Meerut News: मेरठ में घर, दुकान या व्यावसायिक भवन बनवाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है. शहर के तीन प्रमुख मार्गों नमो भारत कॉरिडोर, गढ़ रोड और आउटर रिंग रोड को विशेष सुख-सुविधा क्षेत्र घोषित करने की तैयारी है. ऐसा होने पर इन क्षेत्रों में भवन का नक्शा पास कराने के लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है. इस राशि का इस्तेमाल संबंधित इलाकों में सड़क, पार्किंग, फुटपाथ, हरियाली और परिवहन जैसी सुविधाएं विकसित करने में किया जाएगा.
मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) की 17 अक्टूबर को होने वाली बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को रखा जाना है. बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा. अंतिम फैसला और शुल्क की दरें शासन स्तर पर तय होंगी.
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नमो भारत कॉरिडोर से गढ़ रोड तक, इन 3 क्षेत्रों पर रहेगी नजर
प्रस्ताव के तहत जिन तीन प्रमुख मार्गों को विशेष सुख-सुविधा क्षेत्र घोषित करने की तैयारी है, वे हैं:
- नमो भारत कॉरिडोर: मोहिउद्दीनपुर से मोदीपुरम तक का मार्ग.
- गढ़ रोड: शहर के प्रमुख मार्गों में शामिल यह क्षेत्र.
- आउटर रिंग रोड: एनएचएआई की ओर से बनाए जा रहे हाईवे और कनेक्टर से जुड़ा क्षेत्र.
यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है और शासन की अधिसूचना जारी होती है, तो इन क्षेत्रों में भवनों के नक्शे स्वीकृत कराने पर निर्धारित अतिरिक्त शुल्क लागू हो सकता है.
क्यों देना होगा अतिरिक्त शुल्क?
इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रमुख परिवहन मार्गों के आसपास बढ़ते शहरी विकास के साथ जरूरी सुविधाओं का विस्तार करना है. प्रस्ताव के मुताबिक, विशेष सुख-सुविधा शुल्क से मिलने वाली राशि उसी क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विकास पर खर्च की जाएगी. मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना के अनुसार, बोर्ड से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा. शुल्क कितना होगा और इसे किस तरह लागू किया जाएगा, इसका निर्धारण शासन स्तर पर होगा.
कम जमीन पर ऊंची इमारत बनाने का भी मिलेगा विकल्प
प्रस्तावित व्यवस्था में केवल अतिरिक्त शुल्क ही नहीं, बल्कि निर्माण से जुड़े कुछ लाभ भी शामिल हैं. इसके तहत निर्धारित नियमों और पात्रता के अनुसार कम भूमि पर ऊंची इमारत बनाने की सुविधा मिल सकती है. बिल्डर अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) खरीदकर भवन में अतिरिक्त निर्माण की अनुमति भी ले सकेंगे.
इसका फायदा उन क्षेत्रों में व्यावसायिक विकास को मिल सकता है, जहां नमो भारत, बस सेवाओं और भविष्य की परिवहन योजनाओं के कारण गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. हालांकि, अतिरिक्त निर्माण की वास्तविक सीमा और शर्तें लागू नियमों पर निर्भर करेंगी.
सड़क, पार्किंग, फुटपाथ और हरियाली पर होगा खर्च
विशेष सुख-सुविधा शुल्क से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल संबंधित क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं विकसित करने के लिए किया जाएगा. इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- सड़कों का निर्माण और सुधार
- पार्किंग की व्यवस्था
- फुटपाथ और सार्वजनिक शौचालय
- हरियाली और ग्रीन बेल्ट का विकास
- परिवहन सेवाओं को बेहतर तरीके से जोड़ना
योजना के तहत दिल्ली रोड पर नमो भारत ट्रेन और दो बस अड्डों से संपर्क, जबकि गढ़ रोड पर बस अड्डे और भविष्य में प्रस्तावित मेट्रो परियोजना से जुड़ी सुविधाओं को ध्यान में रखा जाएगा.
आउटर रिंग रोड को मेरठ महायोजना 2031 में किया जाएगा शामिल
मेरठ के बाहरी हिस्सों में विकसित हो रहे हाईवे और कनेक्टर को भी शहरी नियोजन से जोड़ने की तैयारी है. मवाना रोड से दौराला तक बने हाईवे, मवाना रोड से किला रोड होते हुए गढ़ रोड तक के हाईवे और गढ़ रोड से हापुड़ रोड तक निर्माणाधीन हाईवे को मेरठ महायोजना 2031 में शामिल किया जाएगा. एनएचएआई इन मार्गों को हाईवे और कनेक्टर के रूप में दर्ज करता है, जबकि मेरठ विकास प्राधिकरण इन्हें आउटर रिंग रोड नाम देता है.
अभी प्रस्ताव, अंतिम फैसला शासन की अधिसूचना के बाद
फिलहाल तीनों मार्गों को विशेष सुख-सुविधा क्षेत्र घोषित करने की प्रक्रिया प्रस्ताव के स्तर पर है. इसके लिए पहले एमडीए बोर्ड की मंजूरी, फिर शासन की स्वीकृति और अधिसूचना जरूरी होगी. इसके बाद ही अतिरिक्त शुल्क और अन्य शर्तों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी.
ऐसे में इन इलाकों में मकान या व्यावसायिक भवन बनवाने की योजना बना रहे लोगों और बिल्डरों के लिए बोर्ड बैठक का फैसला महत्वपूर्ण रहेगा.
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