Varanasi-Kolkata Six Lane Highway: उत्तर भारत के विकास की तस्वीर बदलने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है. वाराणसी से कोलकाता को जोड़ने वाले सिक्स लेन हाईवे (NH-319B) को आखिरकार हरी झंडी मिल गई है. लंबे इंतजार के बाद यह प्रोजेक्ट अब जमीन पर उतरने के लिए तैयार है. सफर होगा आधा, सुविधा दोगुनी इस हाईवे के बनने से अब वाराणसी से कोलकाता का सफर 14 घंटे नहीं, बल्कि सिर्फ 6-7 घंटे में पूरा हो सकेगा.
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सिर्फ 6-7 घंटे में तय होगा सफर
इस हाईवे के बन जाने से वाराणसी से कोलकाता की यात्रा समय में बड़ा बदलाव आएगा. अभी जहां यह सफर लगभग 14 घंटे में पूरा होता है, वहीं नई सड़क के जरिए यह दूरी घटकर करीब 6-7 घंटे रह जाएगी, जिससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा.
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इस परियोजना से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच व्यापार और परिवहन को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा. खासकर माल ढुलाई आसान होगी, जिससे उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. हाईवे बनने से हल्दिया बंदरगाह तक पहुंचना आसान होगा, जिससे निर्यात-आयात गतिविधियों में तेजी आएगी. यह मार्ग लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है और देश के पूर्वी हिस्से को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार से बेहतर तरीके से जोड़ेगा.
परियोजना को सात पैकेज में बांटा गया है, जिनमें से पांच पर काम पहले से जारी है. कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया जिलों में तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी लगातार मजबूत हो रही है. रोहतास जिले में टनल निर्माण सबसे बड़ी बाधा बना हुआ था, क्योंकि वन क्षेत्र की वजह से अनुमति नहीं मिल रही थी. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने महंगे टनल प्रोजेक्ट को रद्द कर नया डिजाइन तैयार किया और अब सड़क को सासाराम के पास से निकाला जाएगा.
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नई योजना के तहत कोनकी से लेरुआ गांव तक लगभग 41.955 किमी लंबी सड़क बनाई जाएगी. टनल हटाने से कुल लंबाई करीब 15 किमी बढ़ गई है, लेकिन इससे लागत और तकनीकी चुनौतियां कम हुई हैं, जिससे निर्माण कार्य अब ज्यादा तेजी और सरलता से पूरा किया जा सकेगा. यह परियोजना Hybrid Annuity Model (HAM) के तहत लगभग 2897 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है. इसमें सोन नदी पर 3.5 किमी लंबा पुल और छह छोटे पुल भी शामिल हैं, जो पूरे क्षेत्र में सुगम आवागमन, बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास की नई संभावनाएं खोलेंगे.


