Ayodhya News: पर्यटन और आतिथ्य उद्योग में अब केवल डिग्री हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक, व्यावहारिक प्रशिक्षण और बेहतर संचार कौशल भी करियर की सफलता के लिए जरूरी हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन बुकिंग जैसी तकनीकों ने इस क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा किए हैं. यह बात पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट के निदेशक प्रो. नीरज अग्रवाल ने डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या में आयोजित विशेष व्याख्यान के दौरान कही.
विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंधन एवं उद्यमिता विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यटन एवं आतिथ्य उद्योग में कौशल विकास और तकनीकी नवाचार की भूमिका पर चर्चा की गई. विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप अपनी क्षमताएं विकसित करने के लिए प्रेरित किया.
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AI और डिजिटल तकनीक से बदल रहा पर्यटन उद्योग
मुख्य वक्ता प्रो. नीरज अग्रवाल ने कहा कि पर्यटन और आतिथ्य उद्योग तेजी से बदल रहा है. इस क्षेत्र में डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली, डिजिटल मार्केटिंग और आधुनिक होटल प्रबंधन प्रणालियों का इस्तेमाल बढ़ रहा है.
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रहने के बजाय व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी ध्यान देना चाहिए. ग्राहक सेवा, संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता और तकनीकी दक्षता जैसे गुण इस उद्योग में आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण हैं. उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुसार खुद को तैयार करने वाले विद्यार्थियों के लिए रोजगार के साथ अपना व्यवसाय शुरू करने के अवसर भी विकसित हो सकते हैं.
पर्यटन क्षेत्र में करियर बनाने के लिए कौशल जरूरी
कार्यक्रम की शुरुआत में विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेन्द्र कुमार वर्मा ने मुख्य वक्ता का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि पर्यटन एवं आतिथ्य उद्योग देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
उन्होंने विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल, तकनीकी ज्ञान, सकारात्मक दृष्टिकोण और व्यावसायिक दक्षता विकसित करने की सलाह दी. उनके अनुसार, ऐसे विशेषज्ञ व्याख्यान विद्यार्थियों को उद्योग की वास्तविक परिस्थितियों और भविष्य में उपलब्ध संभावनाओं को समझने का अवसर देते हैं.
विशेषज्ञों के अनुभव से विद्यार्थियों को मिलेगी दिशा
कार्यक्रम के अंत में प्रो. हिमांशु शेखर सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया. उन्होंने मुख्य वक्ता प्रो. नीरज अग्रवाल को सम्मानित करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के अनुभव और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को अपने करियर की दिशा तय करने में मदद मिलती है.
इस अवसर पर डॉ. निमिष मिश्रा, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. अंशुमान पाठक और डॉ. महेंद्र पाल सिंह सहित विभाग के अन्य शिक्षक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यटन एवं आतिथ्य उद्योग में उभरती तकनीकों, जरूरी व्यावसायिक कौशल और रोजगार तथा उद्यमिता की संभावनाओं से परिचित कराना था.
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