी जताई. उनका कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और उनके बारे में इस तरह की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती.
2 नवंबर को मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा था कि वह 3 नवंबर को दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस थाने पहुंचकर धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग करेंगे. उन्होंने इसके साथ ही ₹100 करोड़ का मानहानि मुकदमा करने की बात भी कही.
इसके बाद 3 नवंबर को वह पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे. इस घटनाक्रम के बाद मामला राजनीतिक और धार्मिक चर्चा का विषय बन गया है.
विवाद बढ़ने पर धीरेंद्र शास्त्री ने मांगी माफी
विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी टिप्पणी पर सफाई दी और माफी मांगी. उन्होंने कहा कि उनकी बात का उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण का अपमान करना नहीं था.
उन्होंने अपनी टिप्पणी को विनोद और प्रेमभाव में कही गई बात बताया. साथ ही कहा कि वह भगवान श्रीकृष्ण के विरोधी नहीं हैं और उनके प्रति उनकी गहरी आस्था है.
हालांकि, उनकी सफाई के बावजूद इस टिप्पणी को लेकर विरोध और कार्रवाई की मांग जारी रही.
यादव समाज और संतों ने भी जताई नाराजगी
इस मामले में सिर्फ सोशल मीडिया पर ही विरोध नहीं हुआ, बल्कि मध्य प्रदेश के भिंड और शिवपुरी में प्रदर्शन भी किए गए. यादव समाज के संगठनों ने प्रशासन को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग उठाई.
वहीं, संत समाज के कुछ लोगों ने भी धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी पर आपत्ति जताई है. इस तरह एक धार्मिक कथा के दौरान की गई टिप्पणी को लेकर विवाद कई क्षेत्रों तक पहुंच गया.
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल इस मामले में पप्पू यादव की ओर से पुलिस में शिकायत और ₹100 करोड़ के मानहानि मुकदमे की घोषणा चर्चा में है. हालांकि, पुलिस में शिकायत देना और FIR दर्ज होना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं. दिए गए विवरण में FIR दर्ज होने की पुष्टि नहीं है.
धीरेंद्र शास्त्री अपनी टिप्पणी पर माफी मांग चुके हैं, जबकि विरोध करने वाले संगठन कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. अब आगे की स्थिति पुलिस की कार्रवाई और इस मामले में उठाए जाने वाले कानूनी कदमों पर निर्भर करेगी.
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