Health News: भारत में आज महिलाएं केवल घर-परिवार की जिम्मेदारी ही नहीं निभा रही हैं, बल्कि पढ़ाई, नौकरी और समाज की हर भूमिका में आगे बढ़ रही हैं. लेकिन इस व्यस्त जीवनशैली और बदलते खानपान का असर उनके स्वास्थ्य पर साफ दिख रहा है. कई बीमारियां ऐसी हैं, जो पहले कम सुनाई देती थीं, लेकिन अब तेजी से बढ़ रही हैं और महिलाओं के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं.
आज की महिला आत्मनिर्भर है, शिक्षित है और हर चुनौती से जूझने के लिए तैयार है लेकिन एक चुप्पी है जो चिंता का विषय बन रही है, वह है उनकी सेहत. कई बीमारियां ऐसी हैं, जो महिलाओं में तेज़ी से बढ़ रही हैं मगर वे अक्सर इन्हें नज़रअंदाज़ कर देती हैं. इनके बारे में आपको बताते हैं-
- एनीमिया
भारत की आधी से ज्यादा महिलाएं आज भी खून की कमी से जूझ रही हैं. इसकी वजह है पोषण की कमी, आयरन वाली डाइट का कम सेवन और प्रेग्नेंसी के दौरान सही देखभाल न मिलना. एनीमिया से थकान, कमजोरी और चक्कर आने जैसी दिक्कतें बढ़ जाती हैं. - PCOS/PCOD (हार्मोनल समस्या)
आजकल 5 में से लगभग 1 महिला इस समस्या से परेशान है. यह हार्मोनल असंतुलन है, जिसमें वजन बढ़ना, चेहरे पर बाल, अनियमित पीरियड्स और इनफर्टीलिटी तक की समस्या हो सकती है. अनियमित दिनचर्या और फास्ट फूड की आदतें इसकी बड़ी वजह हैं. - दिल से जुड़ी बीमारियां
पहले दिल की बीमारी को सिर्फ पुरुषों की समस्या माना जाता था लेकिन अब महिलाए भी तेजी से इसका शिकार हो रही हैं. तनाव, मोटापा, ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी दिक्कतें दिल की सेहत बिगाड़ रही हैं. खासकर 35-45 साल की युवा महिलाओं में यह चिंता का कारण बन रहा है. - कैंसर (Breasts and Cervix)
महिलाओं में सबसे ज्यादा मामले ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर के मिल रहे हैं. देर से शादी, बच्चों को स्तनपान न कराना और जागरूकता की कमी इसकी प्रमुख वजहें मानी जाती हैं. अगर समय पर जांच कराई जाए तो इनसे बचाव और इलाज संभव है. - डायबिटीज़ और हाई ब्लड प्रेशर
अनियमित खानपान और व्यायाम की कमी ने मधुमेह और ब्लड प्रेशर को भी तेजी से बढ़ा दिया है. पहले ये बीमारियां बुजुर्गों तक सीमित थीं, लेकिन अब युवा महिलाएं भी इसकी चपेट में आ रही हैं. - मानसिक स्वास्थ्य
महिलाओं का मानसिक स्वास्थ्य भी गंभीर चिंता का विषय है. खासकर प्रसव के बाद ‘पोस्टपार्टम डिप्रेशन’ बढ़ रहा है. कामकाज, परिवार और सामाजिक दबाव के बीच कई महिलाएं तनाव और अवसाद का सामना कर रही हैं, लेकिन खुलकर इस पर बात नहीं करतीं.
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आज की भारतीय महिला हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है, लेकिन अपने स्वास्थ्य को अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है. आयरन और पोषण से भरपूर भोजन, नियमित व्यायाम, समय पर जांच और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देकर इन बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है. ध्यान रखें एक स्वस्थ महिला ही परिवार की नींव होती है.