Weather Update 3 September 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के Forecast Bulletin के अनुसार 3 सितंबर, गुरुवार को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा विदर्भ में भी भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है.
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3 सितंबर को कहां सबसे ज्यादा बारिश का खतरा
IMD के अनुसार 3 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना है. इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, विदर्भ तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, पंजाब, उत्तराखंड तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है.
| क्षेत्र | 3 सितंबर का मौसम अनुमान |
|---|---|
| पूर्वी मध्य प्रदेश | भारी से बहुत भारी बारिश, कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश |
| उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम | भारी से बहुत भारी बारिश |
| विदर्भ | भारी से बहुत भारी बारिश |
| पश्चिमी उत्तर प्रदेश | भारी से बहुत भारी बारिश |
| बिहार | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
| छत्तीसगढ़ | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
| उत्तराखंड | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
| हिमाचल प्रदेश | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
| असम और मेघालय | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
ध्यान देने वाली बात यह है कि IMD की इस राष्ट्रीय बुलेटिन में बिहार के लिए 3 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी राज्य स्तर पर दी गई है. इस दस्तावेज में बिहार के अलग-अलग जिलों के नाम नहीं दिए गए हैं, इसलिए जिला स्तर की सूची को इस बुलेटिन के आधार पर तय नहीं किया जा सकता.
गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का भी असर
बारिश के साथ कई जगहों पर आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है. 3 सितंबर को बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने की संभावना है.
आंध्र प्रदेश में गरज-चमक के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवा के झोंके आ सकते हैं. वहीं आंतरिक कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद और तेलंगाना में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवा के झोंकों की संभावना है. आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं.
इन जिलों में फ्लैश फ्लड का कम से मध्यम जोखिम
IMD के Flash Flood Risk Outlook में 3 सितंबर शाम 5:30 बजे तक कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम बताया गया है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर, प्रयागराज, जौनपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, सोनभद्र और चित्रकूट शामिल हैं. पूर्वी मध्य प्रदेश में सिंगरौली, मऊगंज, रीवा, सीधी, सतना, मैहर, पन्ना, कटनी, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, अनूपपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा और सागर में यह जोखिम बताया गया है.
पश्चिमी मध्य प्रदेश में नर्मदापुरम, बैतूल और रायसेन तथा विदर्भ में गोंदिया, भंडारा और नागपुर भी इस जोखिम वाले क्षेत्रों में हैं. उत्तराखंड के चंपावत, पिथौरागढ़, नैनीताल, बागेश्वर, चमोली, पौड़ी गढ़वाल, देहरादून और टिहरी गढ़वाल में भी कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम बताया गया है.
हिमाचल प्रदेश में मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, सिरमौर, शिमला और चंबा तथा जम्मू-कश्मीर में डोडा, कठुआ और उधमपुर को भी इस सूची में रखा गया है. IMD के मुताबिक पूरी तरह संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में बारिश के कारण सतही पानी का बहाव, जलभराव या पानी भरने की स्थिति बन सकती है.
मौसम बिगड़ने के पीछे क्या स्थिति है
IMD के मौसम विश्लेषण के मुताबिक 2 सितंबर की शाम तक पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बना Well Marked Low Pressure Area उसी क्षेत्र में मौजूद था. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ था और इसके अगले 24 घंटों में दक्षिण उत्तर प्रदेश तथा उससे सटे उत्तर मध्य प्रदेश से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना जताई गई थी. मानसून ट्रफ भी इस सिस्टम से होकर झारखंड, दीघा और आगे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैला था.
भारी बारिश का आम लोगों पर क्या असर होगा
अत्यधिक बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ की स्थिति बन सकती है. पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, मलबा खिसकने और सड़क संपर्क प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है. तेज हवा के कारण पेड़ की शाखाएं टूटने, छोटे पेड़ उखड़ने और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है. IMD ने यह भी बताया है कि भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है तथा दृश्यता में कमी आ सकती है.
