Author: Anusa

अनुषा पिछले 3 वर्षों से Readmeloud.com में सीनियर सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. हेल्थ, यूटिलिटी, टेक और ट्रैवल जैसे विषयों पर रिसर्च-बेस्ड और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करना उनकी विशेषज्ञता है. अनुषा को मीडिया इंडस्ट्री में 5 साल का अनुभव है. उन्होंने करियर की शुरुआत रिपोर्टिंग से की और लोकल प्रिंट मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कदम रखा. ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ काम कर चुकी अनुषा को डिजिटल न्यूज़ और स्टोरीटेलिंग में मजबूत पकड़ हासिल है.

देवों के देव महादेव और सबके चहेते भगवान भोलेनाथ भक्तों में काफी प्रिय है. कहा जाता है कि महादेव तो सच्चे मन से चढ़ाए गए लोटे भर जल से भी प्रसन्न हो जाते हैं. भगवान शंकर का दिन सोमवार माना जाता है. जिन भी भक्तों को अपनी कोई इच्छा मांगनी होती है, वह सोमवार के दिन ही शिव मंदिर में जाकर पूजा करते हैं. सोमवार को कई लोग भगवान महादेव का व्रत भी रखते हैं. सोमवार के दिन सच्चे और पवित्र भाव से की गई पूजा को महादेव अवश्य स्वीकारते हैं. कई लोग सोमवार के दिन व्रत भी रखते हैं.…

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जब वह सलाखों से बाहर निकले तो उनके चेहरे पर एक शिकन तक न थी… ऐसा लग रहा था कि मानों सजा नहीं, किसी तीर्थ से लौटकर आए हों… फिल्मों में तो गुंडों के नाम के पीछे ‘भाई’ लगता है लेकिन अपने असली नाम के पीछे ‘भाई’ जैसे पवित्र शब्द को लगाकर दागदार करने वाले ये दरिंदे मुस्कुराहट के साथ जेल से बाहर आए तो लोगों ने इनका ऐसे स्वागत किया, जैसे मानों जंग जीतकर आए हों. फूल-मालाएं पहनाई गईं…माथे पर तिलक किया गया…पैर छूकर आशीर्वाद लिया गया… बस करो ऐ समाज, और कितना गिरोगे तुम सब…अरे वो दरिंदे हैं…कोई…

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चाणक्य नीति:- वैसे तो मानव समाज के कल्याण के लिए कई तरह के नियम-कायदे बताए जाते हैं लेकिन समाज और मानव की भलाई के लिए भारत के मशहूर आचार्य चाणक्य ने जो बातें बताई हैं, वह शत-प्रतिशत सच साबित हुई हैं. इतना ही नहीं, जिस भी इंसान ने आचार्य चाणक्य की इन नीतियों का अपने जीवन में अनुसरण किया है, उसकी कई समस्याओं का अंत भी हो जाता है. चाणक्य नीति में पुरुषों के लिए कई अहम बातें बताई गई हैं. आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में ऐसी 4 खास बातों का उल्लेख किया है, जिन्हें पुरुषों को जानना…

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तुम घने जंगल,तो लकड़ी हूं मैं,तुम लहराते सागर,तैरती इक मछली हूं मैं. भूलकर न गई तेरी नजर,बनारस की वो गली हूं मैं,फूल-फूल मंडराने वाले भंवरे,सपनों भरी तितली हूं मैं. होगा तू कोई खिला फूल,मासूम इक कली हूं मैं.चेहरे देख तेरे हजार,जलन में जली हूं मैं. उठी न तेरे दिल में कभी,हां वो खलबली हूं मैं,महसूस कर ये चाहतें,नादां नहीं जरा चुलबुली हूं मैं.

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सुबह उठ जाएं जो एक बार,दिन भर जुटे रहते हैं हम,न लेकर चैन की सांस,घंटों काम करते रहते हैं हम.आखिर क्या चाहते हैं हम… अकेले थे आए, अकेले है जाना,फिर क्यों भूल बैठे हैं आज मुस्कुराना,खुशियां रहती हैं अब रूठी सी,करीब रहने लगे हैं गम,आखिर क्या चाहते हैं हम… खुद की भी एक मासूम सी जिंदगी है,कमाई से कहीं ज्यादा वो बड़ी है,भूल गए कि तुम खुद हो एक अनमोल रत्न,जिसके लिए जहां में लेने पड़ते हैं सो जन्म,आखिर क्या चाहते हैं हम…आखिर क्या चाहते हैं हम…

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चाहत हीरे-मोतियों की नहीं,अंगूठी तेरी उंगलियों की चाहिए. चाहत किसी इत्र की नहीं,महक अपनी सांसों में बस तुम्हारी चाहिए. उड़ने के ख्वाब हैं आसमां में,पंख तुम्हारी बांहों के चाहिए. चाहत आलीशान बंगलों की नहीं,तुम्हारे दिल में एक खास कोना चाहिए. चलूं जब कभी भीड़-भाड़ में,थामे मुझे वो तेरा हाथ चाहिए. ख्वाहिश सुकूं भरी जगहों पर जाने की,वहां मुझे तेरा ही कांधा चाहिए. इस भीड़भाड़ भरी दुनिया में ऐ मेरे हमसफर,हम दोनों की क्यूट सी दुनिया चाहिए.

