MP Weather Update 4 September 2026: मध्य प्रदेश में बारिश का दौर अभी थमता नजर नहीं आ रहा है. शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम केंद्र भोपाल केमौसम विवरण के मुताबिक, पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास बना स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र अगले 24 घंटे में दक्षिण उत्तर प्रदेश और उससे लगे उत्तर मध्य प्रदेश से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ सकता है. इससे प्रदेश के कई जिलों में बारिश की स्थिति बनी रहने की संभावना है.
4 सितंबर को कैसा रहेगा मध्य प्रदेश का मौसम
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 4 सितंबर को रायसेन, सतना, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों में अधिकांश स्थानों पर बारिश हो सकती है. वहीं भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, अनूपपुर, डिंडोरी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा में अनेक स्थानों पर बारिश का अनुमान है.
हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, उज्जैन, देवास, मंदसौर, नीमच और श्योपुरकलां में कुछ स्थानों पर, जबकि खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर और रतलाम में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं.
इन जिलों में सबसे बड़ा अलर्ट
| चेतावनी | जिले |
|---|---|
| अति भारी बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा की तेज हवाएं | दमोह, टीकमगढ़ |
| बहुत भारी बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा की तेज हवाएं | रायसेन, गुना, अशोकनगर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पन्ना, सागर, छतरपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा |
| गरज-चमक, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा की तेज हवाएं | भोपाल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, सिंगरौली, अनूपपुर, शहडोल |
| भारी बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा की तेज हवाएं | विदिशा, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, आगर, शिवपुरी, मुरैना, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, उमरिया, डिंडोरी, बालाघाट, मैहर |
| भारी बारिश, गरज-चमक और वज्रपात | कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला |
ये चेतावनियां 4 सितंबर की सुबह 8:30 बजे तक के पूर्वानुमान पर आधारित हैं.
फ्लैश फ्लड का भी खतरा
अगले 24 घंटे में पूर्वी मध्य प्रदेश के दमोह, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, नरसिंहपुर, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, सिवनी, छिंदवाड़ा और टीकमगढ़ तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश के अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सीहोर और बैतूल के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड का जोखिम बताया गया है. संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में जलभराव या सतही पानी का बहाव हो सकता है.
बारिश का असर क्या
तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और अंडरपास में पानी भरने की स्थिति बन सकती है. नदियों और जलप्रपातों का जलस्तर बढ़ने से निचले पुलों और सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है. तेज हवाओं के दौरान पेड़, बिजली के तार और कमजोर ढांचे भी जोखिम पैदा कर सकते हैं.
किसानों के लिए जरूरी सावधानी
किसानों को बारिश के दौरान सिंचाई, खाद और पौध संरक्षण रसायनों के छिड़काव से बचने की सलाह दी गई है. खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखें और सब्जी, बेलदार तथा युवा फलदार पौधों को सहारा दें. कटी फसल, बीज, खाद और कृषि उपकरणों को वाटरप्रूफ तिरपाल से ढकना बेहतर रहेगा. आंधी या बारिश के पूर्वानुमान के दौरान कटाई, मड़ाई और सुखाने का काम टालने की सलाह है.
आम लोगों के लिए सावधानी
गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास न रहें. संभव हो तो अनावश्यक यात्रा टालें. वाहन चलाते समय गति कम रखें और पुलों तथा खुले ऊंचे रास्तों से सावधानी बरतें. बिजली गिरने की गतिविधि के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बिजली के स्रोत से अलग करने की सलाह दी गई है. पशुओं को तालाब, नदी और अन्य खुले जलस्रोतों से दूर सुरक्षित शेड में रखें.
भोपाल में कैसा रहेगा मौसम
भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में 4 सितंबर की सुबह तक मौसम सामान्यतः मेघमय रहने तथा बिजली चमकने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. औसत हवा की गति 14 से 16 किमी/घंटा और अधिकतम-न्यूनतम तापमान 27°C और 22°C के आसपास रहने का पूर्वानुमान है.
पिछले 24 घंटे में बारिश का हाल
3 सितंबर की सुबह 8:30 बजे तक ग्वालियर, चंबल, रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभागों में अधिकांश स्थानों पर बारिश दर्ज हुई. भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में अनेक स्थानों तथा इंदौर संभाग में कहीं-कहीं बारिश हुई. सबसे अधिक अधिकतम तापमान 32.4°C श्योपुर में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.6°C पचमढ़ी में दर्ज किया गया. राजनगर में 195.2 मिमी, खजुराहो में 178.2 मिमी और पन्ना में 164 मिमी बारिश दर्ज की गई.
अगले 5 दिन का संकेत
मौसम विभाग के बुलेटिन में अगले 5 दिनों के लिए कोई बड़ा बदलाव नहीं बताया गया है. यानी प्रदेश में बारिश की गतिविधियां पूरी तरह खत्म होने के बजाय अलग-अलग इलाकों में जारी रह सकती हैं.
FAQs
1. क्या 4 सितंबर को पूरे मध्य प्रदेश में तेज बारिश होगी?
नहीं. बारिश की तीव्रता और वितरण जिले के हिसाब से अलग रहेगा. कुछ जिलों में अधिकांश स्थानों पर, तो कुछ में केवल कहीं-कहीं बारिश का अनुमान है.
2. सबसे ज्यादा चिंता किन जिलों को करनी चाहिए?
दमोह और टीकमगढ़ में अति भारी बारिश का अलर्ट है. इनके अलावा 13 जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी है.
3. क्या भोपाल में भी बारिश होगी?
हां. भोपाल में गरज-चमक और बारिश की संभावना है, साथ ही 30-40 किमी/घंटा की तेज हवाओं का अलर्ट भी है.
4. क्या बारिश के साथ अचानक बाढ़ आ सकती है?
कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और निचले इलाकों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड का जोखिम बताया गया है. इसलिए नदी-नालों और जलभराव वाले रास्तों से दूरी रखना जरूरी है.
5. किसान अभी कौन सा काम टालें?
बारिश के दौरान सिंचाई, खाद और पौध संरक्षण रसायनों का छिड़काव न करें. कटाई, मड़ाई और सुखाने का काम भी खराब मौसम के दौरान स्थगित करने की सलाह दी गई है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम केंद्र भोपाल


