नई दिल्ली: NEET-UG परीक्षा में हुई कथित धांधली और दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में संसद के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन भी जोरदार हंगामा देखने को मिला. कांग्रेस की अगुवाई में समूचे विपक्षी मोर्चे (INDIA गठबंधन) ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. विपक्ष की स्पष्ट मांग है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक सदन में किसी भी विषय पर चर्चा नहीं होने दी जाएगी. भारी हंगामे के कारण उच्च सदन (राज्यसभा) की कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित करना पड़ा.
32वें दिन भी जारी NEET आंदोलन, CJP बोली- सरकार अहंकार छोड़कर आए जंतर-मंतर
जब तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं, तब तक कोई चर्चा नहीं: खरगे
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सदन के भीतर विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला. खरगे ने दो टूक कहा कि NEET मामले पर निष्पक्ष और पारदर्शी चर्चा तभी संभव है, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें. जब तक इस्तीफा नहीं होता, तब तक सदन में कोई बहस या चर्चा नहीं होगी.
खरगे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर काम कर रही है. पीएम आवास के बाहर हुए प्रदर्शन और नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर उन्होंने कहा कि सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है और पुलिस के साथ मिलकर विपक्ष व छात्रों को डराने का प्रयास कर रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि विपक्ष ऐसी कार्रवाई से डरने वाला नहीं है और लड़ाई जारी रखेगा.
सरकार चर्चा से पीछे नहीं हट रही, विपक्ष का रवैया गैर-जिम्मेदाराना: जेपी नड्डा
विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सरकार का पक्ष रखा. नड्डा ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार पूरी तरह से पारदर्शी है और NEET परीक्षा से जुड़ी तमाम अनियमितताओं पर चर्चा के लिए तैयार है. नड्डा ने विपक्षी हंगामे पर निशाना साधते हुए कहा कि IANDI गठबंधन का यह व्यवहार पूरी तरह से अलोकतांत्रिक और गैर-जिम्मेदाराना है. संसदीय मर्यादा को तार-तार किया जा रहा है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार छात्रों के हित से जुड़े हर मुद्दे पर बात करने को तैयार है, लेकिन विपक्ष केवल जन-विरोधी राजनीति कर रहा है.
काले कपड़े पहनकर संसद परिसर में प्रदर्शन
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में काले कपड़े पहनकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे.
प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल
छात्रों के समर्थन में बोलते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि छात्रों के साथ हो रहा अन्याय और बार-बार पेपर लीक होना देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. एक तरफ शिक्षा का बजट 1.4 लाख करोड़ रुपये है, वहीं दूसरी तरफ बड़े उद्योगपतियों के 16 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ कर दिए जाते हैं. अपने हक के लिए आवाज उठा रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करना पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है.
सदन में जारी लगातार नारेबाजी और गर्मागर्म बहस के बीच राज्यसभा की कार्यवाही को अगले दिन के लिए स्थगित कर दिया गया. संसद से लेकर सड़क तक NEET मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच आर-पार की जंग छिड़ी हुई है.