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तुमने मुझे चूड़ियां पहनाईं,मैं मैरीकॉम बन गई.तुमने मुझे पायल पहनाई,मैं पी टी ऊषा बन गई.6 मीटर की साड़ी में भी लपेटा, फिर भी सानिया मिर्जा बन गई.तुमने मुझे कमजोर कहा,फिर मैं गीता फोगाट बन गई.तेरे ढाले हर रूप में ढल गई,देख पुरुष आज मैं किस हद तक बदल गई.जब-जब तुमने मुझे परीक्षा की आग में तपाया,मेरे स्वरूप को खरे सोने से कम नहीं पाया.बन कर सीता, नीरजा, प्रियंका, गीता,बाबुल ही नहीं, तेरे आंगन को भी खुशियों से है सींचा.अपनी मां, बहन और बेटी को तो तूने दिया प्यार,फिर क्यों अनजान लड़की होती है तुम्हारी बेहूदगी का शिकार.केवल एक दिन ही…

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काला धागा – आजकल पैरों में काला धागा पहनना एक ट्रेंड सा हो गया है. लड़की हो या लड़का, दोनों के ही पैरों में काला धागा बंधा नजर आता है. लोगों की मानें तो पैरों को कूल दिखाने के साथ-साथ यह बुरी नजर से भी बचाता है. पर क्या आप इसे पहनने का सही तरीका या सही पैर जानते हैं. नहीं न… ऐसे में अगर आपको लगता है कि बिना सही जानकारी के पैरों में पहना हुआ काला धागा आपको फायदा पहुंचा रहा है तो आप बिल्कुल गलत हैं. हालांकि इसमें परेशान होने की भी जरूरत नहीं है. जरूरत है तो…

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जब भी कोई सब्जी बनती है, तो उसमें प्याज का इस्तेमाल जरूर होता है. सलाद की बात हो तो उसमें भी प्याज का प्रयोग किया जाता है. किचन में इस्तेमाल की जाने वाली चीजों में से प्याज का काफी महत्व है. ग्रेवी वाली सब्जी में अगर प्याज का इस्तेनाल न किया जाए तो उसका टेस्ट शायद ही अच्छा हो. वेज हो या नॉनवेज, हर तरह की सब्जी को जायकेदार बनाने के लिए प्याज काफी जरूरी होता है पर क्या आप जानते हैं कि प्याज का इस्तेमाल न केवल खाने में बल्कि और भी कई तरह की चीजों में किया जाता…

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‘ऊं सुभद्राय नम:’ यह वह मंत्र है जिसका जाप करते ही जिंदगी के न जाने कितने ही दुख खत्म हो जाते हैं. मां तुलसी का यह मंत्र जिता प्रभावशाली है, उता ही ज्यादा प्रभावशाली तुलती का पौधा होता है. कहते हैं कि जिस घर में तुलसी का पौध होता है, उस घर में खुशियों का अंबार लगा होता है. दुख-दरिद्र कभी निकट नहीं आते हैं.माना जाता है कि घर में तुलसी का पौधा लगने से और हर रोज पूजा-अर्चना करने से मां लक्ष्मी की कृपा होती है. घर-परिवार में सुख-समृद्धि का माहौल बना रहता है. बता दें कि हिंदू धर्म…

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अरे वाह…तुम्हारे पास आईफोन है… ओह माय गॉड…उसने ज़ारा के कपड़े पहने हैं… अरे उसने आज नाइकी के 15 हजार के जूते खरीदे…और तुम्हारे पास क्या है… ये सवाल जितने ही बड़े हैं, उनके जवाब उतने ही कठिन होंगे.ये महंगे कपड़े, महंगी घड़ियां, महंगे जूते, ये स्टार बक्स वाली कॉफी हर किसी के लिए आजकल स्टेटस सिंबल बन गए हैं. यूथ जाते हैं इन जगहों पर शायद सिर्फ अपने फ्रेंड्स के बीच कूल बनने के लिए. हां, यकीन नहीं होता तो जरा हफ्ते-हफ्ते में नाइट क्लब और स्टार बक्स जैसी जगहों पर जाने वाले लोगों के सिर पर हाथ रखकर…

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लगाव… ये शब्द सुनते ही शायद आपको आपके दिल के सबसे करीब रहने वाले शख्स की याद आ जाती होगी पर मेरे साथ ऐसा नहीं है. मुझे चहेते शख्स नहीं बल्कि उस बेजुबान की याद आती है, जिसने उन दिनों में मेरा साथ दिया, मेरा सहारा बना, जब पूरी दुनिया कोरोना के डर से अपने घरों में दुबकी हुई थी.अब आप सोच रहे होंगे कि भला कोरोना महामारी के समय एक कबूतर किसी का सहारा कैसे बन सकता है? तो चलिए बताते हैं आपको उस कबूतर… नहीं-नहीं लाल आंखों वाले कबूतर की कहानी.बात साल 2020 की है. मार्च 2020 तक…

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सुनो न… वो पापा की परी समझदार हो गई है,जो घंटों मायके में सोया करती थी,वो जल्दी उठने वाले लोगों में शुमार हो गई है,हां, पापा की परी समझदार हो गई है…. मां हाथों में चाय की प्याली लिए खड़ी जगाती रहती थी,दादा-दादी के ताने सुनकर बेचारी सहम भी जाया करती थी,आलस की आदत उसके लिए गुनहगार हो गई है,हां, पापा की परी अब समझदार हो गई है…. चाचू देखते थे उसके नखरे,घरों में मिलकर दोनों रखते थे सारे सामान बिखरे-बिखरेबुआ अक्सर उसे मेला ले जाया करती थी,आज अपने ही घर में रिश्तेदार हो गई है,हां, पापा की परी अब…

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