देश में मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने बड़ी सफलता हासिल की है. DRI ने त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में दो अलग-अलग खुफिया अभियानों के दौरान 1.11 लाख से अधिक कोडीन आधारित कफ सिरप की बोतलें जब्त की हैं. इस कार्रवाई में एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया गया है.
वित्त मंत्रालय के अनुसार, दोनों अभियान NDPS Act, 1985 के प्रावधानों के तहत चलाए गए. तस्करों ने कफ सिरप की बोतलों को लोहे के ड्रमों के भीतर अन्य सामग्री की परत के नीचे छिपाकर ले जाने की कोशिश की थी, लेकिन खुफिया जानकारी के आधार पर DRI अधिकारियों ने पूरे नेटवर्क की योजना को विफल कर दिया.
त्रिपुरा में ट्रेन पार्सल से मिली बड़ी खेप
2 जुलाई 2026 को DRI अधिकारियों ने अगरतला जाने वाली एक ट्रेन के पार्सल वैन में भेजे जा रहे संदिग्ध माल को रोका.
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि 80 धातु के ड्रमों के भीतर पाउडर जैसी सामग्री की परत के नीचे बड़ी मात्रा में कोडीन आधारित कफ सिरप छिपाकर रखा गया था.
इस अभियान में कुल 55,626 बोतलें बरामद की गईं.
कार्रवाई के दौरान रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और असम राइफल्स ने भी DRI का सहयोग किया. जब्त खेप लेने पहुंचे एक व्यक्ति को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया.
पश्चिम बंगाल के डानकुनी में गोदाम पर छापा
लगभग इसी अवधि में DRI ने पश्चिम बंगाल के डानकुनी स्थित एक गोदाम पर छापा मारा.
तलाशी के दौरान अधिकारियों ने 104 सीलबंद लोहे के ड्रमों से 56,225 कोडीन आधारित कफ सिरप की बोतलें बरामद कीं.
यहां भी बोतलों को चाइना क्ले (China Clay) पाउडर की परत के नीचे छिपाया गया था ताकि जांच एजेंसियों की नजर से बचा जा सके.
पूरी खेप को NDPS Act, 1985 के तहत जब्त कर लिया गया.
दोनों अभियानों में कुल क्या मिला?
दोनों राज्यों में हुई कार्रवाई के बाद DRI ने कुल मिलाकर.
- 1,11,851 कोडीन आधारित कफ सिरप की बोतलें जब्त कीं.
- एक आरोपी को गिरफ्तार किया.
- मादक पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे छिपाने के नए तरीकों का खुलासा किया.
यह हाल के समय में कोडीन आधारित दवाओं के खिलाफ की गई महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है.
कोडीन आधारित कफ सिरप क्यों है संवेदनशील?
कोडीन अफीम (Opium) से प्राप्त होने वाला एक पदार्थ है, जिसका सीमित मात्रा में दवाओं में वैध चिकित्सीय उपयोग होता है. डॉक्टरों की सलाह पर इसका उपयोग खांसी और दर्द से संबंधित कुछ स्थितियों में किया जाता है.
हालांकि, इसी पदार्थ का दुरुपयोग होने की संभावना भी अधिक रहती है. यही कारण है कि तस्कर कोडीन आधारित कफ सिरप को अवैध रूप से विभिन्न राज्यों और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं.
इस तरह की दवाओं की अवैध बिक्री और दुरुपयोग को रोकने के लिए भारत में NDPS Act, 1985 के तहत कड़ी निगरानी रखी जाती है.
DRI ने क्या कहा?
DRI के अनुसार, संगठित तस्करी गिरोह लगातार नए-नए तरीके अपनाकर मादक पदार्थों से युक्त दवाओं को अवैध बाजार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं.
इन दोनों मामलों में भी कफ सिरप की बोतलों को लोहे के ड्रमों में अन्य सामग्री के नीचे छिपाकर भेजा गया था ताकि जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके.
एजेंसी ने कहा कि खुफिया सूचनाओं पर आधारित समन्वित कार्रवाई के जरिए ऐसे नेटवर्क को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और भविष्य में भी यह अभियान जारी रहेगा.
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान
हाल के वर्षों में DRI, सीमा शुल्क विभाग और अन्य केंद्रीय एजेंसियां मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए संयुक्त अभियान चला रही हैं. आधुनिक तकनीक, खुफिया सूचनाओं और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से अवैध तस्करी के नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई की जा रही है.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बड़ी जब्ती न केवल अवैध कारोबार पर रोक लगाने में मदद करती है, बल्कि युवाओं तक नशीले पदार्थों की पहुंच कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. DRI ने कितनी कोडीन आधारित कफ सिरप की बोतलें जब्त की हैं?
DRI ने त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में दो अलग-अलग अभियानों के दौरान कुल 1,11,851 कोडीन आधारित कफ सिरप की बोतलें जब्त की हैं.
2. यह कार्रवाई किन राज्यों में की गई?
यह कार्रवाई त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में की गई.
3. इस मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जो जब्त खेप लेने पहुंचा था.
4. किस कानून के तहत कार्रवाई की गई?
यह कार्रवाई NDPS Act, 1985 के प्रावधानों के तहत की गई.
Source: Ministry of Finance


