देश में कानूनी गोद लेने के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने एक अनोखी पहल शुरू की है. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत कार्यरत केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) ने MyGov के सहयोग से एक विशेष रील प्रतियोगिता लॉन्च की है. इस प्रतियोगिता का उद्देश्य लोगों को कानूनी गोद लेने की प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना और ऐसी प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाना है जो समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें.
इस अभियान का संदेश बेहद सरल है – “हर बच्चे को एक परिवार का अधिकार है”. इसी विचार को केंद्र में रखकर नागरिकों को वीडियो स्टोरीटेलिंग के माध्यम से अपनी बात रखने का अवसर दिया जा रहा है.
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क्या है यह प्रतियोगिता?
“Stories of Legal Adoption – Every Child Deserves a Family Reel Contest” एक राष्ट्रीय स्तर की वीडियो प्रतियोगिता है. इसमें प्रतिभागियों को 60 से 90 सेकंड की रील या वीडियो तैयार करनी होगी जिसमें कानूनी गोद लेने से जुड़ी वास्तविक या रचनात्मक कहानी प्रस्तुत की जा सकती है.
प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता पैदा करना है. आयोजकों का मानना है कि प्रेरक कहानियां लोगों की सोच बदल सकती हैं और अधिक परिवारों को कानूनी गोद लेने के लिए प्रेरित कर सकती हैं.
किस विषय पर बनानी होगी वीडियो?
प्रतिभागियों को ऐसी कहानी प्रस्तुत करनी होगी जो कानूनी गोद लेने की प्रक्रिया, बच्चों के अधिकारों और परिवार के महत्व को दर्शाए.
वीडियो में निम्न विषय शामिल किए जा सकते हैं:
- वास्तविक गोद लेने की प्रेरणादायक कहानी
- काल्पनिक लेकिन सकारात्मक सामाजिक संदेश वाली कहानी
- बच्चे के जीवन में परिवार के महत्व को दिखाने वाली प्रस्तुति
- कानूनी गोद लेने के प्रति जागरूकता फैलाने वाला संदेश
- बाल अधिकार और पारदर्शी दत्तक ग्रहण प्रक्रिया पर आधारित वीडियो
आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि वीडियो केवल कानूनी गोद लेने को बढ़ावा देने वाली होनी चाहिए.
प्रतियोगिता में भाग लेने के नियम
प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कुछ महत्वपूर्ण शर्तें निर्धारित की गई हैं.
- वीडियो की अवधि 60 से 90 सेकंड होनी चाहिए.
- वीडियो MP4 फॉर्मेट में होना चाहिए.
- न्यूनतम 720p रिजॉल्यूशन आवश्यक है.
- वीडियो वर्टिकल रील फॉर्मेट में होना चाहिए.
- भाषा हिंदी या अंग्रेजी हो सकती है.
- कंटेंट पूरी तरह मौलिक होना चाहिए.
- पहले कहीं प्रकाशित सामग्री स्वीकार नहीं होगी.
- बच्चों या अन्य व्यक्तियों की पहचान दिखाई देने पर आवश्यक अनुमति होना जरूरी है.
कितनी मिलेगी पुरस्कार राशि?
प्रतियोगिता में चयनित शीर्ष 10 प्रतिभागियों को ₹2,000-₹2,000 का नकद पुरस्कार दिया जाएगा. इसके अलावा विजेताओं को CARA और MyGov के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विशेष पहचान भी मिलेगी.
सरकारी मंचों पर पहचान मिलने से प्रतिभागियों को सामाजिक जागरूकता अभियानों में अपनी रचनात्मकता दिखाने का अवसर भी मिलेगा.
कानूनी गोद लेने पर क्यों है जोर?
भारत में कानूनी गोद लेने की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए CARA एक प्रमुख संस्था के रूप में कार्य करती है. यह संस्था किशोर न्याय अधिनियम के तहत गोद लेने की प्रक्रिया को नियंत्रित और मॉनिटर करती है.
विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों के बीच जागरूकता की कमी के कारण कई बार गलत जानकारी फैल जाती है. ऐसे में इस तरह के अभियान कानूनी प्रक्रिया को समझाने और बच्चों के अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ाने में मदद करते हैं.
समाज के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
हर बच्चे को सुरक्षित बचपन, शिक्षा, प्यार और परिवार का माहौल मिलना चाहिए. लेकिन कई बच्चे ऐसे होते हैं जिन्हें परिवार का सहारा नहीं मिल पाता. कानूनी गोद लेने की प्रक्रिया ऐसे बच्चों को नया जीवन और नया परिवार देने का अवसर प्रदान करती है.
सरकार की यह पहल केवल प्रतियोगिता नहीं बल्कि एक सामाजिक संदेश भी है. इसका उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि कानूनी और पारदर्शी गोद लेना बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने का प्रभावी माध्यम हो सकता है.
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कब तक भेज सकते हैं प्रविष्टियां?
प्रतियोगिता 2 जून 2026 से शुरू हो चुकी है और प्रतिभागी 31 अक्टूबर 2026 तक अपनी प्रविष्टियां जमा कर सकते हैं. इच्छुक नागरिक MyGov पोर्टल के माध्यम से प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं.
जो लोग वीडियो निर्माण, सामाजिक विषयों और जनजागरूकता अभियानों में रुचि रखते हैं, उनके लिए यह प्रतियोगिता अपनी रचनात्मकता दिखाने और समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का बेहतरीन अवसर साबित हो सकती है.
Source: MyGov India & Central Adoption Resource Authority (CARA) – Stories of Legal Adoption: Every Child Deserves a Family Reel Contest.