बिजली गिरने के दौरान क्या सावधानी रखें
गरज-चमक शुरू होने पर खुले स्थान पर रहने से बचें और जल्द से जल्द सुरक्षित पक्के स्थान पर जाएं. पेड़ के नीचे शरण लेना सुरक्षित नहीं है. बिजली गिरने की आशंका के दौरान इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को unplug करने, जलस्रोतों से बाहर निकलने और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है. मौसम बिगड़ने पर यात्रा या recreational activities को मौसम की स्थिति के अनुसार नियंत्रित करना भी जरूरी है.
किसानों के लिए भी जरूरी अलर्ट
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों को खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की सलाह दी गई है. बिहार में खड़ी फसलों में उचित drainage बनाए रखने और अत्यधिक गीली परिस्थितियों में खेत का काम करने से बचने को कहा गया है. उत्तर प्रदेश में भी जलनिकासी बेहतर रखने तथा बारिश के दौरान सिंचाई, कृषि कार्य, उर्वरक और पौध संरक्षण संबंधी गतिविधियों को टालने की सलाह दी गई है.
मध्य प्रदेश में सोयाबीन, कपास, मक्का और गन्ने के खेतों में पानी जमा न होने देने की सलाह है. छत्तीसगढ़ में धान, मक्का, मूंगफली, मोटे अनाज, दलहन और सब्जियों के खेतों में प्रभावी drainage बनाए रखने को कहा गया है.
4 सितंबर के मौसम का भी असर
3 सितंबर के बाद भी बारिश का दौर कई इलाकों में जारी रह सकता है. 4 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब, पूर्वी राजस्थान, विदर्भ, पश्चिमी मध्य प्रदेश समेत कई क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है. बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल-सिक्किम में गरज-चमक की संभावना भी बनी रहेगी.
सात दिवसीय पूर्वानुमान के मुताबिक बिहार में 2 और 3 सितंबर को व्यापक स्तर पर बारिश की संभावना है, जबकि 4 से 7 सितंबर के बीच बारिश कुछ स्थानों तक सीमित रह सकती है और 8 सितंबर को फिर बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी अगले कई दिनों तक बारिश का दौर बना रहने का अनुमान है.
समुद्र में जाने वाले लोगों के लिए चेतावनी
3 सितंबर को दक्षिण तमिलनाडु तट से लगे कुछ समुद्री हिस्सों, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण श्रीलंका से लगे दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में 45-55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली squally winds के झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. अरब सागर के कुछ हिस्सों में भी ऐसी तेज हवाओं की स्थिति बनी रहने की संभावना है.
FAQ
1. 3 सितंबर को सबसे ज्यादा बारिश कहां हो सकती है?
पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा विदर्भ में भी भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
2. क्या बिहार में भी भारी बारिश होगी?
हां. IMD ने 3 सितंबर को बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है. हालांकि इस राष्ट्रीय बुलेटिन में बिहार के जिलों की अलग-अलग सूची नहीं दी गई है.
3. क्या 3 सितंबर को बिजली गिरने का खतरा भी है?
हां. बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम समेत कई इलाकों में गरज के साथ बिजली चमकने की संभावना है.
4. किन जिलों में फ्लैश फ्लड का जोखिम बताया गया है?
पूर्वी उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर, प्रयागराज, जौनपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, सोनभद्र और चित्रकूट समेत कई जिलों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम बताया गया है. मध्य प्रदेश, विदर्भ, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के भी कई जिले इस सूची में हैं.
5. बारिश के दौरान सबसे जरूरी सावधानी क्या है?
बिजली चमकने पर पेड़ों के नीचे खड़े न हों और सुरक्षित पक्के स्थान पर जाएं. जलभराव और निचले इलाकों से दूरी रखें. मौसम बिगड़ने पर यात्रा और बाहरी गतिविधियों को मौसम की स्थिति के अनुसार सीमित करना बेहतर है.
Source: IMD


